‘नोटा’ का बटन दबाकर सत्ताधीशों के अहंकार को कुचलेंगे…

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राजनीति में बयानबाजी, बतोलेबाजी आम बात है। चुनाव जीतने के लिए नेता जनता को ऐसे हवाई ख्वाब दिखलाते हैं, जो वे खुद जानते हैं कि उन्हें कभी पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन क्या करें नेताओं को ऐसे ख्वाब दिखाने की आदत पड़ गई है तो जनता भी ऐसे वादों को सच मानने की भूल कर जाती है। कांग्रेस ने देश पर सबसे ज्यादा शासन किया है इसलिए वे इस खेल के सबसे माहिर खिलाड़ी हैं, लेकिन अब भाजपा वाले भी बतोलेबाजी में उनसे बराबर की टक्कर ले रहे हैं। काले धन को लेकर सबको 15 लाख देने की बातें हो या 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने की बात, ऐसे हवाई दावे ये भी दिल खोलकर करने लगे है।

अभी मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं इसलिए यहां की जनता अभी ऐसे हवाई वादों से रोज ही रूबरू हो रही है। राहुल गांधी के चित्रकूट में दिए गए बयान पर निशाना साधते हुए शिवराज मामाजी ने उनकी जमकर खबर ली। मामाजी ने कहा, राहुलजी मेड इन चित्रकूट, मेड इन भेल, मेड इन मध्यप्रदेश वाली मोबाइल फैक्ट्रियां लगाने की बात करते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि 70 सालों में एक मेड इन अमेठी वाला पतली पिन का चार्जर तक नही बना पाए हैं। बात सही भी है कि गांधी परिवार को दशकों से संसद में भेज रहा अमेठी आज भी देश का बेहद पिछड़ा क्षेत्र है। यहां की जनता को आज भी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही है, लेकिन राहुल गांधी पर हमला करते वक्त मामाजी ये भूल जाते हैं कि बतोलेबाजी में वे खुद राहुल गांधी से कहाँ कम है? मध्यप्रदेश की सड़कों को अमरीका से बेहतर बताने वाला बयान भला कोई छोटा-मोटा बतोलेबाज दे सकता है क्या?

बारिश के बाद से प्रदेश की सड़कों का ये हाल हो चुका है कि बिना दचकों के 5 मिनट भी कोई गाड़ी नहीं चला पा रहा है। जनता समझ नहीं पा रही है कि सड़कों में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, लेकिन उसके बाद भी मामाजी के लिए ये सड़कें अमरीका से भी बेहतर हैं तो उनके लिए क्या कहा जाए? मामाजी चुनाव जीतने के लिए जनता से नए-नए वादे कर रहे हैं, लेकिन सवाल वही है कि जो काम आपसे पिछले 15 साल में पूरे नहीं हो सके तो क्या ग्यारंटी है कि अगले 5 साल में ये पूरे हो जाएंगे? मामाजी ने कोई बहुत क्रांति नहीं ला दी है मध्यप्रदेश में। ये दिग्विजयसिंह के कुशासन का परिणाम और विपक्ष में अच्छे विकल्प के अभाव का नतीजा है कि जनता उन्हें चुनने को विवश है।

इसी का फायदा उठाकर आप जनता को सीधे चुनौती दे रहे हैं कि “कोई माई का लाल आरक्षण नहीं हटा सकता।” राहुल गांधी हवाई बातें करते हैं, यह देश जानता है, लेकिन राजनीति में ऐसा कौन नेता है, जो हवाई बातें न करता हो? जनता को नरेंद्र मोदी से यह उम्मीद थी कि कम से कम वे हवाई बातें नही करेंगे, लेकिन अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उनसे भी जनता का मोहभंग होने लगा है। जनता अब उनसे भी सवाल पूछना चाहती है कि जो बातें बुनियादी तौर पर भाजपा के मूलभूत सिद्धान्त थे, जिन बातों को लेकर भाजपा चली थी राममन्दिर, धारा 370 और समान नागरिक संहिता उनका क्या हुआ?

यदि बुनियादी बातें आप पूरी नहीं कर पा रहे तो क्या मतलब है पूर्ण बहुमत की सरकार का? मध्यप्रदेश के आरक्षण प्रेमी मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के खिलाफ जनता इस बार पूरी तरह लामबंद हो चुकी है और जनता ने मन बना लिया है कि यदि कोई विकल्प नहीं मिला, तब भी ‘नोटा’ का बटन दबाकर सत्ताधीशों के अहंकार को कुचला जाएगा। राहुल गांधी की मोबाइल फैक्ट्री मध्यप्रदेश में लग पाए या न लग पाए, लेकिन झूठ की फैक्टरी इस बार मध्यप्रदेश की जनता किसी कीमत पर नहीं लगने देगी।

-सचिन पौराणिक 

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