Talented View : सम्मान की जात

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भारत सरकार (Cartoon On National Awards by Indian Government)  ने साल 2020 के लिए पद्म पुरस्कार से सम्मानित होने वाले नामों की घोषणा कर दी है। इस वर्ष 7 लोगों को पद्म विभूषण (Padma Vibhushan) , 16 को पद्म भूषण और 118 लोगों को पद्मश्री सम्मान (Padmashree Award) दिया जाएगा। इस सूची को धार्मिक, मजहबी, जातिवादी और क्षेत्रवादी सोच रखने वाली ताकतें अपनी-अपनी नज़र से देख रही हैं। ये लोग सूची खंगालने में जुट गए हैं कि इन नामों में कितने दलित है, ब्राह्मण है, मुस्लिम है और कितने किसी खास विचारधारा के हैं।

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इस सूची में शामिल कुछ नामों की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। (Cartoon On National Awards) इनमें से एक नाम मोहम्मद शरीफ (Mohammad Shareef) का है और एक अदनान सामी (Adnan Sami) का। ये दोनों मुस्लिम हैं जिन्हें पद्म पुरस्कार (Padma Awards) दिया जाएगा। शरीफ चाचा दशकों से लावारिस लाशों के अंतिम संस्कार का काम करतें आए हैं। लाश मुसलमान की होती तो उसे कब्रिस्तान में दफनाना और हिन्दू की हो तो सरयू किनारे उसका दाह संस्कार करना शरीफ चाचा का रोज़ का काम है। उनकी इस निस्वार्थ सेवा को भारत सरकार (Indian Government) ने अहमियत देते हुए इस सम्मान से नवाजा है।

लेकिन अदनान सामी (Adnan Sami) को ये पुरुस्कार  (Cartoon On National Awards) क्यों दिया है ये मामला कुछ समझ नही आ रहा है। अदनान कहने को कई वर्षों से भारत मे ही रह रहे हैं लेकिन उन्हें भारत की औपचारिक तौर पर नागरिकता मिले मात्र 4 बरस ही बीते है। इन चार सालों में ट्विटर पर वो बेहद सक्रिय रहे और पाकिस्तानियों को जमकर कोसा। भारत की तारीफ़ में उन्होंने कसीदे पढ़े और भारत सरकार की भी दिल खोलकर प्रशंसा की। सामी को पद्म पुरस्कार (Padma Awards) देने की वजह कुछ और ही हो सकती है।

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अदनान सामी (Adnan Sami) को ये पुरुस्कार  (Cartoon On National Awards) देकर सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ये संदेश देना चाहती है कि भारत मे मुसलमानों के साथ कोई भेदभाव नही होता। हालांकि ये सच्चाई भी है कि भारत में धार्मिक आधार पर कभी कोई भेदभाव नही किया जाता लेकिन सीएए के विरोध में भारत की इस धर्म-निरपेक्ष छवि पर कीचड़ उछाला गया। अदनान (Adnan Sami) को पुरुस्कार दिए जाने पर सरकार जानती थी कि ये मामला तूल पकड़ेगा, सरकार की मंशा भी यही है। शायद इसीलिए अदनान (Adnan Sami) को इस सम्मान के लिए चुना गया है।

नही तो संगीत के क्षेत्र में अदनान (Adnan Sami)  ने ऐसा कोई तीर नही मारा जिसकी वजह से उन्हें ये सम्मान दिया जाए।  (Cartoon On National Awards) पाकिस्तानियों को भारत पसंद आता है तो इसके पीछे ‘पैसा’ सबसे बड़ी वजह है। पाकिस्तानी क्रिकेटरों, गायकों को भारत (India)  सिर्फ पैसे कमाने के लिए अच्छा लगता है। पाकिस्तान (Pakistan) खुद कंगाल देश है इसलिए इनकी जरूरतें वहां पूरी नही हो पाती। इधर हम बांहे खोलकर इनका स्वागत कर देतें है, इनकी झोली भर देतें है इसलिए इन्हें हमारा देश अच्छा लगने लगता है।

(Cartoon On National Awards) कहने को शरीफ चाचा भी मुसलमान है लेकिन उनको सम्मान दिए जाने पर इतनी चर्चा नही हो रही जितनी अदनान सामी (Adnan Sami) पर हो रही है। शरीफ चाचा इस सम्मान से अभिभूत है और मोदी सरकार (Modi Sarkar) की तारीफों के पुल बांध रहे है। लेकिन शरीफ चाचा और सामी (Adnan Sami) दोनो में फर्क है। फर्क इतना तो साफ दिखाई दे रहा है कि शरीफ चाचा को सम्मान मिला है इसलिए वो सरकार की तारीफ कर रहे है और सामी सरकार की तारीफ करते थे इसलिए उन्हें सम्मान मिला है।

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Sachin Pauranik

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