सावन में देश के प्रसिद्ध शिव मंदिर, आप भी जाएं

0

सावन में शिव भक्तों के लिए बाबा की भक्ति का अलग महत्व होता है। हिंदू कैलेंडर में सावन पांचवा महीना होता है, जो बेहद ही शुभ माना जाता है| यह महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस महीने में ही कांवड़ यात्रा भी शुरू होती है, जिसमें जल और दूध लेकर शिवभक्त शिवलिंग पर चढ़ाने निकलते हैं| सावन के महीने में श्रद्धालु भगवान शिव के प्रसिद्ध मंदिरों का रुख करते हैं। भारत में कई ऐसे प्राचीन शिव मंदिर हैं,  जो हिंदू मान्यताओं  के अनुसार काफी महत्व रखते हैं। आज हम आपको ऐसे ही प्रसिद्ध शिव मंदिरों करवा रहे हैं, जहां आप सावन के महीने में जाकर दर्शन लाभ ले सकते हैं।

महाकाल ज्योतिर्लिंग, उज्जैन (मध्यप्रदेश)

उज्जैन को महाकाल की नगरी कहा जाता है। यह मध्य भारत में स्थित देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। सावन में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का तांता लगता है। उज्जैन में महाकाल के दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग पहुँचते हैं। मान्यता है कि भगवान् महाकाल काल के देवता है और उनके दर्शन मात्र से मृत्यु का भय दूर हो जाता है| महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए कई बड़ी हस्तियां भी पहुंचती है| सावन सोमवार के लिए एक दिन पहले से ही मंदिर  के बाहर भक्तों की भीड़ इस मंदिर में देखी जा सकती है|

ओमकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, ओमकारेश्वर(मध्यप्रदेश )

यह 12 ज्योतर्लिंगों में से एक है| यह शिवपुरी नाम के एक छोटे से टापू पर बना है, जो खुद भी ओम के आकार का है। सावन महीने के दौरान खास पूजा अर्चना के लिए दुनियाभर से श्रद्धालु यहां आते हैं।

काशी विश्वनाथ मंदिर (उत्तर प्रदेश )

गंगा नदी के किनारे स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी में स्थित है। यह दुनिया के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है| इस मंदिर का इतिहास 3500 साल से ज्यादा पुराना है। सावन के महीने में हर सोमवार को मंदिर में अलग-अलग तरह की सजावट देखने को मिलती है। मंदिर में झूला श्रृंगार देखने हजारों श्रद्धालु प्रतिवर्ष पहुंचते हैं।

सोमनाथ मंदिर (गुजरात )

गुजरात में सावन का महीना उत्तर भारत के मुकाबले पहले ही शुरू हो जाता है। सोमनाथ का मंदिर एक प्राचीन शिव मंदिर है, जिसका भारत की ऐतिहासिक किताबों में भी उल्लेख है।यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।

त्र्यंकेश्वर ( महाराष्ट्र )

इस मंदिर की खास बात इसके तीन चेहरे हैं, जो भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को प्रदर्शित करते हैं। सावन के महीने को यहां बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। सावन के महीने में यहां शिवलिंग को पानी चढ़ाना काफी शुभ माना जाता है| खासतौर से सोमवार के दिन इसे और भी शुभ माना जाता है।

लिंगराज मंदिर (ओडिशा )

यह भुवनेश्वर का सबसे बड़ा मंदिर है और भगवान शिव को समर्पित प्रत्येक दिन को यहां बड़ी श्रद्धा और धूमधाम से मनाया जाता है। सावन के महीने में श्रद्धालु महानदी से पानी लाकर शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। सावन के महीने में सोमवार के दिन यहां खास पूजा अर्चना होती है।

Share.