वन विहार नेशनल पार्क भोपाल की सैर

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अगर आप वन विहार घूमने का प्लान बना रहे हैं और जानना चाहते हैं कि आप वन विहार कैसे पहुँच सकते हैं, तो इसके लिए हम आपको बताना चाहेंगे कि वन विहार मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal Van Vihar National Park) के बिलकुल केंद्र में स्थित है जिसकी वजह से आप यहां आसानी से पहुँच सकते हैं। वन विहार के दो प्रवेश द्वार हैं, जिनके नाम है चीकू द्वार और रामू द्वार।
चीकू द्वार से वन विहार जाने के लिए आपको इसके निकटतम बस स्टॉप किलोल पार्क पर उतरना होगा। इस पार्क के लिए आप लेक रोड पर भी जा सकते हैं, क्योंकि वन विहार पार्क, लेक रोड़ के आखिरी छोर पर स्थित है।
अगर आप रामू द्वार से वन विहार जाना चाहते है तो इसके सबसे करीब भदभदा ब्रिज़ स्थित है। यहां से आप निजी वाहन, ऑटो या कैब की मदद से वन विहार पंहुच सकते हैं। क्योंकि इस द्वार तक कोई सार्वजनिक परिवहन नहीं जाता। पार्क आने के बाद आप यहां घूमने के लिए साइकिल किराये पर ले सकते हैं।

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वन विहार, भोपाल का राष्‍ट्रीय उद्यान है (Bhopal Van Vihar National Park)। यह पार्क 445 हेक्‍टेयर के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसे ऐसी जगह बनाया गया है जहां से पूरा शहर साफ दिखाई देता है। यह स्‍थल, भोपाल आने वाले पर्यटकों के बीच विख्‍यात जगह है, हर साल हजारों पर्यटक यहां की सैर के लिए आते है। इस राष्‍ट्रीय पार्क में साल भर घास के मैदान, हरे – भरे रहते है। इस पार्क में शाकाहारी और मांसाहारी की विस्‍तृत विविधता का घर है जो यहां के प्राकृतिक निवास में रहते है। हालांकि, यह पार्क एक छोटा सा चिडियाघर भी कहलाया जा सकता है, यहां जू की तरह काफी जानवर है।

वन विहार की खासियत:-
वन विहार नेशनल पार्क की सबसे खास बात यह है कि इसमें ज्यादातर रहने वाले जानवर ऐसे हैं, जो या तो अनाथ हैं या फिर इन्हें किसी दूसरे चिड़िया घर लाया गया है। इस राष्ट्रीय उद्यान के लिए किसी भी जानवर को जानबूझकर जंगल से नहीं पकड़ा गया है। वन विहार दूसरे नेशनल पार्क से अलग इसलिए है क्योंकि इस पार्क में आने वाले पर्यटक सड़क के माध्यम से आसानी से यहां पहुँच और घूम सकते हैं। इस पार्क में जानवरों के लिए खाइयों और दीवारों, तार की बाड़ का निर्माण किया गया है जो यहां रहने वाले जानवरों की शिकारियों से सुरक्षा के साथ एक प्राकृतिक आवास प्रदान करता है।

वन विहार का इतिहास:-
वन विहार आज जिस जगह पर है वो कभी कभी अवैध पत्थर की खदानों से घिरा हुआ था। बस इतना ही नहीं बल्कि बहुत से वाणिज्यिक संगठन (Commercial Organisations) की नज़र इस जगह पर थी, वो इस खूबसूरत जगह पर अपना कब्ज़ा करना चाहते थे। लेकिन सरकार को इस प्राकृतिक जगह के खतरे में होने का एहसास हुआ तो उन्होंने 1972 में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपने अंडर में ले लिया। इसके बाद 1983 में इस जगह को विशेषज्ञों की समिति द्वारा एक संरक्षित क्षेत्र और राष्ट्रीय उद्यान घोषित कर दिया गया। इस पार्क के पहले तकनीकी दस्तावेज़ को प्रबंधन योजना के रूप में जाना-जाता है, जिसे जगदीश चंद्र, Ifs और वन विहार के पूर्व-निदेशक द्वारा वर्ष 2000 में लिखा गया था।

वन विहार की वनस्पतियां और जीव:-
बता दें कि वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में कई तरह के वनस्पतियां और जीव पाए जाते हैं। यहां पर पाए जाने वाले ज्यादातर जानवर या तो अनाथ होते हैं या फिर वो किसी दूसरी जगह से लाये जाते हैं। इसके अलावा इस वन में पाए जाने वाले पक्षी अपने प्रवास के दौरान इस क्षेत्र में आते हैं। वन विहार राष्ट्रीय पार्क यहां पाई जाने वाली सभी प्रजातियों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करता है। यहां हम आपको उन जानवरों और पोधों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जिन्हें आप वन विहार में देख पाएंगे।

वन विहार में पाए जाने वाले वनस्पति दक्षिणी शुष्क पर्णपाती झाड़ी जंगलों से संबंधित है। जिनमे आंवला, सागौन, डूडी, बेल, अमलतास, साजा, पलास, करधई और तेंदू जैसे वनस्पतियों के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही यहां कई प्रकार की घास जैसे दूब, कुसई, लापुसरी, भंजुरा, और फुलेरा पाई जाती है। इसके अलावा इस पार्क में बैंगून क्रीपर, करैच, गोमची और मल्कंगनी जैसे बेल वाली वनस्पति भी पाए जाते हैं।

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अगर आप जीव-जन्तुओं में खास रूचि रखते हैं तो वन विहार नेशनल पार्क की सैर करना आपके लिए बेहद खास हो सकता है। आप यहां बंगाल टाइगर, सफ़ेद टाइगर, इंडियन वुल्फ, वाइल्ड कैट्स, स्लॉथ बीयर, रेड फॉक्स, स्ट्राइप्ड हाइना, भारतीय सियार, वाइल्ड डॉग, मोगर, मगरमच्छ, घड़ियाल, नेवला, सांप, अजगर जैसे जानवरों को देख सकते हैं।

वन विहार में देखे जाने वाले पक्षी :-
बता दें कि अपने प्रवासी काल के दौरान कई तरह के पक्षियों का झुंड वन विहार पार्क में आते हैं। इस पार्क में पक्षियों की लगभग 200 प्रजातियों को देखा व दर्ज किया गया है। इन प्रवासी पक्षियों में से एक ओरिएंटल सफेद पीठ वाला गिद्ध है, जिसकी आबादी की बहाली के लिए साल 2010 में एक गिद्ध प्रजनन केंद्र विकसित किया गया था। वन विहार में पिंटेल, स्पॉट बिल, ब्राह्मणी बत्तख, गोडवाल, रेड-क्रेस्टेड पोचर्ड, मोर, के साथ यहां 60 तरह की रंगीन तितलियाँ भी पाई जाती हैं।

पार्क के भीतर आने-जाने और घूमने के विभिन्न रास्ते हैं। आप वन विहार के अंदर या तो पैदल चल सकते हैं या अपना वाहन अंदर लेकर जा सकते हैं। आपके लिए एक अन्य विकल्प साइकिल किराए पर लेना है जो एक घंटे के लिए प्रति व्यक्ति 10 रूपये की कीमत पर उपलब्ध है। आपको इसके लिए 50 रूपये की सुरक्षा निधि के रूप में देनी होगी जो बाद में आपको वापस कर दी जाती है। वन विहार में इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट भी हैं जो 275 रूपये में अधिकतम पांच लोगों को ले जाते हैं।

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-Mradul tripathi

 

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