प्रकृति का उपहार हैं ये जगहें

0

यदि आप शहरी जीवन से तंग आ गए हैं और किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं, जहां भरपूर शांति और सुकून मिले तो आपके लिए नॉर्थ ईस्ट की एक जगह परफेक्ट रहेगी| आप सिक्किम घूमने की प्लानिंग कर सकते हैं| इसके साथ ही घूम सकते हैं नॉर्थ-ईस्ट की कई दूसरी खूबसूरत जगहें|

सिक्किम में दूर तक फैले प्रकृति के खूबसूरत नज़ारे आपको किसी ऐसी दूसरी दुनिया में ले जाएंगे, जहां से आप वापस नहीं आना चाहेंगे| बद्धिग्रा एयरपोर्ट से 125 किमी दूर 5 घंटों का सफर तय करके आप गंगटोक पहुंच सकते हैं, जो सिक्किम की राजधानी  है| यदि आप चाहें तो एयरपोर्ट से गंगटोक के लिए हेलिकॉप्टर सर्विस भी ले सकते हैं| देश के पूर्वोत्तर इलाके की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है सिक्किम| इलाके का अप्रतिम सौंदर्य हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है| सिक्किम की राजधानी गंगटोक इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाता है| गंगटोक में चारों तरफ फूल और पहाड़ हैं|

सिक्किम में दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंघा भी है| यहां ताशी व्यूप्वाइंट से नदी-पहाड़ों को निहारने का रोमांच आपको तरोताज़ा कर देगा| ताशी गंगटोक से 8 किलोमीटर दूर है| यहां से खूबसूरत हिमालय पर्वतों का नज़ारा देखने को मिलता है|

गंगटोक से 40 किलोमीटर की दूरी पर सोमगो झील है, जो चारों ओर से बर्फीली पहाड़ियों से घिरी हुई है| सुरक्षा कारणों से इस झील को एक घंटे से अधिक देर तक नहीं घूमा जा सकता है|

यदि आप गंगटोक घूमने का पूरा लुत्फ़ उठाना चाहते हैं तो इस शहर को पैदल घूमें| यहां से कंचनजंघा का नज़ारा बहुत ही आकर्षक लगता है| इसे देखने पर ऐसा लगता है मानो यह पर्वत आकाश से सटा हुआ है और हर पल अपना रंग बदल रहा है|

गंगटोक के प्रमुख आकर्षणों में से एक है दो द्रूल चोर्टेन| इसे सिक्किम का सबसे महत्वपूर्ण स्तूप माना जाता है| दो द्रूल चोर्टेन की स्थापना त्रुलुसी रिमपोचे ने 1945 ई. में की थी| त्रुलुसी तिब्बतियन बौद्ध धर्म के नियंगमा संप्रदाय के प्रमुख थे|

Share.