मित्रों: अब तो भाषण में भी दम नही रहा!

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एक समय था जब लोग मोदी के भाषण को सुन तो लेते थे लेकिन अब उनकी झूठी वाकपटुता को भारत समझ चुका है कहने का मतलब है कि अब उनके मित्रों वाले भाषण में भी दम नहीं रहा,,,

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