X

इच्छामृत्यु पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा…

0

1,465 views

सुप्रीम कोर्ट ने आज इच्छामृत्यु के लिए लिखी गई वसीयत (लिविंग विल) पर अपना फैसला सुनाते हुए इसे मान्यता दे दी है| सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि  हर व्यक्ति को गरिमा के साथ मरने का अधिकार है और किसी भी इंसान को इससे वंचित नहीं किया जा सकता| कोर्ट ने इच्छामृत्यु के लिए गाइडलाइन जारी की है| पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया|

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने पिछले वर्ष 11 अक्टूबर को इस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था| इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आज कल मध्यम वर्ग में वृद्ध लोगों को बोझ समझा जाता है, ऐसे में इच्छामृत्यु में कई दिक्कते हैं|

सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने यह भी सवाल उठाया था कि जब सम्मान से जीने को अधिकार माना जाता है तो क्यों न सम्मान के साथ मरने को भी माना जाए|

क्या है ‘लिविंग विल’?

‘लिविंग विल’ एक लिखित दस्तावेज होता है, जिसमें कोई मरीज पहले से यह निर्देश देता है कि मरणासन्न स्थिति में पहुंचने या रजामंदी नहीं दे पाने की स्थिति में पहुंचने पर उसका किस तरह का इलाज दिया जाए| इच्छामृत्यु वह स्थिति है जब किसी मरणासन्न व्यक्ति की मौत की तरफ बढ़ाने की मंशा से उसे इलाज देना बंद कर दिया जाता है|

Share.
31