इंदौर के उत्तर भारतीय संगठनों ने की गुजरात हिंसा की निंदा

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इंदौर में रह रहे अप्रवासी उत्तर भारतीय संगठनों ने गुजरात में उत्तर भारत के लोगों के साथ हुई हिंसा की तीव्र निंदा की है। उत्तर भारतीय एवं अप्रवासी बिहारियों के संगठनों ने गुजरात में हो रहे अप्रवासी बिहार, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के श्रमिकों पर हो रहे हमले तथा इन लोगों के गुजरात से पलायन पर चिंता व्यक्त करते हुए विरोध किया है। उन्होंने गुजरात सरकार से इस सन्दर्भ में त्वरित कार्रवाई करने की  मांग की है, जिससे कि अप्रवासी उत्तर भारतीयों के मन में उपजे डर एवं भय को खत्म कर वहां से हो रहे पलायन को रोका जा सके।

गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमलों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर जगदीशसिंह, महासचिव केके झा, प्रदेश सचिव अजय झा, विद्यापति परिषद् के हेमंत झा, साकेत सिंह, मैथिल मंच इंदौर के उदयकांत ठाकुर, मुकेश झा तथा बिहारी सोशल ग्रुप के  विनोद शर्मा ने एक संयुक्त वक्तव्य जारी कर कहा कि गुजरात जैसे शांत प्रदेश में उत्तर भारतीयों के प्रति इस तरह का व्यवहार न सिर्फ घोर निंदनीय बल्कि समाज में नफरत की भावना पैदा कर रहा है।

उन्होंने कहा कि बिहार एवं उत्तरप्रदेश जैसे राज्यों के लोग देश के जिस किसी भी राज्य में जाकर अपना जीविकोपार्जन कर रहे हैं, वह सिर्फ अपना परिश्रम एवं प्रतिभा के बदौलत हैं। अपनी जीविकोपार्जन के साथ-साथ ये उत्तर भारतीय उन राज्यों के चहुंमुखी विकास एवं आर्थिक उन्नति में भी अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।  उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति के आपराधिक कृत्यों के लिए किसी समुदाय या समाज को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं है।

झा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में गुजरात से हो रहे पलायन के कारण वहां के कई उद्योग बंद हो गए हैं और इसका नुकसान सिर्फ एक समुदाय को ही नहीं उठाना पर रहा है, बल्कि इसका असर पूरे राज्य के आर्थिक विकास पर होगा।

-प्रेषक : के के झा

महासचिव, पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान

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