जानिए, आखिर एप्पल का लोगो आधा कटा हुआ क्यों होता है

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मोबाइल फ़ोन का नाम आते ही हर शख़्स के दिमाग में बस एक ही फ़ोन का नाम आता है, वह है ‘एप्पल’ या आईफ़ोन। इस फ़ोन से और फ़ोन के फीचर्स से तो हर कोई वाकिफ है, लेकिन बहुत कम लोग ही एप्पल के इतिहास के बारे में जानते हैं। एप्पल कंपनी अपने ग्राहकों की प्राइवेसी के लिए कठोर नियमों का पालन करने वाली कम्पनी के तौर पर सबसे अधिक फेमस भी हैं क्योंकि कम्पनी के अनुसार वे किसी भी ग्राहक की गोपनीयता के लिए किसी भी तरह का समझौता नहीं करती है। यहां तक की एप्पल ने अमरीकी जांच एजेंसी एफबीआई को भी अपने ग्राहक की निजी जानकारी देने से मना कर दिया था।

जानते हैं आखिर क्यों एप्पल का लोगो आधा कटा हुआ सेब होता है। हो सकता है आपके पास एप्पल का फोन या आईपैड भी हो, लेकिन क्या कभी आपने सोचा कि लोगो का सेब थोड़ा सा कटा हुआ क्यों होता है। पूरा सेब भी तो हो सकता था लोगो में, लेकिन नहीं ऐसा नहीं है तो इसकी वजह क्या है।

1977 में रॉब जेनिफ ने इस लोगो को तैयार करके एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स को दिखाया था और पहली ही नजर में जॉब्स को यह चखे हुए सेब का लोगो पसंद आ गया था। चखे हुए सेब के बारे में बताया जाता है कि यह लोगो कम्प्यूटर साइंस के पिता माने जाने वाले एलन टर्निंग की याद में बनाया गया है, जिनकी 1954 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी और उनके शव के पास से एक चखा हुआ ज़हरीला सेब बरामद हुआ था।

स्टीव जॉब्स, स्टीव वोजनियाक और रोनाल्ड वेन ने इस कंपनी की स्थापना की थी।  1 अप्रैल 1976 के दिन ही एप्पल ने अपना पहला पर्सनल कंप्यूटर लॉन्च किया था। खबरों के अनुसार, स्टीव जॉब्स ने अपनी कंपनी का नाम एप्पल इसलिए रखा क्योंकि उत्तर कैलिफोर्निया में उनका सेब का एक बाग था और वहां उनका काफी समय बीता था।  साथ ही स्टीव सेब को एक मुकम्मल फल मानते थे। जब वे कंपनी बनाने जा रहे थे तो नामों की सूची में एप्पल सबसे ऊपर था और यह नाम उन्होंने ही दिया था।

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