Talented View : एयर स्ट्राइक से नरेंद्र मोदी का कद बढ़ा

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कल से कई भाजपा विरोधी दबे स्वर में यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि यह एयर स्ट्राइक चुनाव जीतने के लिए की गई है। मैंने उन्हें कहा- हो सकता है कि यह सच हो, लेकिन इसमें बुराई क्या है? आतंक की कमर तोड़कर, उनकी लाशें बिछाकर यदि चुनाव जीते जा सकते हैं तो यह एक राष्ट्र के रूप में अच्छा संकेत है। कोई दंगे कराकर चुनाव जीतता है, कोई जाति के नाम पर, कोई परिवार के सदस्यों (दादी-पापा) की लाशें दिखाकर चुनाव जीतना चाहता है तो इन सबसे बेहतर तो यही है कि आतंकवादियों की लाशों पर चुनाव जीते जाए।

अटलजी के समय कंधार विमान अपहरण हुआ, संसद पर हमला हुआ। मनमोहन के राज़ में मुंबई पर हमला हुआ, लेकिन तब पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब क्यों नहीं दिया गया? मैंने पता किया कि ये मिराज विमान देश को मोदी के कार्यकाल में नहीं मिले हैं, ये पहले से हमारे पास थे। आतंकियों के ठिकाने भी हमें पहले से पता थे। हर हमले के बाद पाकिस्तान को आतंकियों के ठिकाने का पता हम सालों से बताते आए हैं। भारतीय सेना के शौर्य में कोई कमी थी, ऐसा भी नहीं है, लेकिन कमी थी तो सिर्फ मज़बूत नेतृत्व, आक्रामक राष्ट्रनीति और राजनीतिक इच्छाशक्ति की, जो नरेंद्र मोदी में कूट-कूटकर भरी है।

अटल बिहारी वाजपेयी के पास भी पाकिस्तान को सबक सिखाने का मौका था और मनमोहन सिंह के पास भी, लेकिन दोनों ने उस मौके को गंवा दिया, लेकिन नरेंद्र मोदी मौकों को गंवाने वालों में से नहीं है बल्कि उसे भुनाने वालों में से है। उनके जैसा ‘शोमैन’ भारत की राजनीति में आज तक नहीं हुआ। अपने हर काम को वे एक अलग ही ढंग से अंजाम देते हैं।

आम दिनों में भी वे पाकिस्तान को करारा जवाब देते, लेकिन आगामी महीनों में देश में आम चुनाव है। ऐसे में मोदी यह सुनहरा मौका कैसे छोड़ सकते थे?  ये नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व का ही परिणाम है कि पाकिस्तान को हम उसके घर में घुसकर मार कर आए हैं और परमाणु हमले की धमकी देने वाले मुल्क की बोलती बंद हो गई है। उसका दोस्त चीन भी उसका साथ नहीं दे पा रहा है। भारत के आक्रामक रुख को देखते हुए कोई देश पाक के साथ खड़ा होने को तैयार नहीं है।

भारत की शक्तिशाली सेनाओं के आगे पाक की क्या बिसात है?  यह हकीकत पाकिस्तान भी समझता है कि भारत से सीधे जंग उसके बूते की बात नहीं है इसलिए वह आतंकवाद को बढ़ावा देकर ‘प्रॉक्सी लड़ाई’ में ज्यादा विश्वास करता है, लेकिन जब से भारत में नई सरकार बनी है, तब से पाक का दिन का सुकून और रातों की नींद उड़ गई है। इसका उदाहरण कल पाकिस्तान की संसद में भी देखने को मिला।

वे यह कह रहे हैं कि मोदी जब से भारत का हुक्मरान बना है, उसने हमारा जीना मुश्किल कर दिया है। हम सब इमरान खान के साथ हैं क्योंकि यह हमारी मजबूरी है। मोदी के रहते भारत से हमें लगातार खतरा बना हुआ है। हमारी बदकिस्मती है कि मोदी भारत का हुक्मरान है। समझने की बात है कि यदि ऐसी बातें हमारा दुश्मन करेगा, तब देश तो मोदी के साथ खड़ा ही मिलेगा। दुश्मन यदि हमारे नेता से दुखी हैं तो इसका मतलब यही है कि हमारा चुनाव सही था। पाक की नींद उड़ी हुई है इसका मतलब यही है कि हमारा चौकीदार जाग भी रहा है और देश की रखवाली भी कर रहा है।

राजनीतिक तौर पर सोचा जाए तो इस ताज़ा एयर स्ट्राइक से नरेंद्र मोदी का कद इतना बड़ा हो गया है कि अब कोई नेता उनके इर्द-गिर्द भी नहीं है। पाक पर हमले से देश में उत्सव का माहौल है। जनता खुश है, बधाइयां दी जा रही है, पटाखे फोड़े जा रहे हैं, जश्न मनाया जा रहा है, लेकिन विपक्ष हैरान है। सेना के शौर्य ने देश को एक सूत्र में पिरो दिया है।

सियोल में शांति का पुरस्कार लेकर पाक की शांति भंग करके और उसके बाद इस्कॉन मंदिर में गीता पर एक शानदार उद्बोधन देकर नरेंद्र मोदी ने दिखा दिया है कि उनके लिए सबसे पहले देश है। गीता को सच्चे अर्थों में आत्मसात करने वाले कर्मवीर प्रधानमंत्री मोदी का ये निराला रूप जनता के सामने आया है। जनता भी दिलों में ये मान चुकी है की चौकीदार चोर नही ‘प्योर’ है।

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-सचिन पौराणिक

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