Talented View : मोदी की चमक का राज़

0

(Cartoon On Modi Speech) गांव में एक बड़े उम्रदराज़ बुज़ुर्ग रहा करते थे।  नाम उनका किसी को पता नही था, लेकिन सब उन्हें ‘दद्दा’ कहकर पुकारते थे। दद्दा आसपास के इलाके में सबसे वृद्ध और सम्मानित शख्स थे। गांववाले उनकी बहादुरी और समझदारी के कारनामो के चलते हमेशा उनसे राय-मशवरा लेने आया करते थे। दद्दा भी हमेशा सबको सही राय देते थे। लेकिन दद्दा के साथ एक समस्या थी। समस्या ये थी कि गांववालों का सम्मान देखते हुए कभी-कभार वो किस्से सुनाते-सुनाते बीच में गप्प भी मार दिया करते थे।

Talented View : और जनता भी मोदी-मोदी चिल्लाने में व्यस्त

(Cartoon On Modi Speech) ऐसे ही एक बार बच्चे उन्हें घेरकर भूतों की चर्चा कर रहे थे तो दद्दा जोश में आकर बोले- एक बार जंगल मे मुझे भूत मिल गया था। मैंने अपनी छड़ी से उसकी इतनी पिटाई लगाई कि वो भूत हमेशा के लिये जंगल छोड़कर भाग गया। बच्चे दद्दा की ये कहानी सुनकर रोमांचित थे लेकिन गांव के कुछ सयाने समझ चुके थे कि ये घटना कोरी गप्प है। दद्दा बहादुर जरूर हैं लेकिन ये भूत की घटना गप्प के अलावा कुछ नही है। ग्रामीण उनका सम्मान हमेशा करते लेकिन उनकी ऐसी किसी ‘गप’ को वो तुरन्त भांप भी जाते थे।

ये कहानी बरबस ही याद आ गयी जब प्रधानमंत्री (Cartoon On Modi Speech) का वो बयान सुना कि मेरे चेहरे पर चमक इसलिए है क्योंकि मैं मेहनत के पसीने से मालिश करता हूं। दरअसल प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2020 विजेताओं के साथ बातचीत कर रहे थे। तब उन्होंने मेहनत करने के लिए बालकों को प्रेरित किया। इसी दौरान मोदी ने खुद के चेहरे के चमकने को लेकर ये दिलचस्प बात कही। प्रधानमंत्री के शब्दों में-“एक बार किसी ने बहुत साल पहले मुझसे पूछा था कि आपके चेहरे पर इतना तेज क्यों है? मैंने आसान जवाब दिया था। मैं बहुत मेहनत करता हूँ, मेरे शरीर से बहुत पसीना निकलता है और मैं उसी पसीने से मालिश करता हूं। इसलिए चेहरा चमक जाता है।”

Talented View : कांग्रेस ने उम्मीदों से उलट फिर अजय राय को मैदान में उतारा

प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) आज जहां है वहां अपने संघर्ष, मेहनत, ईमानदारी और निष्ठा से ही पहुंचे हैं। उनका जीवन अभावों और संघर्षों में बीता इससे कोई इनकार नही कर सकता। (Cartoon On Modi Speech) बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के वो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री बने है तो निःसंदेह इसमें उनकी जी-तोड़ मेहनत की बड़ी भूमिका है। आज भी वे बिना कोई ब्रेक लिए दिन में 18 घंटे तक काम करतें है ये एक सच्चाई है। लेकिन ये पसीने से मालिश की बात लगता है मोदीजी ने जोश में आकर बोल दी है।

लोग प्रधानमंत्री (Cartoon On Modi Speech)  की बातों को आदर के साथ सुनते हैं, उनका अनुसरण भी करतें है। लेकिन कभी कभी लगता है मोदीजी गांव के उस दद्दा की तरह ज्यादा जोश में आ जातें है। प्रधानमंत्री की मेहनत पर कोई संदेह नही है लेकिन पसीने से मालिश की बात जोश में आकर ही बोली गयी प्रतीत होती है। लगातार सार्वजनिक मंचो से अपनी बात कहने के दौरान वक्ता कभी-कभी जोश में आ जातें है और ऐसी गलतियां हो जाती हैं। राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो तकरीबन हर नेता की ज़ुबान कभी न कभी जरूर फिसली है।

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के पिछत्तीस हजार हो, कुम्भकर्ण लिफ्ट योजना या फिर मोदी जी के ही 600 करोड़ जनता के वोट देने की बात, ये सभी जुबान फिसलने के परिणाम है। (Cartoon On Modi Speech) अंग्रेजी में जिसे ‘स्लिप ऑफ टंग’ कहते हैं वो यही है। कहने का सार यही है की जनता भले ही आपको सम्मान के साथ सुनती हो लेकिन सच-झूठ-गप्प का अनुमान वो भली-भांति लगा लेती है। जिन बच्चों का रंग गहरा या सांवला है वो भले ही मोदीजी से प्रेरणा लेकर पसीने से मालिश शुरू कर दें लेकिन ऐसा लगता नहीं कि इससे उनके चेहरे में कोई चमक आ पायेगी..!

Talented View : मोदी को हराने के लिए ज़मीन से जुड़ा नेता चाहिए

Sachin Pauranik

Share.