इन गांवों को देखकर काश्मीर भी भूल जाएंगे आप

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काश्मीर को भारत का स्वर्ग कहते हैं| आपने अभी तक सिर्फ काश्मीर की ही ख़ूबसूरत घाटियों के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे देश में काश्मीर के अलावा भी ऐसे गांव हैं, जिनकी खूबसूरती के बारे में जानने के बाद आप काश्मीर को भी भूल जाएंगे| आज हम आपको ऐसे ही गांवों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी खूबसूरती काश्मीर से भी ज्यादा है|

शिलॉन्ग

मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर बसे इस गांव की खूबसूरती देखते ही कोई भी इसका दीवाना हो जाएगा| यदि आप वहां जाएंगे तो आपको भी लगेगा कि काश आप वहीं बस जाते| वहां आपको पेड़ों की जड़ों से बने कई पुल मिल जाएंगे|

खोनोमा

कोहिमा से 20 किलोमीटर दूर खोनोमा प्रकृति की गोद में बसा हुआ है| खोनोमा को एशिया का सबसे पहला हरा-भरा गांव घोषित किया गया| वहां के 100 से ज्यादा अलग-अलग प्रजाति के वन्य प्राणी और खूबसूरत जीव-जंतु आकर्षण का केंद्र बनते हैं| यहां की ख़ास बात यह है कि खानोमा का हर एक घर एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है| यहां के हर घर के दरवाजे पर एक सींग लटकाया जाता है जो गांववालों की सुरक्षा का प्रतीक है|

स्मित

शिलांग से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर वादियों में बसा स्मित प्रकृति की खूबसूरती का अनूठा उदाहरण है| यहां की ताजगी और हरियाली आपके जीवन से तनाव को कम करने के लिए कारगर है| इसे प्रदूषण मुक्त गांव का दर्जा भी मिल चुका है| यहां के लोग सब्जी और मसालों की खेती करते हैं|

मिरिक

मिरिक समुद्र तल से लगभग 4905 फीट की ऊंचाई पर बसा है| यह दार्जिलिंग के पश्चिम में स्थित है, जहां आपको प्रकृति की अद्भुत रचना दिखेगी| देवदार से घिरी मिरिक झील यहां के नजारों को और भी खूबसूरत बना देती है|

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