Talented View : सीएए मतलब समझदारी

0

भारत में वर्ग विशेष के नागरिकता कानून(Cartoon On Citizenship Amendment Act) पर विरोध, हिंसा, आगजनी के बीच एक अंतरराष्ट्रीय खबर थोड़ा दबकर रह गयी। भारत की मीडिया की यही आदत है कि एक खबर के पीछे हाथ धोकर पड़ जातें है और चौबीसों घंटे उसी पर चिपके रहते है। खेर, खबर ये है कि इंग्लैंड में बोरिस जॉनसन प्रधानमंत्री चुन लिए गए है। बोरिस की जीत इसलिए अहम है क्योंकि ब्रिटेन में बसे भारतीय बोरिस को “ब्रिटेन का मोदी” कहतें है।

ब्रेग्जिट से बाहर होने के चुनावी वादे ने भी बोरिस की जीत में बड़ी भूमिका निभाई है। बोरिस जॉनसन को कट्टर विचारों वाला नेता माना जाता है। प्रखर राष्ट्रवादी की छवि की बदौलत ही उन्होंने 25 सालों में अपनी पार्टी को सबसे बड़ी जीत दिलाई है। इस जीत के बाद इंग्लैंड को यूरोपीय यूनियन से बाहर होने में आसानी होगी। बोरिस की जीत के बाद विश्व के अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक समीकरण काफी हद तक बदल जायेंगे।

विश्व इस समय शरणार्थी संकट से जूझ रहा है और सभी जानतें है कि ज्यादातर शरणार्थी मुस्लिम है। मानवता के नाते शरणार्थियों को अपने देश मे शरण देने वाले देश एक अलग ही तरह की मुश्किल झेल रहे है। शरणार्थी मजहबी वजहों का हवाला देते हुए शरण देने वाले देश में खुद के लिए अलग कानून की मांग करने लगे है। जर्मनी जैसे देश मे जिसने शरणार्थियों को दिल खोलकर अपने देश में जगह दी, उसके लिए ये समस्या अब विकराल होती जा रही है। जर्मनी में अब शरणार्थियों का खुले तौर पर विरोध शुरू हो गया है। जर्मनी का जिक्र इसलिए किया है क्योंकि इंग्लैंड में भी पाकिस्तान और दूसरे देशों से आये मुस्लिमों की बड़ी संख्या रहती है।

इंग्लैंड में भी इनके खिलाफ गुस्सा उबल रहा है और बोरिस गुस्से की इन्ही लहरों पर सवार होकर प्रधानमंत्री बने है। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में नरेंद्र मोदी को ऐतिहासिक जनादेश, उसके बाद दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका में ट्रम्प को बहुमत और अब इंग्लैंड में बोरिस के प्रधानमंत्री बनने की खबर एक गंभीर संकेत है। ये संकेत दीवार पर लिखी इबारत की तरह स्पष्ट है, जरूरत सिर्फ इसे समझने की है।

जो गलतीं विश्व के कई देश करके पछता रहे है, अगर हम उसी गलतीं को करने से बच रहे है तो इसे अक्लमंदी कहा जाता है। ‘सीएबी’ जो अब ‘सीएए'(Cartoon On Citizenship Amendment Act) बन चुका है इसी अक्लमंदी का सबूत है। नागरिकों का रजिस्टर बनाना और घुसपैठियों को बाहर करना ऐसा काम है जो जितनी जल्दी कर लिया जाए उतना अच्छा है। जख्म को नासूर बनने से पहले ही ठीक कर लेना चाहिये। बीते दिनों देशभर में हो रहे हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए जनता को समझ आने लगा है कि नागरिकता बिल में संसोधन कितना जरूरी था।

ब्रिटेन में बोरिस के उदय ने एक विश्व को एक नई तरह की राजनीति का रास्ता दिखलाया है। ये रास्ता प्रचंड राष्ट्रवाद पर टिका है और देशभक्ति की भावना से इसको पोषण मिलता है। मानवता के नाम पर अपने देश को बर्बादी की राह पर ले जाने के ये खिलाफ है। मोदी, ट्रम्प और अब बोरिस पर जनता के इस भरोसे के दूरगामी परिणाम सामने आएंगे। दुःख की बात उन थोथे धर्म निरपेक्षतावादियों के लिए है जो पहले सिर्फ मोदी और ट्रम्प से परेशान थे, अब बोरिस से भी परेशान हो जाएंगे। देश, धर्म, संस्कृति और मातृभूमि को सदा ऊपर रखने वालों के लिए ये खबर सुकून भरी है।

Talented View : बुज़दिल इंकलाबी

Talented View : गुंडों का गुंडा, प्रशासन

Talented View : हिंदुत्व मतलब हिंदुस्तान

                 – सचिन पौराणिक

Share.