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प्रधानमंत्री ने कहा, आज त्रिपुरा की दीपावली

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त्रिपुरा में आज से भगवा राज शुरू हो गया। शुक्रवार को अगरतला के असम राइफल्स मैदान में विप्लव देब ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। इसी के साथ पूर्वोत्तर राज्य में बीजेपी की पहली सरकार का आगाज हुआ। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज का दिन त्रिपुरा के लिए दीपावली का दिन है।

उन्होंने कहा कि त्रिपुरा की विकास यात्रा में अब दिल्ली साथ रहेगी। मोदी ने कहा कि अब तक त्रिपुरा जितनी बार देश के दूसरे प्रधानमंत्री नहीं आए, उससे ज्यादा बार वे यहां पर आ चुके हैं।

शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ ही लालकृष्ण आडवाणी सहित भाजपा के कई दिग्गज नेता मौजूद थे। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार भी समारोह में शामिल हुए। भाजपा-इंडिजीनियस पीपुल्स पार्टी ऑफ त्रिपुरा ( आईपीएफटी) गठबंधन ने पिछले हफ्ते आए चुनाव परिणामों में जीत दर्ज की थी|

48 वर्षीय देब ने छह मार्च को राज्यपाल तथागत राय से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इसके बाद राज्यपाल ने सरकार बनाने के लिए उन्हें आमंत्रित किया। आइये जानते हैं सीएम बिप्लब देव  के मंत्रिमंडल में शामिल चेहरे-

जिष्णु देबवर्मा

विप्लव देब के साथ ही जिष्णुदेव वर्मा ने भी मंत्री पद की शपथ ली। जिष्णुदेव फिलहाल भाजपा के विधायक नहीं हैं। वे 15 मार्च को चारिलाम सीट से चुनाव लड़ेंगे| वे आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और जनजाति मोर्चा के सह-संयोजक हैं।

एनसी देबबर्मा

देबबर्मा प्रदेश के बड़े आदिवासी नेता हैं। विधानसभा चुनाव में बड़े अंतर से वे जीतकर आए हैं| वे त्रिपुरा में ऑल इंडिया रेडियो में भी काम कर चुके हैं।

रतनलाल

रतनलाल विधानसभा स्पीकर रेस में सबसे आगे हैं। वे 5वीं बार विधायक बने हैं। इससे पहले 4 बार कांग्रेस टिकट पर विधायक चुने गए थे| दमदार और साफ-सुथरी छवि के नेता माने जाते हैं।

सुदीप रॉय बर्मन

कांग्रेस छोड़ने के बाद पहले सुदीप रॉय तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए और उसके बाद वे भाजपा में आए। सुदीप रॉय कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे त्रिपुरा विधानसभा में विपक्ष के नेता रह चुके हैं।

मनोज कांति देब

मनोज कांति देब को भी विप्लव सरकार में शामिल किया गया है। वे विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का हाथ छोड़कर  भाजपा में शामिल हुए थे।

मोवाड़ जमातिया

विधानसभा चुनाव में बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। आईपीएफटी के जनरल सेक्रेटरी और विधायक हैं। सरेंडर के बीद आईपीएफटी का दामन थामा।

संताना चकमा

चकमा जनजाति में अच्छी पकड़ होने की वजह से टिकट उन्हें दिया गया। लंबे समय तक चकमा जनजाति के लिए काम किया। त्रिपुरा में मजबूत मानी जानेवाली चकमा जनजाति में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।

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