कोरोना से जंग में देश को कमजोर करते ये प्रदर्शनकारी

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प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi’s Appeal) की एक साधारण अपील भी जनता (War Against Coronavirus) पर कितना गहरा असर डालती है इसका एक उदाहरण जनता कर्फ्यू के दौरान देखने को मिला। प्रधानमंत्री की एक आवाज़ पर शाम पांच बजते ही पूरा देश ताली, थाली और शंख की ध्वनि से गूंज उठा। कोरोना (Fight Against Coronavirus) से जंग लड़ रहे सिपाहियों के प्रति सम्मान दिखाने के लिए पूरा देश पांच बजे अपने सारे आपसी भेद भुलाकर एकजुट हो गया। बड़े सितारों से लेकर आम जनता ने इस मुहिम में खुद को सपरिवार शामिल किया। शाम पांच बजे जो दृश्य देश ने देखा और महसूस किया वो अद्भुत था, अविस्मरणीय भी और ऐतिहासिक भी। कोरोना संकट से जूझ रहे देश को एक मनोवैज्ञानिक सम्बल की जरूरत थी जो कल शाम उसे मिल गया। इसी के साथ ये भी स्पष्ट हो गया कि प्रधानमंत्री के एक-एक शब्द पर देश की जनता (Janta Curfew) को कितना विश्वास है।

इस दवा से ख़त्म होगा Coronavirus!

कल राजनैतिक हलकों से आई कुछ तस्वीरों (War Against Coronavirus) ने भी हैरान किया। प्रधानमंत्री के धुर विरोधी शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने भी तालियां बजाकर इस मुहिम में हिस्सा लिया। बिहार में लालूपुत्र तेजप्रताप भी मोदीजी (Narendra Modi) से प्रभावित होकर शंख बजाते दिखाई दिए। इसके अलावा बरखा दत्त, शेहला रशीद, ट्विंकल खन्ना ने भी प्रधानमंत्री की कोरोना (Coronavirus Outbreak) के खिलाफ लड़ाई का समर्थन किया। प्रधानमंत्री के हर कदम का सदा विरोध करने वाले उनका समर्थन कर रहे है ये बात बहुत मायने रखती है। पूरी दुनिया इस समय संकट की गंभीर घड़ी से गुज़र रही है। चीन, इटली (Coronavirus Italy) , ईरान जैसे देश हजारों मौत देख चुके है। भारत जैसे सघन आबादी वाले क्षेत्र में अगर कोरोना फैला (Coronavirus Is Spreading)  तो इतनी तबाही हो सकती है जिसका अंदाज़ भी नही लगाया जा सकता। इसलिए पूरा देश ही लॉक डाउन (Lock Down Now) की तरफ बढ़ चला है। इस लॉक डाउन की अवधि और बड़ाई जा सकती है इसका ही अंदेशा है। देश को इस मुश्किल घड़ी में एकजुट करने के लिए ताली और थाली बजाने का प्रधानमंत्री का इनोवेटिव आईडिया जनता ने खूब पसंद किया। कल शाम पांच बजने से एन पहले तक भी किसी को उम्मीद नही थी कि चंद लम्हों में हम इतिहास बनते हुए देखने वाले है। “लोग जुड़ते गए और कारवां बनता गया” कि तर्ज़ पर एक अप्रत्याशित नज़ारे में हर कोई घर से बाहर निकला और ताली-थाली बजाने लगा।

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ये सभी को स्वीकार (War Against Coronavirus) करना ही होगा कि देश मे इस समय नरेंद्र मोदी (Indian Prime Minister Narendra modi) की हैसियत का नेता किसी दल के पास नही है। कोरोना (Coronavirus havoc)  को लेकर उनके प्रयासों का लोहा पूरी दुनिया मान रही है। भारत मे भी लोग जागरूक हो रहे है और कोरोना के ख़िलाफ़ चल रही इस मुहिम को पूरा समर्थन दे रहे है। ताली और थाली बजाना कोरोना के खिलाफ इस जंग में एक मनोवैज्ञानिक हथियार है। इस कदम से पूरे देश में संदेश चला गया है कि कोरोना के खिलाफ पूरा देश ‘एक’ है। कोरोना जैसे संवेदनशील मामले पर बेशक राजनीति नही होना चाहिए लेकिन इस गंभीर समस्या को भी  “समारोह”में तब्दील करके प्रधानमंत्री ने अपना कद बहुत ऊंचा कर लिया है।

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Sachin Pauranik

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