वे रहस्य, जिन्होंने फेल किए साइंस के फैक्ट

0

हमारी पृथ्वी बहुत ही अजूबों से भरी हुई है। हमारी दुनिया में कई ऐसे रहस्य हैं, जिनके सामने साइंस ने भी हार मान ली है। दुनिया में  कई ऐसी रहस्यमय जगहें हैं और कई रहस्यमयी घटनाएं हुई हैं, जिनका आज तक पता नहीं चल पाया है। आज हम ऐसी ही  प्राकृतिक घटनाओं और रहस्यों के बारे में जानेंगे, जिनके सामने साइंस ने भी घुटने टेक  दिए हैं।

अकेले सफ़र कर रही महिलाएं इन बातों का रखें ध्यान

1 )  सबसे पहले जो जगह है, वह है ‘डोर टू हेल ‘ | यह एक नरक का दरवाज़ा है। यह जगह तुर्कमेनिस्तान के दरवेज़े गांव में स्थित  है| 230 फीट चौड़े और 65 फीट गहरे क्रेटर में 1971 से लगातार आग जल रही है।(Mysteries, Factors That Fell The Science) सोवियत संघ के वैज्ञानिक इस डेज़र्ट एरिया में ऑइल और गैस की खोज करने के लिए आए थे| उन्होंने यहां ड्रिलिंग करना शुरू किया| ड्रिलिंग शुरू करने के कुछ देर बाद यह जगह ढह गई और  क्रेटर से बहुत ज्यादा मात्रा में मिथेन गैस निकलने लगी | मिथेन गैस एक ग्रीनहाउस गैस है, जिसका  वातावरण और मानव दोनों पर प्रतिकूल असर होता है इसलिए इस मिथेन गैस को बाहर निकलने से रोकना ज़रूरी था।  वैज्ञानिक के पास सिर्फ दो ही तरीके थे या तो इसे  बंद किया जाए या फिर इस मिथेन गैस को जला दिया  जाए| वैज्ञानिकों ने दूसरा तरीका अपनाया और इस क्रेटर में आग लगा दी। उनका सोचना था कि कुछ दिन में सारी मिथेन गैस जल जाएगी  और आग  बुझ जाएगी, पर वैज्ञानिकों का यह अंदाज़ा गलत निकला और यह आग आज तक नहीं बुझ पाई।

‘गार्डन सिटी’ Silvassa का टूर

2 ) क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी भी जगह हैं, जहां पर अपने-आप खिसकने वाले पत्थर  पाए जाते हैं। पूर्वी कैलिफोर्निया में एक ऐसा रेगिस्तान है, जहां  पर अपने-आप खिसकने वाले पत्थर  पाए जाते हैं ,जो बिना किसी की मदद से खिसकते रहते हैं ।(Mysteries, Factors That Fell The Science) इस जगह का नाम ‘डेथ वैली’ हैं । यह एक ऐसा रेगिस्तान है, जहां  का तापमान सबसे ज़्यादा रहता है । यह उत्तरी अमेरिका का सबसे गर्म और सूखा स्थान है। यह एक ऐसी जगह है , जहां वैज्ञानिकों को हमेशा कुछ न कुछ चौंकाने वाली चीज मिलती रहती है। इन खिसकते पत्थरों को ‘Sliding Stones’ के नाम से जाना जाता है| खिसकते हुए यह पत्थर वैज्ञानिकों के लिए एक ऐसी पहेली बनी हुई है, जिसे अब तक सुलाझाया नहीं गया है। यहां के रेसट्रैक क्षेत्र में 320 किलोग्राम तक के पत्थरों को एक जगह से दूसरी जगह जाते हुए देखा गया है।

लेह-लद्दाख में ‘सिंधु दर्शन फेस्टिवल’ का आनंद

3 ) क्या अपने देखी है कभी लाल रंग की बारिश दरअसल, हम बात कर रहे हैं केरल में हुई खून की बारिश की। प्रकृति का ऐसा रूप देखकर लोगों को समझना मुश्किल हो गया कि आखिर ऐसा कैसे हुआ। आज तक यह घटना एक अनसुलझी पहेली बनी है। वैज्ञानिक आज भी इस बात को नहीं समझ पाए हैं कि यह लाल रंग की बारिश कैसे हुई थी पहले वैज्ञानिकों को यह लगा कि यह आसमान से रंगबिरंगा पानी बरसना कोई बड़ी बात नहीं है। यह बारिश और प्रदूषण की वजह से हुआ होगा।(Mysteries, Factors That Fell The Science) फिर यह बात फैली कि यह सिर्फ़ लाल पानी नहीं बल्कि इसमें जीवन होने के साक्ष्य भी मौजूद हैं। जब इस पानी को वैज्ञानिकों ने टेस्ट किया तो उसमें कुछ सामने नहीं आया, लेकिन इसकी दोबारा जांच की गई तो सैंपल में साइंटिस्ट को 6 डीएनए सैंपल दिखाई देने लगे। फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस शुरू हो गई और दावा किया जाने लगा कि इसका संबंध एलियंस से हो सकता है। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं है कि बारिश क्यों और कैसे हुई थी।

4 ) कहते हैं पानी का कोई रंग नहीं होता, लेकिन  ऑस्ट्रेलिया में एक झील है, जिसका पानी गुलाबी है।  इस वजह से इसे ‘पिंक लेक’ के नाम से जाना जाता है।  दरअसल , इस झील में नमक की मात्रा बहुत ज्यादा है ।(Mysteries, Factors That Fell The Science) ऐसे में झील पर जैसे – जैसे सूरज की किरणें पड़ती हैं वैसे-वैसे इस झील  का रंग बदलता रहता है। वैसे देखा जाए तो इस झील का आकार काफी बड़ा भी नहीं है, पर कहीं न कहीं यह ऑस्ट्रेलिया आए लोगों को अपनी ओर आकर्षित ज़रूर करती है। यह झील बाकी झीलों के मुकाबले आकार में काफी छोटी है और इसका क्षेत्रफल केवल 600 मीटर का है।

 

Share.