Talented View : मोदी बनाएंगे कश्मीर को जन्नत

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कल दिन में ये घोषणा हुई कि प्रधानमंत्री मोदी रात 8 बजे राष्ट्र के नाम संदेश देंगे। ये सुनते ही सभी के जेहन में 8 नवम्बर 2016 की यादें ताज़ा हो गयी जब रात को 8 बजे ही देश मे नोटबन्दी की घोषणा की गई थी। हालांकि सभी को पता था कि इस बार बात धारा370 और कश्मीर पर ही होना है किन्तु उसके बाद भी एक संशय सबके मन मे बना ही रहा। मन के किसी कोने में एक उम्मीद, आशंका थी कि अबकी बार क्या नया होने वाला है? लेकिन प्रधानमंत्री के उद्बोधन को सुनने के बाद सारी आशंकाएं ध्वस्त हो गयी और देशवासी ये समझ गए कि अब मोदीजी का उद्देश्य सिर्फ कश्मीर, जम्मू और लद्दाख का विकास करना है।

Talented View : दया के लायक नहीं पाकिस्तान

कल के उद्बोधन में प्रधानमंत्री का एक अलग ही रूप देखने को मिला। कल उनकी बातों में एक ऐसे व्यापारी की झलके देखने को मिली जिसे संभावनाओं को तलाशने में महारथ प्राप्त है। कल प्रधानमंत्री ने कोई अलग बात नही की लेकिन उनकी बातों में कश्मीर के आने वाले कल की तस्वीर साफ दिखाई दे रही थी। एक ऐसा कश्मीर जहाँ देशभर के लौग बेफिक्र घूम रहे है, प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे है और स्थानीय निवासी दिल खोलकर उनका स्वागत कर रहे है क्योंकि इससे उनका जीवन-स्तर सुधर रहा है।

Talented View  : मुश्किल में कांग्रेस का वजूद!

लद्दाख के जिस ‘सोलो’ पौधे का जिक्र प्रधानमंत्री ने किया उसके बारे में जानकारी आज कई सारे समाचार, पत्रिकाएं दे रहे है। ये बात बिल्कुल सच है कि धारा 370 की वजह से देश के इतने बड़े भूभाग के बारे में आज भी  ज्यादातर जनता अनजान है। इसके बाद भी हर शादीशुदा/प्रेमी जोड़े के मन मे कश्मीर घूमने की इच्छा होती है, हर युवा बाइकर के मन में कहीं न कहीं अपनी बाइक से लद्दाख जाने की ख्वाहिश बनी रहती है, शिकारे में बैठकर डल झील की सैर करने का ख्वाब भी हम सभी के मन रहता है।

कहने का मतलब ये है की हमारे ही कश्मीर को हमसे अलग करने का काम ये धारा 370 करती आ रही थी। अब कश्मीर, लद्दाख में शानदार होटलें खुल सकेंगी, खेलों के लिए सेन्टर खुलेंगे, कला के क्षेत्र में निवेश आएगा और सबसे बड़ी बात की अब वहां उद्योग आएंगे जिससे राज्य की इकोनॉमी बढ़ेगी। लद्दाख की जड़ी-बूटियों और वनस्पतियों का जिक्र प्रधानमंत्री ने किया ही है। हिमालय की गोद में पायी जाने वाली कई ऐसी दुर्लभ जड़ीबूटियां है जिनके लिए विश्व मार्केट अब तक अछूता है।

Talented View : अनुच्छेद 370 मुक्त कश्मीर

कल के उद्बोधन में प्रधानमंत्री का गुजराती व्यापारी का रूप देखने को मिला। मोदी जानतें है कि उद्योगों के आने से कई समस्याएं स्वतः ही समाप्त हो जाती है। वो गुजरात मे ऐसा सफ़लतापूर्वक कर चुके है। गुजरात मे बड़ी मात्रा में उद्योगों के आने से न सिर्फ जनता का जीवन स्तर सुधरा है बल्कि रोजगार के भी अनेक अवसर विकसित हुए है। कश्मीर और लद्दाख में भी पर्यटन के लिए वास्तव में असीमित संभावनाएं है। अगर क्षेत्र में शांति स्थापित होती है तो इसके इतने फायदे होंगे जिसकी कल्पना भी नही की जा सकती है।

कश्मीर के लोगों को एक ‘हीलिंग टच’ देने का काम प्रधानमंत्री ने कल के उद्बोधन में किया है। अब कश्मीर के युवाओं को भी देश के युवाओं के साथ जुड़ ही जाना चाहिए। पाकिस्तान का साथ देकर वो देख चुके है।पत्थर फेंकने और सेना के डंडे खाने के सिवाय उन्हें कुछ नही मिला। अब कश्मीरियों को एक बार भारत के साथ चलकर भी देख लेना चाहिए। जिस सम्मान, गौरव और प्रेम के वो हकदार है वो उन्हें सिर्फ हिंदुस्तान ही दे सकता है। पश्मीना, केसर, कहवा और सेब की धरती पर अब लहू की और बूंदे नही गिरना चाहिए। धरती का स्वर्ग सच मे स्वर्ग बने इसके लिए कुछ कदम अब कश्मीरियो को भी बढ़ाने चाहिए।

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