जवान से बर्बरता पर आखिर चुप्पी क्यों ?

0

2013 में भारत के जवान हेमराज का सिर पाकिस्तान के फ़ौजियों ने काट लिया था और शव के साथ बर्बरता की थी। इस घटना से देश में गुस्से की लहर चल पड़ी थी और हर कोई भारत के बेटे की शहादत का पाकिस्तान से बदला लिए जाने की मांग कर रहा था। तत्कालीन विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए तत्काल पाकिस्तान को करारा जवाब देने की मांग कर डाली थी। सुषमा स्वराज ने उस समय संसद में यह कहा था कि यदि हेमराज का सिर नहीं ला सकते तो एक के बदले 10 पाकिस्तानी फ़ौजियों के सिर काटकर लाने चाहिए।

देश उस समय सुषमा स्वराज के बयान से पूरी तरह सहमत था। आज परिस्थितियां बहुत बदल चुकी हैं। तब की सरकार आज विपक्ष में है और विपक्ष के हाथ में देश की कमान है, लेकिन सीमा पर परिस्थितियों में आखिर क्या अंतर आया है? कल एक खबर फिर आई कि बीएसएफ के एक जवान के साथ पाकिस्तान ने घायल अवस्था में जो सलूक किया, वह सुनकर किसी की भी आत्मा कांप सकती है। जिंदा रहते जवान की आंखें फोड़ दी गई, करंट दिया गया, हाथ-पैर काट दिए गए और 9घंटे तक कई तरह की यातनाएं देने के बाद उसका गला रेत दिया गया। पाकिस्तान की फौज़ ने ऐसी बर्बरता पहली बार नहीं की है बल्कि वे हमेशा ऐसे मौकों की तलाश में ही रहते हैं। अब देश एक बार फिर गुस्से में है, लेकिन विपक्ष में रहते एक के बदले दस सिर लाने की मांग करने वाले अब जाने कहां जाकर छिप गए हैं?

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का अब तक इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं आया है और जनता भी देख रही है कि सत्ता में आकर कोई इतना बेबस कैसे हो जाता है? एक के बदले 10 सिर लाने से अब सरकार को किसने रोक रखा है? पाकिस्तान को लव लेटर लिखना बंद करना चाहिए और जो भाषा वो समझे, उसी में जवाब देना चाहिए, ऐसा कहने वाले नरेंद्र मोदी अब क्या कहेंगे? सत्ता सम्हाले 4 साल से ज्यादा हो गए, लेकिन पाकिस्तान को मुक़म्मल जवाब मिलने का देश अब भी इंतज़ार ही कर रहा है। देश जानना चाहता है कि पाकिस्तान को उसी की भाषा में मुंहतोड़ जवाब आखिर कब दिया जाएगा?

पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सरकार के पास अब क्या बहाना है? क्या सीमा पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक सिर्फ एक बार ही हो सकती है? किसने रोका है सरकार और सेना को फिर से सर्जिकल स्ट्राइक करने से? एक बार यदि कोई प्रयोग बेहद सफल रहा है तो उसका इस्तेमाल बार-बार क्यों नहीं किया जा रहा? क्या मतलब है उस सुपरपॉवर का, जब हमारे सैनिक के साथ ऐसी बर्बरता हो और हम चुपचाप देखते रहें?  वर्तमान सत्ताधीशों को 2013 में भारतीय सैनिक हेमराज का सिर काटने पर दिए गए अपने वीरतापूर्ण बयानों को एक बार सुनना चाहिए और फिर खुद अपनी आत्मा से पूछना चाहिए कि क्या इसीलिए देश ने आपको यहां बैठाया है?

पाकिस्तान कुत्ते की दुम है, जिसकी हरकतें कभी नहीं सुधरने वाली, यह बात भारत का बच्चा-बच्चा जानता है| इसे समझने में सरकारों को कितना समय लगेगा? पाकिस्तान के टुकड़े करने का दावा करने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को भी एक बार देश को बता देना चाहिए कि इस शुभ काम में इतना विलम्ब क्यों हो रहा है? 4 सालों तक जनता यह मानती रही कि सरकार पाकिस्तान को करारा जवाब देने की किसी नीति पर काम कर रही होगी, लेकिन अब सरकार को यह स्पष्ट देना चाहिए कि आखिर देश उनसे उम्मीद रखे या नहीं?

अपने चुनावी वादों को पूरा करने में नितांत असमर्थ इस सरकार को बतलाना चाहिए कि पाकिस्तान को करारा जवाब देने के लिए भी क्या पहले राज्यसभा में बहुमत की दरकार है? भारत में मानव अधिकारों की बात करने वाले और कुछ दिन पहले आतंकवादी के शव घसीटने पर परेशान दिखे महानुभाव भारत के लाल के साथ की गई बर्बरता पर चुप क्यों है? आतंकवादी के साथ हमदर्दी और भारत के जवान पर चुप्पी आखिर क्यों?

आज ही खबर आई है कि जम्मू-कश्मीर के 3 पुलिसवालों को आतंकवादियों ने मार डाला है। एक तरफ देश ‘सर्जिकल स्ट्राइक डे’ मनाने की तैयारी कर रहा है और दूसरी तरफ हमारे जवान ही सुरक्षित नहीं है तो ऐसे कैसे चलेगा? अब देश इंतज़ार कर रहा है देखने का कि सरकार और सेना पाक की इस नीचतापूर्ण, कायराना हरकत का जवाब कब और कैसे देते हैं? यह जवाब अगर माकूल और करारा नहीं हुआ तो देश के इस गुस्से को बुझा पाना आसान नहीं होगा।

-सचिन पौराणिक

Share.