वोडाफोन-आइडिया के मर्जर को सरकार की मंजूरी

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वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर मर्जर को गुरुवार को केंद्र सरकार ने भी मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के साथ ही देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनने का रास्ता साफ हो गया है। नई कंपनी के पास मार्केट में 35 फीसदी हिस्सेदारी होगी| वहीं, इसके सब्सक्राइबर्स 43 करोड़ से ज्यादा हो जाएंगे। सरकार की मंजूरी के बाद जो नई कंपनी बनेगी, उसे वोडाफोन आइडिया लिमिटेड नाम दिया जाएगा। यह कंपनी भारती एयरटेल को नंबर वन पोजीशन से बाहर कर देगी। एयरटेल के फिलहाल 34.4 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं।

टेलीकॉम विभाग के एक अधिकारी ने इस वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर मर्जर को मंजूरी मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को सरकार की तरफ से मंजूरी मिल गई है। अब दोनों कंपनियां रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास जाएंगी और कारोबार शुरू करने की खातिर अन्य अप्रूवल हासिल करेंगी।

इस तरह  यह मर्जर कानूनी मंजूरी की आखिरी सीढ़ी पर पहुंच गया है। केंद्र सरकार ने इस वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर मर्जर को मंजूरी भले ही दे दी है, लेकिन एक शर्त भी इनके सामने रखी गई है। सरकार की तरफ से कहा गया है कि नई कंपनी को टेलीकॉम ट्रिब्यूनल और अन्य कोर्ट के फैसलों के अनुरूप काम करना होगा। इससे पहले टेलीकॉम विभाग इस मर्जर को मंजूरी दे चुका है।

वोडाफोन-आइडिया लिमिटेड नाम की नई कंपनी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन जाएगी। इसकी वैल्यू 1.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की होगी। कुमार मंगलम बिड़ला कंपनी के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनेंगे। बालेश शर्मा इस कंपनी के सीईओ होंगे। इस मर्जर से दोनों कंपनियों को उम्मीद है कि इन्हें कर्ज से उबरने में मदद मिलेगी। हालांकि इस कंपनी की सीधी टक्कर रिलायंस जियो से होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इस मर्जर के बाद एक बार फिर डेटा वॉर शुरू हो सकता है।

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