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Talented View : ‘मोबाइल एप’ का कमाल

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एक मित्र ने व्हाट्सएप पर खुद का एक वीडियो लगाया था, जिसमें फर्श पर बिखरे नोट एक-एक करके खुद ही उसकी जेब में जा रहे थे। इसके पहले भी मैंने एक वीडियो देखा था, जिसमें कुछ बच्चे एक-एक करके नीचे से उछलकर पेड़ की शाखा पर बैठते नज़र आ रहे थे। ऐसे वीडियोज़ देखकर शुरू में बड़ी हैरानी हुई, लेकिन बाद में असलियत पता चली कि यह सब दरअसल एक ‘मोबाइल एप’ का कमाल है। इस एप से वीडियो रिवर्स करके देखे जा सकते हैं। जैसे यदि जेब से नोट फर्श पर बिखेर दिए तो वीडियो में नोट फर्श से जेब में आते दिखाए जा सकते हैं। फिर मैंने यह एप डाऊनलोड किया और खुद के कई वीडियो बनाए। दूसरों को इस तरह के एप से कुछ नया करते देख सभी ऐसा करने की कोशिश करते हैं।

ऐसे ही सोशल मीडिया पर चीजें वायरल होती हैं। जैसे आजकल ‘टिकटोक’  से वीडियो बनाने का भूत युवाओं के सिर पर चढ़ा हुआ है। दूसरों की देखादेखी हर कोई ‘टिकटोक’ से वीडियो बनाने में लगा हुआ है। कई एप्स ऐसे भी होते हैं, जिनके इस्तेमाल से वस्तुओं की रफ्तार को ज्यादा अथवा कम किया जा सकता है। इसमें इफेक्ट्स डाले जा सकते हैं और संगीत भी जोड़ा जा सकता है।

कहने का मतलब यही है कि जब भी ऐसी कोई नई चीज मार्केट में आती है तो सभी उसे ट्राय करने में लग जाते हैं। किसी को ये नई चीजें जल्दी ट्राय करने को मिल जाती हैं तो किसी को थोड़े दिन बाद। वैसे भी नई चीज़ों को ट्राय करना और उसे सबको बताना ही आज का लेटेस्ट ट्रेंड है।

Talented View : राजनीति क्या अंडरवर्ल्ड से भी बदतर ?

देश में एक नई ट्रेन की आजकल बहुत चर्चा चल रही है- “वंदे भारत एक्सप्रेस”। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कुछ दिन पहले ट्विटर पर इस ट्रेन का एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें यह ट्रेन बिजली की गति से भागते दिखाई दे रही है। यह ट्रेन ‘मेक इन इंडिया’ प्रोजेक्ट के तहत बनी है। गोयल के इस वीडियो को शेयर करने के साथ ही वे जनता के निशाने पर आ गए। लोगों का कहना है कि यह वीडियो डॉक्टर्ड है। असली वीडियो में ट्रेन की स्पीड इतनी नहीं है। इस वीडियो में ट्रेन की गति को दोगुनी करके दिखाया गया है। गोयल ने इस ट्रेन को ‘सेमी हाईस्पीड’ बताया, लेकिन लोगों ने इस ट्रेन को भी एक ‘जुमला’ कहकर मज़ाक उड़ाया।

वीडियो को देखने से लग भी यही रहा है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है। हालांकि गोयल ने इस बारे में कुछ नहीं कहा है, लेकिन इस वीडियो से सोशल मीडिया पर उनकी जमकर किरकिरी हो रही है। जनता इस वीडियो को लेकर चाहे जो कहे, लेकिन यह भी हो सकता है कि चीजों की स्पीड बढ़ाने वाला कोई नया एप मंत्रीजी ने डाउनलोड किया हो। इसे टेस्ट करने के लिए उन्होंने वंदे भारत एक्सप्रेस को चुना और स्पीड दोगुनी करके ट्विटर पर पोस्ट कर दिया। जो काम दुनिया जहान कर रही है वही मंत्रीजी ने कर दिया तो इस पर हल्ला मच गया।

वैसे मंत्रीजी को भी ऐसे नए-नए एप्स डाऊनलोड करने और वीडियोज़ एडिट करने का पूरा हक़ है। गलती दरअसल जनता की है कि उन्होंने इसे सच समझ लिया। कल मंत्रीजी का टिकटोक का वीडियो भी मार्केट में आ जाए तो कोई अचरज नहीं होगा क्योंकि सोशल मीडिया का जादू है ही कुछ ऐसा। मंत्रीजी की खता सिर्फ इतनी है कि जिस ट्विटर अकाउंट से यह वीडियो पोस्ट हुआ, वो उनका केवल निजी अकाउंट नहीं बल्कि भारत के रेलमंत्री का भी अकाउंट है, जिसे दुनिया देखती है। सोशल मीडिया की मनोरंजक एप्स का इस्तेमाल उन्हें आधिकारिक अकाउंट से करने से बचना चाहिए। ‘टिकटोक’ वाला आगामी वीडियो भी उन्हें इस अकाउंट से शेयर करने से बचना होगा, यही निवेदन।

-सचिन पौराणिक

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