ये हैं भारत के प्रसिद्ध गुरुद्वारे

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भारत में सिख धर्म एक महत्वपूर्ण और व्यापक रूप से प्रचलित धर्म है। पूरे भारत में सिख धर्म को मानने वाले अनुयायी है। जैसे हिंदू धर्म में मंदिर होते है, मुस्लिम धर्म स्थलो में मस्जिद कहा जाता है। ऐसे ही सिख धार्मिक स्थलों को गुरुद्वारे कहा जाता है। देश हो विदेश घूमने के शौकीन लोगों के बीच भारत के धार्मिक और ऐतिसाहिक भी काफी मशहूर है। इस कड़ी में हम आपको बताने जा रहे है भारत के प्रसिद्ध गुरुद्वारे, जहां मत्था टेकने जाना एक बार तो बनता है।

– गुरुद्वारा हरमिंदर साहिब, पंजाब

हरमिंदर साहिब, जिसे दरबार साहिब या स्वर्ण मंदिर भी कहा जाता है। यह पंजाब के अमृतसर शहर में स्थित है। स्वर्ण मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। इतना ही नहीं, स्वर्ण मंदिर की नींव एक मुसलमान ने रखी थी। इतिहास के मुताबिक, सिखों के पांचवें गुरु अर्जुनदेवजी ने लाहौर के एक सूफी संत साईं मियां मीरजी से दिसंबर 1588 में गुरुद्वारे की नींव रखवाई थी।

हेमकुंड साहिब, उत्तराखंड

गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब उत्तराखंड के चमोली जिले में है। यह हिमालय में 4632 मीटर की ऊंचाई पर एक बर्फीली झील के किनारे सात पहाड़ों के बीच स्थित है। यह गुरुद्वारा काफी सुंदर होने के साथ बेहतरीन वास्तुकला का भी उदाहरण है।

– हजूर साहिब, महाराष्ट्र

हजूर साहिब सिखों के 5 तख्तों में से एक है। यह महाराष्ट्र के नांदेड़ नगर में गोदावरी नदी के किनारे स्थित है। गुरुद्वारे के भीतर कमरे को अन्गिथा साहिब कहा जाता है। कहा जाता है कि इसी स्थान पर गुरु गोबिंदसिंह का अंतिम संस्कार किया गया था। महाराजा रणजीत के आदेश के बाद इस गुरुद्वारे का निर्माण 1832-1837 के बीच हुआ था।

– तख़्त श्री दमदमा साहिब, पंजाब

गुरुद्वारा श्री दमदमा साहिब सिखों के पांच तख्तों में से एक है। यह पंजाब के बठिंडा से 28 किमी दूर दक्षिण-पूर्व के तलवंडू सबो गांव में स्थित है। मुगल अत्याचारों के खिलाफ लड़ाई लड़ने के बाद गुरु गोबिंदसिंह यहां आकर रुके थे। इस वजह से इसे गुरु की काशी के रूप में भी जाना जाता है।

– गुरुद्वारा श्री केश्घर साहिब, पंजाब

श्री केश्घर साहिब, पंजाब के आनंदपुर शहर में स्थित है। आनंदपुर शहर की स्थापना सिखों के 9वें गुरु तेगबहादुर ने की थी। साथ ही यह गुरुद्वारा सिख धर्म के खास 5 तख्तों में से एक है।

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