खूबसूरत प्राकृतिक नजारों के लिए प्रसिद्ध अल्मोड़ा

0

प्राकृतिक सुंदरता को अपने आप में समेटे हुए भारत का अल्मोड़ा किसी जन्नत से कम नहीं लगता। अल्मोड़ा की खूबसूरत वादियां, सफ़ेद चादरों से ढके पहाड़, कल-कल का गीत सुनाते झरने और इन झरनो को छूकर गुजरने वाली सर्द हवाएं जब हमें स्पर्श करतीं हैं तब एक अलग ही तरह का एहसास होता है। इन एहसासों के मोती को शब्दों के धागे में पिरो पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन सा लगता है। चांदनी रात में आसमान से गिरती हुई बर्फ  ऐसी लगती है, जैसे आसमान से तारे धरा की गोद में समा रहे हों। बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच खूबसूरत फूलों की वादियां मन मोह लेती हैं।

अल्मोड़ा के प्राकृतिक नज़ारे लोगों के दिलों पर अपनी अमिट छाप छोड़ जाते हैं। अल्मोड़ा में घूमने के लिए बहुत सारी जगह हैं। अगर आप इन जगहों के बारे में नहीं जानते तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं अल्मोड़ा में घूमने के लिए कई स्थान।

नैना देवी मंदिर

प्राचीन कला को अपने में समेटे एक धार्मिक स्थल है नैना देवी मंदिर। इस मंदिर की दीवारों पर प्राचीन चित्र कला का अद्भुत चित्रण किया गया है। प्राचीन चित्र कलाओं के लिए नैना देवी मंदिर प्रसिद्ध है। यह मंदिर अल्मोड़ा के बीचों-बीच बाजार में स्थित है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यह बेहद ही प्राचीन मंदिर है। सैंकड़ों वर्ष पुराना यह मंदिर अल्मोड़ा के लोगों की आस्था का प्रतीक है और इस मंदिर में पौराणिक धार्मिक कथाओं का चित्रण भी देखने को मिलता है।

ब्राइट एंड कॉर्नर

ब्राइट एंड कॉर्नर सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र है। यहां का नजारा लोगों को अपनी ओर खींच लेता है। यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का दिलकश नज़ारा एक अलग ही एहसास दिलाता है और लोग इस तरफ खिंचे चले आते हैं।

चितइ मंदिर

नैना देवी मंदिर के अलावा अल्मोड़ा में अपनी लोकप्रियता का एक और जीता-जागता उदाहरण है, ‘चितइ मंदिर’। चितइ मंदिर श्रद्धालुओं के बीच बेहद प्रसिद्ध लोक देवता ‘गोल्ल’ का मंदिर है। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां अपनी मुराद लेकर आते हैं। प्रतिवर्ष हजारों की तादाद में सैलानी इस मंदिर में अपनी मुराद लेकर आते हैं। इस मंदिर में मांगी गईं मुरादें पूरी होती हैं, ऐसा यहां के लोगों का कहना है।

कटारमल

अल्मोड़ा के कटरमल में 800 वर्ष पुराना देश का दूसरा सूर्य मंदिर है। यह सूर्य मंदिर भी कोणार्क के सूर्य मंदिर की तरह विश्व प्रसिद्ध है। हालांकि अब यह मंदिर खंडहर में बदल चुका है, लेकिन इसका महत्त्व अभी भी बरकरार है। इस मंदिर का महत्त्व पर्यटकों को खुद ही अपनी और खींच लेता है।

सफ़र पर है जाना तो ज़रूरी है ये अपनाना

बेहद खूबसूरत है भारत का स्विट्ज़रलैंड

मौसम के हिसाब से कहां जाएं घूमने

Share.