चेतन काश्यप के जनसंपर्क में भीड़ गायब

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रतलाम के विधायक चेतन काश्यप चुनाव के लिए जनसंपर्क करने में लगे हैं, लेकिन उनके कार्यक्रमों में जनता दिलचस्पी नहीं ले रही है। काश्यप का जनसम्पर्क अभियान सिर्फ मुख्य मार्गों तक सिमटकर रह चुका है। मुख्य मार्ग से अलग उनकी बैटरी वाली गाड़ी कहीं पहुंचती है तो सिर्फ किसी पार्टी कार्यकर्ता के निवास तक जाने के लिए। बाकी जनता से मिलने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है। जनता का आशीर्वाद लेने के लिए भी वे अपनी गाड़ी से नहीं उतर रहे हैं। जनता को काश्यप का यह रवैया बिल्कुल रास नहीं आ रहा है।

यदि उन्हें सिर्फ कार्यकर्ता और अपनी पार्टी के नेताओं से ही मुलाकात करनी है तो जनसम्पर्क का अर्थ क्या है? सालभर महंगी गाड़ी में घूमने और चुनाव के समय बैटरी वाली गाड़ी का उपयोग करने पर भी जनता तंज़ कस रही है। जनता का कहना है कि कश्यप को पर्यावरण की इतनी ही फिक्र है तो पैदल भी जनसम्पर्क किया जा सकता है अथवा सालभर भी बैटरी वाली गाड़ी से चला जा सकता है। चुनावी सरगर्मी शुरू होने से पहले सब यह मानकर चल रहे थे कि रतलाम से कश्यप की जीत पक्की है, लेकिन जैसे-जैसे प्रचार अभियान आगे बढ़ रहा है कश्यप की बढ़त सिमटती जा रही है। संघ के प्रचारक और  स्वयंसेवक भी इस ज़मीनी सच्चाई को समझ रहे हैं इसलिए काम पर लग चुके हैं।

दूसरी तरफ कांग्रेस की सनातनी उम्मीद्वार प्रेमलता दवे बिना किसी अहंकार के सीधे जनता से जुड़ रही है और विनम्रता से उनका आशीर्वाद ले रही है। चुनाव प्रचार में अभी करीब हफ्ताभर शेष बचा है और ये बाज़ी किसी भी तरफ पलट सकती है, लेकिन इतना सभी तय मानकर चल रहे हैं कि पिछले चुनाव की तुलना में कश्यप की बढ़त बेहद कम हो जाएगी। यदि उनका यह हवाई जनसम्पर्क ऐसे ही चलता रहा तो रतलाम के नतीजों में उलटफेर भी देखने को मिल सकता है।

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