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Ziro Valley Tourism : अरूणाचल के सौंदर्य के दर्शन जाइरो में

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जाइरो (Ziro Valley Tourism) एक छोटा सा हिल स्टेशन जो अरूणाचल प्रदेश (arunachal pradesh ) के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है जहां धान के खेत, चीड़ पेड़ और प्रकृति का वों सौंदर्य बिखरा हुआ है जो मन को शांति और तन को ताजगी देता है| घने जंगल और आदिवासी संस्कृति के साथ यह छोटा सा नैसर्गिक पर्यटन स्थल समुद्र तल से 1500 मीटर की ऊँचाई पर कई तरह के पौधों और जन्तुओं का घर है|

प्रकृति प्रेमियों के लिये यह एक आदर्श जगह  (Ziro Valley Tourism) है| अपा टनी आदिवासी यहाँ प्रकृति को भगवान मान कर उसी की पूजा करते हैं| खेती, हस्तशिल्प, हैन्डलूम यहाँ के जीवन यापन का मुख्य जरिया हैं| स्थाई आदिवासी अपा टनी खानाबदोशी की बजाय यहाँ रह कर यहाँ के संसाधनों के साथ जीने की कला में माहिर हो चुके है|

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जाइरो (Places To Visit In Ziro Valley ) के प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में हरी-भरी शाँन्त टैली घाटी, जाइरो पुटु, तरीन मछली केन्द्र, कर्दो में स्थित ऊँचा शिवलिंग, अपा टनी द्वारा मनाये जाने वाले आदिवासी पर्व शामिल है| म्योको त्यौहार, मुरुंग त्यौहा, द्री त्यौहार जाइरो के आदिवासियों के जीवन का मुख्य हिस्सा है| जाइरो की जलवायु मौसम के अनुसार बदलती रहती है और पर्यटक साल भर यहाँ आते है| फिर भी सर्दियों को छोड़कर यहाँ सालभर कभी भी आये तो बेहतर है|

कर्दो जंगल का शिवलिंग जिसे सिद्धेश्वर नाथ मन्दिर के नाम से जाना जाता है | 25 फीट ऊँचा तथा 22 फीट चौड़ा शिवलिंग है जो हपोली शहर से 4 किमी की दूरी पर स्थित कर्दो के जंगलों में है| कहा जाता है कि इस विशाल शिवलिंग की खोज श्रावण के पवित्र महीने में की गई थी | हिन्दू कैलेण्डर के अनुसार सावन माह भगवान शिव की विशेष पूजा आराधना के लिए होता है| टैली घाटी एडवेंचर लवर्स के लिए खास है| साहसिक ट्रेकिंग के साथ आप यहाँ चीड़ के सुन्दर जंगल और बाँस, ऑर्किड, रोडोडेन्ड्रॉन और देवदार के पेड़ और जिव जंतुओं को देख सकते है जो पर्यटकों को एक अलग अनुभव देता है|

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टैली घाटी वन्य जीव अभ्यारण्य -टैली घाटी रोमांच पसंद लोगों के लिए परफेक्ट है। यह जगह ट्रेकिंग के लिए फेमस है। टैली घाटी वन्य जीव अभ्यारण्य प्रदेश के जाइरो से करीब 30 किलोमीटर दूर है। इस अभ्यारण्य में वनस्पतियों और जीवों की विशेष किस्म ध्यान आकर्षित करती है। यहां क्लाउडेड तेंदुआ जैसी दुर्लभ प्रजाती के वन्यजीव भी पाए जाते हैं। खास बात यह है कि 337 स्क्वेयर किलोमीटर में फैले इस अभ्यारण्य में से तीन नदियां होकर गुजरती हैं जो यहां का अनुभव यादगार बना देती हैं।

मेघना गुफा मंदिर यहाँ से करीब 10 मिनट कि दुरी पर है| इस 5000 साल पुराने मंदिर और आसपास की खूबसूरत वादियों के दर्शन से आपकी थकन मिट जाएँगी|

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जीरो पुटो (Ziro Puto) एक पहाड़ी है | कभी यहाँ सेना छावनी हुआ करती थी| इस कारन इसे आर्मी पुटो भी कहा जाता है|

पाइन बाग – घाटी का पाइन ग्रोव (Pine Grove) यानी पाइन के पेड़ों का बाग पर्यटकों के बीच बेहद मशहूर है|

डोलो-मांडो हपोली से 2 किलोमीटर की दूरी पर है| डोलो-मांडो ट्रेकर्स के बीच बड़ा चर्चित है| यहां से पुराने शहर का नजारा देखना एक दिलचस्प एहसास है|

 

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