Talented View : सोच की गंदगी

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बीते दिनों की कुछ घटनाओं पर गौर कीजिये। पाकिस्तान के मशहूर क्रिकेटर शाहिद अफरीदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में वो बड़े गर्व के साथ कह रहे है कि वो अपनी बीवी को बच्चों के सामने भारत के चैनल देखने के लिए मना करते है। लेकिन उनकी बीवी फिर भी सीरियल देखा करती थीं। ( Talented View On Pakistan ) एक बार उनकी बेटी भारत के किसी टीवी सीरियल को देखकर आरती करने लगी थी। ये देखते ही उन्होंने गुस्से में आकर टीवी फोड़ डाला। अफरीदी के इतना कहते ही दर्शकों ने जोरदार तालियों के साथ उनकी बात का समर्थन किया।

Talented View : अल्पसंख्यक का दर्द

पाकिस्तान के ही शोएब अख्तर ने ये खुलासा किया कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम में दानिश कनेरिया को हिन्दू होने की वजह से भेदभाव का शिकार होना पड़ता था। इसके बाद पूरा पाकिस्तान शोएब और कनेरिया पर टूट पड़ा। ( Talented View On Pakistan ) शोएब ने तुरंत सफाई पेश करते हुए कहा कि उनका कहने का ये मतलब नही था। पाकिस्तान की टीम में किसी के साथ धर्म के नाम पर भेदभाव नही किया जाता। इधर कनेरिया भी इस मसले पर ज्यादा बोलने से कतरा रहे हैं क्योंकि वो जानतें है कि वो पाकिस्तान में रहतें है।

तीसरा वाकया हिंदुस्तान का ही है जहां केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को इतिहासकार इरफान हबीब ने मंच पर बोलने से रोकने की कोशिश की। क्योंकि इरफान के सीएए पर उठाए गए सवालों का खान साहब तर्कसंगत जवाब देकर उनकी बोलती बंद कर दी थी। ( Talented View On Pakistan ) राज्यपाल के संवैधानिक पद पर बैठे शख्स के साथ सार्वजनिक तौर पर ऐसा व्यवहार हो सकता है तो बाकियों के लिए ये एक बड़ा सबक है। आज खबर आ रही है कि इरफान हबीब को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का छात्र सम्मान करने जा रहे है। राज्यपाल से बदतमीज़ी करने पर उन्हें पुरुस्कृत किया जा रहा है।

Talented View : शिवसैनिकों की गुंडागर्दी

आरिफ मोहम्मद खान की ही केटेगरी में तस्लीमा नसरीन और तारिक फतेह को भी रखा जा सकता है। इन दोनों के नाम से ही एक वर्ग हिंसा पर उतर आता है। ( Talented View On Pakistan ) सवाल है कि अगर ये लोग कुछ गलत कहतें है तो क्या उनकी बातों का तर्क के साथ जवाब नही दिया जा सकता? या फिर ये ऐसी अकाट्य बातें कहतें है कि उनका जवाब देना संभव नही? अपनी जमात के असली चरित्र को ये लोग दुनिया के सामने रख देतें है और चूंकि ये बातें तथ्यपरक होती है उसका जवाब देते किसी से बनता नही। इसलिए इनके साथ हिंसा करने की कोशिशें की जाती है।

पूरी दुनिया को एक ही रंग में रंगने की कोशिश करने वाले ये लोग कौन है? जो अपनी बेटी को आरती करते नही देख सकते वो एक ‘हिन्दू’ को ड्रेसिंग रूम में भला अपने साथ कैसे बैठा देख सकतें है? उसे कैसे अपने साथ खाना खिला सकतें है? जो लोग खुद से अलग किसी आवाज़ को, किसी विचार को, ( Talented View On Pakistan ) किसी आस्था को और किसी संस्कृति को बर्दाश्त नही कर सकते उनका इलाज क्या है? किस मानसिकता और विचारधारा के ये लोग झंडाबरदार है? क्या ये लोग मानवता के लिए खतरा नही है?

बगीचे में अलग-अलग रंग के फूल सिर्फ हिंदुस्तान और विकसित देशों के बगीचे में ही क्यों खिलतें है? बाकी देश क्यों सिर्फ कांटे उगा रहे है? अफरीदी, इरफान हबीब जैसे लोग क्या इस मानवता के बगीचे के सबसे बड़े दुश्मन नही है? जहां ये लोग रहतें है उस देश को ये नरक बना डालतें है लेकिन बचे हुए दूसरे देशों पर भी ये लोग नज़रे गड़ाए बैठे रहतें है। मौका मिलते ही दूसरे देशों में भी ये गंदगी फैलाना शुरू कर देतें है।  ( Talented View On Pakistan ) स्वच्छ भारत अभियान के तहत इस तरह की गंदगी की सफाई भी जरुरी है। ये गंदगी साफ होगी तो दुनिया रहने के लिए एक बेहतर जगह बन पाएगी।

Talented View : अहंकार बड़ा बेकार

सचिन पौराणिक

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