Talented View : गुंडों का गुंडा, प्रशासन

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हर शहर में कुछ गुंडा तत्व सक्रिय होतें है। इन गुंडों के पास राजनीतिक सम्बन्ध होतें है, नेताओं से साझेदारी होती है, ताकत होती है, पैसा होता है, हथियार होतें है और वो सबकुछ होता है जिससे जनता खौफ खाती है। जनसामान्य कभी इन तत्वों के मुह नही लगना चाहता। इसका ये लौग फायदा उठातें है। अवैध कब्जे करतें है, व्यापारियों से वसूली करतें है, ब्लैकमेल करतें है, अवैध खनन  करतें है, बिना परमिट के बसें चलातें है, नशे का व्यापार करतें है और इसका एक हिस्सा नेताओ और पुलिस को पहुंचाना कभी नही भूलते।

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नेताओं, पुलिस और अपराधियों का ये गठजोड़ जनता का दम निकाल देता है। इन अपराधियों का सताया कुछ नही कर सकता सिवाय अपनी किस्मत को कोसने के। लेकिन सालों में कभी किन्ही गुप्त वजहों से, जब प्रशासन अपनी वाली पर आता है तो बड़े से बड़े गुंडों की हवा निकाल देता है। इंदौर में अभी जनता देख रही है कि कैसे ‘मायहोम समेत सभी अवैध कब्जों को प्रशासन द्वारा नेस्तनाबूद किया जा रहा है। कहने की जरूरत नही की जनता गुंडों पर ऐसी कार्यवाही से बहुत खुश होती है।

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कल मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पुलिस अधिकारियों को जो दो टूक निर्देश दिए है उसे देखकर लगता है कि राज्य में ‘माफिया’ की शामत आने वाली है। कमलनाथ ने पुलिस को साफ कह दिया है कि राज्य में माफिया तत्व पर उन्हें लगाम चाहिए। और कार्यवाही सिर्फ दिखावे की या फोटो खिंचाने की नही होना चाहिये। कार्यवाही इंदौर की तर्ज़ पर होना चाहिए जिससे माफिया की कमर टूट जाये और वो दुबारा अपराध करने की न सोच सके। कमलनाथ ने अपने इरादे जाहिर कर दिए है और उनका असर भी दिख रहा है।

लेकिन सवाल ये है की नैतिकता, शुचिता, विकास की ढपली बजाने वाले शिवराज चौहान के दौर में पुलिस कभी ऐसी हिम्मत क्यों नही जुटा पायी? ऐसा तो है नही की ये माफिया राज्य में पिछले 1 साल से ही सक्रिय हुए है। राज्य के माफिया तत्वो का लालन-पालन असल मे शिवराजसिंह के शासन में ही हुआ है। इसलिए मामाजी की कभी हिम्मत नही हुई कि गुंडों पर सख्त कार्यवाही कर सकें। इंदौर में भाजपा के बड़े नेताओं के गुंडों से सम्बन्ध की बात पूरा शहर जानता है। अगर पिछले दशक में हुए घोटालों की जांच ईमानदारी से हो गयी तो प्रदेश भाजपा के कई नेता जैल जाएंगे।

अगर कमलनाथ के निर्देशों का पुलिस ने हर जिले में सख्ती से पालन कर दिया तो भाजपा को प्रदेश में वापसी की उम्मीदें छोड़ देना चाहिये। गुंडों से त्रस्त आम जनता को सबसे बड़ा संतोष यही रहेगा कि कम से कम उन्हें गुंडों से डरने की जरूरत नही रहेगी। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश सुनकर जनता अभी से कमलनाथ का आभार मानने लगी है।  कमलनाथ ने साफ कर दिया है कि राजनीतिक दबाव में आये बिना पुलिस माफिया पर कार्यवाही करे और उन्हें नेस्तनाबूद करे।

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कमलनाथ के इस कदम को देखकर प्रदेश में सत्ता वापसी की उम्मीदें कर रही भाजपा को जोर का झटका लग सकता है। विपक्ष में बैठे मामाजी को ये सोचना चाहिए कि जनता मूर्ख नही है। कुछ सोचकर ही जनता ने शिवराजसिंह को हराया है। गुंडों के साथ भाजपा नेताओं की सांठगांठ के अलावा व्यापम, पेंशन जैसे घोटाले भी भाजपा को भारी पड़े है। बहरहाल, कमलनाथ सरकार की इस कार्यवाही का राजनीति से ऊपर उठकर स्वागत किया जाना चाहिए।

     – सचिन पौराणिक

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