भारत का सबसे छोटा हिल स्टेशन माथेरान

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बारिश का मजा लेने के लिए अभी तक लोग चेरापूंजी और मासिनराम जाते थे। लेकिन इस जगह तेज बारिश के बाद एक नए हिल स्टेशन का नाम तेजी से मशहूर हो रहा है (Matheran Tourism 2019)। वैसे तो यह जगह प्राकृतिक नजारों से समृद्ध है ही लेकिन अब इस जगह को भारत के सबसे ज्यादा वर्षा वाले क्षेत्र में गिना जाने लगा है। जानें वो कौन सा हिल स्टेशन है जिसकी हम बात कर रहे हैं।

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महाराष्ट्र में बसा है एक छोटा सा हिल स्टेशन माथेरान (Matheran Tourism 2019)। लगभग 2650 फुट की ऊंचाई पर बसे इस जगह की छटा ही निराली है। महाराष्ट्र में हो रही लगातार बारिश के बाद ये जगह भारत की सबसे ज्यादा वर्षा वाली जगह बन गई है।

माथेरान में 440 मिमी के करीब बारिश हो चुकी है। अभी यहां और बारिश का अनुमान किया गया है। इस छोटे से हिल स्टेशन पर देखने के लिए आपको बहुत कुछ मिल जाएगा (Matheran Tourism 2019)। यहां के हार्ट पॉइंट से आप मुंबई की चमचमाती रात को निहार सकते हैं। इसके साथ ही यहां पर बहुत से पॉइंट है जैसे मंकी पॉइंट, प्रौक्यूपाइन पॉइंट और वन ट्री पॉइंट।

यहां पर बने पेनोरमा पॉइंट से आपको 360 डिग्री के एंगल से दृश्य नजर आता है। इन सब के अलावा यहां पर एक झील भी है। इस झील के किनारे आप आराम से बैठकर प्रकृति की खूबसूरती को निहार सकते हैं। माथेरान बहुत ही खूबसूरत जगह है। इस जगह पर जाकर आपको अद्भुत शांति का एहसास होगा।

इस जगह की खासियत यह है कि यहां पर वाहनों का प्रवेश वर्जित है, केवल एंबुलेंस ही जा सकती है। इस वजह से यहां पर बहुत ही शांति रहती है और प्रदूषण न के बराबर रहता है (Matheran Hill Station Tourism)। और आप इस जगह की खूबसूरती को देखकर आश्चर्यचकित रह जाएंगे।


माथेरान एक ऐसा हिल स्टेशन है, जिसे देश का सबसे छोटा हिल स्टेशन माना जाता है. यह महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित है और दुनिया की उन गिनी-चुनी जगहों में से एक है, जहां खतरनाक रास्ते होने के कारण किसी भी किस्म की गाड़ियां ले जाने पर सख्त प्रतिबंध है। पर्यटकों को यहां जाने के लिए ट्वॉय ट्रेन का इस्तेमाल करना पड़ता है, जो ऊंचे पहाड़ों के किनारे बेहद कठिन रास्तों से होकर गुजरती है।

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घुमावदार रेल ट्रैक और उसके एक किनारे बेहद खतरनाक खाई, आप सोच सकते हैं कि यह सफर जान जोखिम में डालने जैसा है (Matheran Tourism 2019)। मगर बताया जाता है कि खाई के किनारे ट्रेन चलाने वाले ड्राइवर को यहां खास ट्रेनिंग दी जाती है, जो बेहद सावधानी से ट्रेन को खाई के बगल से ले जाता है। सफर के पहले पर्यटकों को भी इस रूट पर सावधानी बरतने की चेतावनी दी जाती है।

वैसे तो यहां पूरे साल प्रकृति के अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं, मगर बारिश के मौसम में कच्चीत सड़कों पर फिसलने का खतरा रहता है। हालांकि इस मौसम का भी अपना अलग मजा है। बारिश में यहां के पहाड़ वाटर फॉल में बदल जाते हैं।

माथेरान को पॉल्यूशन फ्री हिल स्टेशन भी कहा जाता है। मोटर गाड़ियां, प्लास्टिक बैग्स बैन होने के कारण यहां पॉल्यूशन नहीं होता है। वैसे यहां सवारी के लिए घोड़े, खच्चर, हाथ से खींचने वाले रिक्शे और पालकी उपलब्ध रहते हैं, लेकिन आप चाहें तो पैदल घूम कर भी पूरे हिल स्टेशन का मजा ले सकते हैं।

माथेरान में देखने के लिए 20 से ज्यादा व्यू प्वाइंट, झीलें और पार्क हैं, जिनमें मंकी प्वाइंट, इको प्वाइंट, मनोरमा प्वाइंट, सनराइज और सनसेट प्वाइंट प्रमुख हैं।


मुंबई के करीब नेरुल जंक्शन से दो फुट चौड़ी नैरो गेज लाइन पर चलने वाली ट्वॉय-ट्रेन लगभग 21 किमी का सफर तय कर सवारियों को माथेरान बाजार के बीच स्थित रेलवे स्टेशन तक पहुंचाती है (Matheran Hill Station Tourism)। यह ट्वॉय ट्रेन देश के सबसे घुमावदार रेल पाथ पर चलती है, जिसका ग्रेडियंट 1:20 है।

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-Mradul tripathi

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