Talented View : सरदार पर सियासत

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कुछ दशक पहले तक दिल्ली पंजाबियों का शहर हुआ करता था। पंजाबी आबादी वहां बहुसंख्यक थी। लेकिन आज दिल्ली ‘मिनी बिहार’ बनी हुई है। यूपी-बिहार से आये लोगों ने दिल्ली को अपना आशियाना बना लिया है। आज दिल्ली में उत्तर भारतीय बड़ी संख्या में बसे हुए है। राजनीति में भी उत्तर भारतीय अपना वर्चस्व रखने लगे है। दिल्ली के कई इलाकों में उत्तर भारतीय वोट आज निर्णायक भूमिका में आ चुका है।

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प्रकृति का ये नियम है कि ‘खाली स्थान’ ज्यादा देर तक नही रह सकता। जैसे दिल्ली से पंजाबी हटे तो बिहारी आये, वैसे ही राजनीति में भी एक नेता हटता है तो उसकी जगह दूसरा आ ही जाता है। प्रकृति ‘वेक्यूम’ को बहुत जल्दी भरती है। ऐसा ही महापुरुषो के साथ भी होता है। कांग्रेस ने गांधी-नेहरू से आगे कभी किसी नेता को वो सम्मान नही दिया जिसके वो हकदार थे। वो चाहे लालबहादुर शास्त्री हो सुभाषचंद्र बोस हो या फिर सरदार वल्लभ भाई पटेल। इन सभी नेताओं का आभामंडल गांधी-नेहरू के पीछे धुंधला करने का काम कांग्रेस ने किया है।

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इन बड़े नेताओं के काम की कांग्रेस द्वारा न कभी चर्चा की गई और न ही इन्हें सम्मान दिलाने की कोशिश। इस ‘वैक्यूम’ को भरने का काम भाजपा सरकार द्वारा किया गया। सरदार पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाकर भाजपा ने कांग्रेस को चौंका दिया। आज सरदार पटेल की जन्म जयंती पर हुए भव्य कार्यक्रम से भी कांग्रेस बौखला उठी है। क्योंकि आज सरदार साहब की जयंती पर जितने शानदार कार्यक्रम भाजपा सरकार ने किए है उतने कांग्रेस ने कभी सोचे भी नही थे।

कांग्रेस के बड़े नेताओं समेत महासचिव प्रियंका वाड्रा भी इससे नाराज है। प्रियंका कह रही है कि भाजपा के पास उनका खुद का कोई स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नही है इसलिए वो सरदार पटेल को अपनाने की कोशिश कर रही है। प्रियंका ने ट्विटर पर सरदार को याद करते हुए कहा कि भाजपा द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि देते देखकर ख़ुशी हो रही है। सरदार इतने महान थे कि उनके शत्रु भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे है। हालांकि प्रियंका ने ये नही बताया कि सरदार इतने महान थे तो कांग्रेस ने उन्हें यथोचित सम्मान क्यों नही दिया?

पांच सौ से ज्यादा बिखरी हुई रियासतों को एक राष्ट्र के रूप में जोड़ने का जो भागीरथी कार्य सरदार ने किया वो साहस, देशप्रेम और कुटिनीतिक काबिलियत का बेहतरीन उदाहरण है। सरदार साहब के इस काम को कांग्रेस ने भुला दिया तभी तो भाजपा को उन्हें अपनी तरफ करने का मौका मिला। नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी को कांग्रेस ने हरपल याद किया इसलिए उन पर कांग्रेस का आज भी एकाधिकार है।

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कांग्रेस को प्रकृति के इस नियम को हमेशा याद रखना चाहिए। खाली स्थान अगर छूटा हुआ है तो उसे कोई न कोई जरूर भरेगा और बहुत जल्दी भरेगा। इसलिए या तो रिक्त स्थान छोड़ा न जाये या छोड़ा जाए तो बाद में फिर रोया न जाये। सरदार पटेल तो शुरुवात है, भाजपा देखते ही देखते कांग्रेस से सब महापुरुष छीन लेगी। क्योंकि महापुरुषों पर एकाधिकार तो किसी पार्टी का नही है। महापुरुष सम्पूर्ण राष्ट्र के है। बहरहाल, सरदार वल्लभ भाई पटेल को उनकी जन्म जयंती पर लाखों प्रणाम। उनकी सोच और हिम्मत की वजह से ही आज भारत एक राष्ट्र के तौर पर खड़ा है। सरदार को नमन..!

     – सचिन पौराणिक

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