बताए प्राकृतिक इलाज के फायदे

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भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा 18 नवंबर को प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी डे) दिवस घोषित किया गया था। इसी तारतम्य में रविवार को इंदौर स्थित एडवांस योग एवं नेचुरोपैथी हॉस्पिटल में प्राकृतिक चिकित्सा दिवस (नेचुरोपैथी डे) मनाया गया।

मुख्य अतिथि आयुष अधिकारी डॉ.जगदीश पंचोली थे, जिन्होंने उपस्थित लोगों को मिट्टी स्नान के लाभ बताए। डॉ.पंचोली ने कहा कि मिट्टी स्नान व्यक्तियों को जीवन पर्यंत स्वस्थ रखता है और बीमारियों से  छुटकारा दिलाता है। जगदीश पंचोली के साथ उनकी पत्नी आशा पंचोली ने भी महिलाओं को मिट्टी स्नान और सन बाथ के बारे में प्रेरित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आयुष मंत्रालय भारत सरकार सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. एके द्विवेदी ने की। डॉ. द्विवेदी ने प्रतिभागियों को बताया कि मड बाथ के लिए तैयार की गई मिट्टी साधारण मिट्टी न होकर विशेष रूप से तैयार की गई मिट्टी होती है, जिसमें काली, मुल्तानी, लाल मिट्टी, देशी कपूर, नीम की पत्ती का पेस्ट, पंचगव्य यानी गाय का गोबर, गौमूत्र, गाय के दूध का घी, दही एवं दूध मिलाया जाता है।

डॉ. एके द्विवेदी ने मड बाथ की विशेषता बताते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति जिनकी त्वचा ठंड के शुरुआती मौसम में रुखी तथा बेजान हो जाती है और कई लोगों के तो हाथ की अंगुलियां, गाल, होंठ, निप्पल तथा एड़ियों में क्रेक आ जाते हैं या फट जाते हैं। ऐसे लोगों के लिए मिट्टी चिकित्सा या मड बाथ सबसे बेहतर उपाय साबित हो सकता है।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत राकेश यादव, सुरेन्द्र संचार, विवेक पाराशर, दीपक उपाध्याय एवं सुरेशचंद्र बजाज ने किया| कार्यक्रम का संचालन आकांक्षा पगारे एवं आभार केसे जैन ने माना।

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