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Talented View : “चौकीदार चोर है” का जवाबी नारा शायद हो गया तैयार

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मोहल्ले के सारे बच्चे राजू को ‘कल्लू’ बोलकर चिढ़ाया करते थे। राजू थोड़ा सांवला ज़रूर था, लेकिन काला बिल्कुल नहीं था, लेकिन उसके पिताजी की अर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी इसलिए भी दूसरे बच्चे उसका मजाक उड़ाया करते थे। राजू ‘कल्लू’ सुन-सुनकर बहुत गुस्सा हो जाता था। एक दिन क्रिकेट खेलते वक्त एक बच्चे ने राजू को चिल्लाया – “ओए कल्लू ! गेंद लेकर जल्दी आ”, तब राजू का खून खौल गया। उसने गुस्से में आकर उस बच्चे को कह दिया- ”तेरा बाप होगा कल्लू साले।” राजू का ऐसा रूप किसी ने पहले नहीं देखा था।

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यह सुनते ही वह बच्चा रोने लगा और घर जाकर अपनी मम्मी से राजू की शिकायत की। उसकी मम्मी ने आसपास की औरतों को इकट्ठा किया और राजू को बुलवाया और पूछा कि क्या उसने वाकई ऐसा कहा है? तो राजू ने बताया कि हां, उसने कहा है, लेकिन उसने यह इसलिए कहा कि बाकी सब रोज़ ही उसे कल्लू कहकर चिढ़ाते हैं। बच्चों से पूछने पर राजू की बात सही पाई गई। तब सभी बच्चों ने पहले राजू को सॉरी कहा, उसके बाद राजू ने उसे सॉरी कहा, तब जाकर मामला शांत हुआ। उसके बाद राजू को किसी ने कल्लू कहकर नहीं चिढ़ाया और राजू ने भी किसी के पिताजी पर कोई टिप्पणी नहीं की।

आज देश के कई राज्यों में पांचवें चरण का मतदान हो रहा है। अमेठी और लखनऊ जैसी हाई-प्रोफाइल सीटों पर भी आज वोट डाले जा रहे हैं। राहुल गांधी, स्मृति ईरानी, राजनाथसिंह जैसे राजनीतिक दिग्गजों की किस्मत का फैसला आज ईवीएम में बंद हो जाएगा, लेकिन इस दौर के मतदान से पहले पूर्व राजीव गांधी चर्चा में आ गए हैं।

अखिलेश का गैर-जिम्मेदार व्यवहार, मोदी का आधार

नरेंद्र मोदी द्वारा उन्हें ‘भ्रष्टाचारी नंबर 1’ कहने से चुनावी माहौल गर्म हो गया है। राहुल गांधी और  प्रियंका वाड्रा अपने पिताजी का नाम भ्रष्टाचारियों में शामिल करने से गुस्से में हैं। कई बड़े विपक्षी नेता राजीव गांधी पर की गई टिप्पणी को व्यक्तिगत हमला बताकर निंदा करने में लग गए हैं, लेकिन सवाल है कि क्या यह बयान सच में व्यक्तिगत है? लालू यादव भ्रष्टाचार के सबसे चर्चित मामले ‘चारा घोटाले’ में जेल में बंद हैं। लालू का नाम चारा घोटाले से जोड़ने पर क्या यह आरोप व्यक्तिगत हो जाएंगे?  कनिमोझी और राजा जैसे नेताओं का नाम 2जी घोटाले में लिया जाएगा तो क्या यह व्यक्तिगत हमला हो जाएगा?

यदि ऐसा है तो फिर रफाल के कथित घोटाले में मोदी का नाम लेना व्यक्तिगत हमला नहीं कहलाएगा? मोदी के पिताजी, माताजी और पत्नी पर विपक्षियों के बयान किस श्रेणी में आएंगे फिर ?  राहुल गांधी दिन-रात “चौकीदार चोर है” चिल्ला रहे थे। “चौकीदार चोर है” को उन्होंने चुनावी नारा बना लिया था, लेकिन जैसे ही मोदी ने कहा कि राजीव गांधी चोर है तो राहुल गांधी की हालत पतली हो गई। अब वे भावुक होकर कह रहे हैं कि मोदी ने उनके पिताजी पर निजी हमला किया, लेकिन ऐसा है तो राहुल किस हक़ से मोदी पर निजी हमले कर रहे थे? अब मोदी ने पलटकर जवाब से दिया कि आपके पिताजी भ्रष्ट हैं तो राहुल तिलमिला उठे हैं।

Talented View : सस्ता रोये बार-बार, महंगा रोये एक बार

राहुल को समझना चाहिए कि उनका पूरा खानदान राजनीति में है इसलिए टीका-टिप्पणी से वे बच नहीं सकते, लेकिन मोदी के परिवार का राजनीति से कोई लेना-देना ही नहीं है तो उन पर टिप्पणी कैसे जायज़ मानी जा सकती है? राहुल ने पहले प्रधानमंत्री को चोर बोला, लगातार बोला, लेकिन प्रधानमंत्री ने जैसे ही राहुल के पिताजी का नाम लिया तो राहुल झल्ला गए। रोज़-रोज़ ‘कल्लू’ सुनकर कोई भी बच्चा भड़क जाएगा और फिर उसका निशाना सीधा पिताजी पर ही जाता है। अब राहुल को बेकार का रोना-धोना, सहानुभूति बटोरना बंद करके अपनी हरकतों पर ध्यान देना चाहिए। आप किसी को कल्लू कहकर चिढ़ाएंगे तो एक दिन वह भी आपके बाप को कल्लू कह ही देगा और आप उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे क्योंकि शुरुआत आपने स्वयं की है। उम्मीद है कि अब “चौकीदार चोर है” सुनने को नहीं मिलेगा क्योंकि इसका जवाबी नारा शायद भाजपा ने तैयार कर लिया है।

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