सफलता के लिए छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखना ज़रूरी

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जीवन में सफलता प्राप्त करने वाले और कामयाबी तक पहुंचने वाले भी सामान्य लोग ही होते हैं। सफलता के लिए छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी होता है। जैसे गलतियों से सबक लेना, गैर-ज़रूरी बयानों से बचना और अपने पैर सदा ज़मीं पर रखना। राजनीति में सफलता के लिए भी ये ही बातें काम आती हैं, लेकिन राहुल गांधी को देखकर लगता है कि इस बंदे ने कसम खा रखी है कि राजनीति में कभी सफलता प्राप्त करना ही नहीं है।

Talented View : न ख़ुदा ही मिला न विसाल-ए-सनम

वक्त चाहे कितना ही बुरा हो, राहुल गांधी अपनी हरकतों से बाज़ आने को कतई तैयार नहीं है। लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद उम्मीद थी कि वे अपने व्यवहार में कुछ परिपक्वता लाएंगे किन्तु ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है। पहले राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान राहुल का मोबाइल में लगे रहना और अब “योग दिवस” के मौके पर सेना का मज़ाक उड़ाना कुछ ऐसा है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है ।

योग दिवस के मौके पर राहुल गांधी ने एक ट्वीट किया, जिसमें सेना के जवानों के साथ सेना के कुत्ते भी योग कर रहे हैं। “न्यू इंडिया” लिखकर राहुल गांधी ने ये तस्वीरें साझा की, लेकिन कोई यह समझ नहीं पाया कि राहुल आखिर कहना क्या चाहते हैं ? राहुल इस पोस्ट के द्वारा सेना का मज़ाक उड़ा रहे थे, योग दिवस का या फिर कुत्तों का ? वैसे राहुल गांधी अभी जिस दौर से गुज़र रहे हैं, उसमें उनके लिए कुत्ते का मज़ाक बनाना भी भारी पड़ सकता है।

Talented View : उन्हें परेशान करने का भी उन्हें कोई हक़ नहीं बनता

इस ट्वीट के सामने आते ही राहुल को लानतें भेजी जाने लगीं, लेकिन इन सबसे बेपरवाह राहुल गांधी ने न वो ट्वीट हटाया और न ही इन पर कोई सफाई दी। राहुल इतने ‘उदार’ हैं कि अपने ऊपर निशाना साधने के लिए वे खुद ही विरोधियों को मुद्दे पकड़ा देते हैं।

बहरहाल, उनके इस अजीबोगरीब ट्वीट के बाद भी कांग्रेस प्रवक्ता राहत की सांस ले रहे हैं क्योंकि टीवी डिबेट में उन्हें भेजा ही नहीं जा रहा है। यह उनके लिए वाकई बड़ी राहत की बात है क्योंकि ऐसे ट्वीट के बाद टीवी एंकर निश्चित ही कांग्रेस प्रवक्ताओं को “पंचिंग बैग” बना डालते। राहुल के उलजुलूल बयानों पर ये प्रवक्ता हमेशा से असमंजस में पड़ जाते हैं। इन्हें खुद समझ नहीं आता कि इनका नेता आखिर कहना क्या चाहता है? इन बेचारों की हालत टीवी स्टूडियो में वैसे ही ‘दयनीय’ हो चुकी थी। टीवी डिबेट में इन्हें न भेजने का फैसला वास्तव में कांग्रेस के लिए “संजीवनी” सिध्द हो सकता है।

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खैर, राहुल गांधी के ऊपर कितना ही लिखो, वह कम है क्योंकि ये बंदा सामान्य आदमी की समझ से बाहर है। अब ऐसा लगने लगा है कि इनकी समझ से भी सामान्य आदमी बाहर है। हालांकि कांग्रेस अपने युवराज के बयान की “तुरपाई” में लग चुकी है। उनका कहना है कि राहुल का यह ट्वीट सेना की डॉग स्क्वाड और जवानों के प्रति श्रद्धा को दर्शाता है, लेकिन ये तो जनता ही बता पाएगी कि युवराज के ट्वीट पर कांग्रेस की तुरपाई कितनी कारगर है?

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