छत्तीसगढ़ के लुभावने पर्यटन स्थल

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अपनी अलग संस्कृति और सभ्यता के लिए मशहूर छत्तीसगढ़ पर्यटन के क्षेत्र में भी अनूठा है| छत्तीसगढ़, जो भगवान श्रीराम की कर्मभूमि रही है| प्राचीन कला, सभ्यता, संस्कृति, इतिहास और पुरातत्व की दृष्टि से यह अत्यंत संपन्न है| यहां ऐसे भी प्रमाण मिले हैं, जिनसे यह प्रतीत होता है कि श्रीराम की माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की ही थीं| कह सकते हैं कि यहां धर्म कला और इतिहास की त्रिवेणी अविरल रूप से प्रवाहित होती रही है| ऐसे में यहां के प्रमुख दार्शनिक स्थलों पर घूमना आपके लिए एक नया अनुभव होगा|

चित्रकोट प्रपात

चित्रकूट यानी चित्रकोट जलप्रपात को भारत का नियाग्रा फाल्स कहा जाता है| छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में इंद्रावती नदी पर स्थित यह एक सुन्दर जलप्रपात है| हालांकि छत्तीसगढ़ में बहुत से जलप्रपात हैं, लेकिन चित्रकोट सबसे बड़ा है| यह जलप्रपात पौन किलोमीटर चौड़ा है और 90 फ़ीट ऊंचा है|  रोचक बात यह है कि इस झरने का शोर इतना ज्यादा होता है कि वहां और कोई आवाज़ सुनाई नहीं देती| इस झरने को देखकर कोई भी मुग्ध हो सकता है|

मैनपाट

छत्तीसगढ़ के शिमला के नाम से चर्चित मैनपाट की खूबसूरती देखते ही बनती है| यह अंबिकापुर से 75 किमी दूरी पर है और छत्तीसगढ़ का एक खूबसूरत हिल स्टेशन है| यहां प्रकृति मेहरबान है और यही कारण है कि यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है| मैनपाट में आपको बौद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी|

बारनवापारा अभयारण्य

राजधानी रायपुर से महज 100 किमी की दूरी पर स्थित यह अभयारण्य छत्तीसगढ़ में पर्यटकों के लिए प्रमुख स्थल है| यहां  के बार और नवापारा के घने जंगलों में बसे जानवरों को देखने का मौका मिल सकता है| जंगली भैंस, नीलगाय और जंगली मोर जैसे कई पशु-पक्षी यहां देखने को मिलते हैं|

भोरमदेव मंदिर

इतिहास को खूबसूरती से बयां करते इस मंदिर की अपनी अलग सांस्कृतिक पहचान है| यह छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है| यह प्रदेश की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति को दर्शाता है|

नया रायपुर

बेहद ही खूबसूरती से बनाया गया नया रायपुर आपको जरूर लुभाएगा| यहां झील के साथ-साथ कई ऐसे मंदिर भी हैं, जो घूमने योग्य हैं| नया रायपुर के पास ही आप जंगल सफ़ारी का मज़ा भी ले सकते हैं|

राजिम

राजिम के कुम्भ की चर्चा पूरे देश में होती है| इसे देश का पांचवा सबसे बड़ा कुम्भ कहा जाता है| राजिम को छत्तीसगढ़ का प्रयाग भी कहा जाता है| यह तीन नदियों के संगम की जगह है| महानदी, पैरी और सोंदूर  नदियों के संगम की अनूठी प्राकृतिक सुंदरता राजिम में देखने को मिलती है|

अचानकमार टाइगर रिज़र्व

छत्तीसगढ़ का अभयारण्य बिलासपुर से महज 45 किमी की दूरी पर है| यह एक घना जंगल है, जहां शेर दिखना एक आम बात माना जाता है| खूबसूरत जंगल और जंगली जानवरों का राज इस टाइगर रिज़र्व को एक रोमांचक पर्यटन स्थल बनाता है|

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