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Kausani Tourism : भारत का स्विट्जरलैंड “कौसानी”

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कौसानी (Kausani) उत्तराखंड का एक खूबसूरत पहाड़ी शहर हैं जो अल्मोड़ा से 53 किमी और काठगोदाम से 65 किमी की दूरी पर स्थित हैं (Kausani Tourism)। कौसानी त्रिशूल और नंदा देवी की बर्फ से ढकी चोटियों के आकर्षक दृश्यों को प्रस्तुत करता है। देवदार और पाइंस की वनस्पतियों से ढकी हुई गढ़वाल हिमालय की शानदार पहाड़ियों के लुहावने दृश्य पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं।

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पुराने समय में कौसानी को वालना के नाम से जाना जाता था। यह शहर सबसे ज्यादा उस समय प्रसिद्ध हो गया था जब 1929 में महात्मा गांधी ने अनासक्ति योग पर अपने कम को पूरा करने के लिए इस गाँव को अपना अस्थायी निवास स्थान बनाया था। इसके अलावा यह स्थान हिंदी कवि सुमित्रानंदन पंत के लिए भी जाना जाता है (Kausani Tourism)। इसकी प्राकृतिक सुंदरता को देखते हुए महात्मा गाँधी ने इसे “भारत का स्विट्जरलैंड” कहा था। शुरुआत में कौसानी शहर कुमाउनी और गढ़वाली समुदायों द्वारा बसाया गया था, जो अल्मोड़ा जिले का एक हिस्सा था, लेकिन जब साल 2000 में उत्तराखंड को एक अलग जिले के रूप में बनाया तो कौसानी इसका एक हिस्सा बन गया था।

कौसानी उत्तराखंड का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है जो हिमालय के आकर्षक दृश्यों को प्रस्तुत करता है। वैसे तो कौसानी अपने आप में एक बहुत खास पर्यटन स्थल है लेकिन अगर आप कौसानी घूमने आ रहे हैं तो इसके पास की इन 5 जगहों पर भी घूम सकते हैं।

रुद्रधारी जलप्रपात और गुफाएँ-
रुद्रधारी फाल्स कौसानी से सिर्फ 12 किलोमीटर दूर एक खास पर्यटन स्थल है जो धान के खेतों और देवदार के जंगलों से घिरा हुआ है। आदि कैलाश क्षेत्र में ट्रैकिंग कर आप इस जगह के प्राचीन गुफाओं के रहस्यों के बारे में जान सकते हैं। रुद्रधारी फाल्स के बारे में बताया जाता है कि इस जगह का भगवान शिव और विष्णु से संबंध है, यहां झरने के निकट भगवान शिव को समर्पित सोमेश्वर का मंदिर स्थित है।

दर्शनीय स्थल बैजनाथ मंदिर –बैजनाथ शहर कौसानी से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जो कौसानी के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक हैं। यह ऐतिहासिक शहर कई प्राचीन मंदिरों और धार्मिक स्थलों से सजा हुआ है। यह शहर कभी कत्युरी राजवंश की राजधानी के रूप में कार्य करता था। बैजनाथ मंदिर का निर्माण 12 वीं शताब्दी के दौरान किया गया था और पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शिव और पार्वती का विवाह यहां गूर नदी और गोमती नदी के संगम पर हुआ था।

कौसानी की खूबसूरत जगह ग्वालदम- ग्वालदम, गढ़वाल और कुमाऊं के बीच बसा एक सुंदर विचित्र गाँव है। जो कई जंगलों और छोटी झीलों से भरा हुआ है। 1700 मीटर की ऊंचाई पर देवदार के जंगलों और सेब के बागों के बीच स्थित यह गाँव नंदादेवी, त्रिशूल और नंदादेवी जैसी चोटियों के कुछ विस्तृत और मनोहारी नजारों को दिखाता है।

सुमित्रानंदन पंत संग्रहालय- सुमित्रानंदन पंत संग्रहालय एक कलात्मक एक जगह है, जो अपने आप में एक अलग ही दुनिया है। कौसानी में जन्में सिद्ध हिंदी कवि को समर्पित यह संग्राहलय उनके रचनात्मक कार्यों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रस्तुत करता है। यहां पर अंग्रेजी और हिंदी में उनकी पुस्तकों का एक बड़ा संग्रह कांच की अलमारियों रखा गया है। हर साल उनकी सुमित्रानंदन पंत जयंती के मौके पर संग्रहालय में एक काव्य चर्चा का आयोजन किया जाता है।

कौसानी टी एस्टेट- कौसानी टी एस्टेट एक ऐसी जगह है जो प्रकृति और चाय प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग के सामान है। आप इस जगह पर आकर प्राकृतिक के बेहद करीब होने का एहसास करेंगे (Kausani Tourism)। मुख्य शहर से 5 किमी दूर स्थित कौसानी टी एस्टेट 208 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैली हुई है। यहां पर आप अलग स्वाद वाली चाय का स्वाद ले सकते है और उसे खरीद सकते हैं। नवंबर से मार्च कौसानी टी एस्टेट बंद रहता है।

कौसानी जाने का सबसे अच्छा समय- अगर आप कौसानी हिल स्टेशन जाने के अच्छे समय के बारे में जानना चाहते हैं तो बता दें कि यहां जाने का सबसे अच्छा समय अप्रैल- जून और अक्टूबर – फरवरी महीनों के बीच का होता है। कौसानी अपनी भौगोलिक स्थिति और घनी वनस्पति के कारण अप्रैल से जून के अंत तक कई पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करता है। इस समय इस हिल स्टेशन की जलबायु बहुत सुखद होती है, जिससे की आप इस पर्यटक स्थल को अच्छी तरह से एक्स्प्लोर कर सकते हैं। अक्टूबर से फरवरी तक यहां सर्दियों का मौसम होता है जो कौसान की यात्रा के लिए एक अच्छा समय है।

कौसानी उत्तराखंड में स्थित एक छोटा सा हिल स्टेशन है, जहाँ के होटल और उसके रेस्तरां में भारतीय, चीनी और कुछ खास व्यंजनों सहित कई व्यंजनों में भोजन परोसते हैं। हालांकि यहां के प्रमुख रेस्तरां होटलों के बाहर कम ही देखने को मिलते हैं। इसके अलावा आप स्वादिष्ट भोजन परोसने वाले कुछ ढाबों और सड़क के किनारे मिलने वाले स्ट्रीट फूड का स्वाद भी चख सकते हैं।

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कौसानी कैसे पहुँचे-
कौसानी का निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर हवाई अड्डा है जो कौसानी से 162 किलोमीटर दूर है। इस हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद आप बाहर से टैक्सी किराए पर लेकर आसानी से अपनी मंजिल तक पहुँच सकते हैं (Kausani Tourism)। कौसानी के निकटतम प्रमुख हवाई अड्डे देहरादून और नई दिल्ली में हैं

 

कौसानी के लिए उत्तराखंड के पडोसी राज्यों से नियमित बसें चलती हैं अगर आप दिल्ली से यात्रा कर रहे हैं तो आप वहां से चलने वाली नियमित बसों की मदद ले सकते हैं। दिल्ली से कौसानी के लिए दो मार्ग 433 किलोमीटर और 405 किलोमीटर के हैं दोनों से आप अपनी सुविधा अनुसार सफर कर सकते हैं।

कौसानी का प्रमुख रेलवे स्टेशन 132 किलोमीटर की दूरी पर काठगोदाम रेलवे स्टेशन है। यह स्टेशन भारत के प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता आदि से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है (Kausani Tourism)। इस जगह के लिए आपको लगातर ट्रेन मिल जायेंगी। ट्रेन के माध्यम से काठगोदाम पहुंचने के बाद आप बस या टैक्सी से कौसानी पहुंच सकते हैं।

कौसानी शहर के अंदर टैक्सी किराए पर लेकर इसके आसपास के खास पर्यटन स्थलों को आसानी से घूम सकते हो।

(इंटरनेट के माध्यम से प्राप्त जानकारी )

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-Mradul tripathi

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