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इन्होंने कहा, आम लोगों के मुंह पर तमाचा

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वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आज बजट की घोषणा की| इसके बाद प्रधानमंत्री ने उनकी और उनकी टीम की तारीफें की वहीं कई लोग बजट की आलोचनाएं कर रहे हैं| पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम ने भी बजट की आलोचना की है| उन्होंने जेटली को बजट की परीक्षाओं में फेल बताया है|

पी.चिदंबरम ने कहा कि वित्तमंत्री राजकोषीय मजबूती की परीक्षा में विफल रहे हैं और इसके गंभीर परिणाम होंगे| वहीं लालू प्रसाद यादव ने तंज कसते हुए कहा कि अच्छे दिन यही हैं क्या? किसानों के ऋण और बेरोजगारी के लिए कुछ नहीं| कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “सरकार ने किसानों और समाज के अन्य हाशिए वाले वर्गों को सिर्फ जुबानी सेवा देने का प्रयास किया है, लेकिन यह पूरी तरह से अनुचित समय पर बहुत कम का मामला है|”

बजट के बाद कांग्रेस की ओर से ट्वीट भी किए गए, जिसमें बताया कि वित्तमंत्री ने 5 लाख तक आयकर छूट की बात की तो प्रधानमंत्री ने 15 लाख हर एक के बैंक खाते में देने की बात कही, लेकिन कुर्सी मिलते ही यह जुमला हो गया, इस सरकार से कोई उम्मीद न करें| इसके बाद एक और ट्वीट किया गया, जिसमें बताया कि देश की अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाली सरकार का आखिरी पूर्ण बजट| इसके बाद देश की जनता इनको दिखाएगी बाहर का रास्ता; शुरुआत राजस्थान से हो चुकी है|

बिहार के किशनगंज से सांसद मौलाना असरारुल हक कासमी ने बजट को निराशा और मायूसी पैदा करने वाला बताया है| कासमी ने कहा, “अक्लियती तबके के लिए बजट में कुछ नहीं है|”

अखिलेश यादव ने आम बजट को आम लोगों के मुंह पर तमाचा बताया| उन्होंने ट्वीट किया, “गरीब-किसान-मजदूर को निराशा, बेरोजगार युवाओं को हताशा, कारोबारियों, महिलाओं, नौकरीपेशा और आम लोगों के मुँह पर तमाचा| यह जनता की परेशानियों की अनदेखी करने वाली अहंकारी सरकार का विनाशकारी बजट है| आखिरी बजट में भी भाजपा ने दिखा दिया कि वह केवल अमीरों की हिमायती है| अब जनता जवाब देगी|”

वहीं हरियाणा के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट से बहुत ज्यादा उम्मीद थी| न कर्मचारियों को राहत मिली न युवाओं के लिए इस बजट में कुछ है| अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए इसमें कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया|

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