Talented View : दीदी की बौखलाहट और गुस्सा देखकर भाजपा खुश

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बढ़ते बच्चे जब स्कूल जाने लगते हैं तो अक्सर उनकी यह शिकायत होती है कि क्लास के दूसरे बच्चे उसे चिढ़ाते हैं। ऐसी शिकायतें टीचर के अलावा माता-पिता के पास तक पहुंचती हैं। इस पर अभिभावकों के सामने यह समस्या आती है कि वे बच्चे को कैसे समझाएं? क्योंकि बच्चा जितना ज्यादा चिढ़ता है, दूसरे बच्चों को उसे चिढ़ाने में उतना ही मज़ा आने लगता है।

इसलिए मनोवैज्ञानिक और समझदार लोग सलाह देते हैं कि ऐसी परिस्थितियों में बच्चे को इन बातों पर ध्यान देना बंद कर देना चाहिए क्योंकि दूसरों को मज़ा तभी आता है, जब वह चिढ़ता है। अगर बच्चा इन बातों पर ध्यान देना बंद कर दे तो उसे चिढ़ाने वाले भी स्वतः रुक जाते हैं। छोटे बच्चों को ये बातें समझाना बहुत मुश्किल होती है क्योंकि ये बातें आजकल भारत के बड़े नेता ही नहीं समझ पा रहे हैं।

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ममता बनर्जी जैसी परिपक्व और मजबूत नेत्री इन दिनों मानसिक असंतुलन के दौर से गुज़र रही है। चुनाव में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा ‘जय श्रीराम’ के नारे पर दीदी के भड़कने के बाद भाजपा को बैठे-बिठाए एक मुद्दा मिल गया था। इसका नतीजा यह निकला कि दीदी के अपने राज्य में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन दीदी की हरकतें देखकर लगता नहीं कि उन्होंने उस घटना से कोई सबक लिया है। कल बंगाल के 24 परगना में दीदी के काफिले को देख कुछ कार्यकर्ताओं ने फिर ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए और दीदी ने भी वैसी ही प्रतिक्रिया दी, जैसी पहले दी थी।

जय श्रीराम सुनते ही दीदी भड़क गईं और गाड़ी रुकवाकर पुलिस को इन लोगों के नाम दर्ज करने को कहा। दीदी इस दौरान बेहद गुस्से में दिखीं। वे बंगाली में कुछ बड़बड़ा रही थीं, लेकिन उनके हावभाव देखकर यही लग रहा था कि दीदी अपने आपे से बाहर हो चुकी हैं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 लोगों को ‘जय श्रीराम’ कहने के जुर्म में हिरासत में ले लिया।

Today Cartoon On West Bengal Jai Shri Ram, Mamata Banerjee, TMC

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भाजपा का नेतृत्व भी मानो दीदी की इस गलती का इंतज़ार ही कर रहा था। भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दे दिए कि दीदी जहां भी जाएं ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए जाएं। देखते हैं पुलिस कितने लोगों को गिरफ्तार करती है। अब आने वाले दिनों में दीदी और बंगाल पुलिस के सामने बड़ी चुनौती रहने वाली है। हजारों की तादाद में जनता दीदी को देखकर ‘जय श्रीराम’ कहेगी और पुलिस कुछ नहीं कर पाएगी। आखिर पुलिस भी कितनों को गिरफ्तार कर सकती है? थानों और जेलों की भी एक क्षमता होती है और अगर पुलिस जय श्रीराम वालों को गिरफ्तार करने में ही सारी ऊर्जा लगाएगी तो बाकी अपराधियों को कब पकड़ेगी? दीदी दरअसल चुनाव में हार के बाद से ही बौखलाई हुई हैं।

दीदी यह बात हजम नहीं कर पा रही हैं कि भाजपा ने उनके किले में सेंध लगा दी है। इस बौखलाहट में वे ऐसी हरकतें कर रही हैं, जिससे भाजपा की राह और आसान होती जा रही है। दीदी ये समझ ही नहीं पा रही हैं कि भाजपा का अगला लक्ष्य बंगाल विधानसभा में भाजपा सरकार बनाने का है। चुनाव में जीतने के लिए भाजपा को दीदी के खिलाफ माहौल बनाना पड़ेगा और दीदी का जय श्रीराम का विरोध करना भाजपा के लिए जमीन तैयार कर रहा है।

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ममता दीदी भाजपा के जाल में बुरी तरह फंस चुकी है। जय श्रीराम के नारे से निपटने का सबसे अच्छा तरीका यही था, जो स्कूल में बच्चों को सिखाया जाता है। इस नारे को दीदी नज़रअंदाज़ कर दे तो नारे लगाने वालों का जोश यूं ही ठंडा हो जाएगा। दीदी अगर चालाकी से काम लें तो वे खुद ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाकर भाजपा के इस अभियान की हवा निकाल सकती हैं, लेकिन गुस्से में अपना विवेक खो बैठी दीदी से किसी समझदारी भरे कदम की अब उम्मीद नहीं की जा सकती है। दीदी की बौखलाहट और गुस्सा देखकर भाजपा खुश हो रही है तो टीएमसी का असली समर्थक कहीं उदास बैठकर अपनी पार्टी की उल्टी गिनती गिन रहा होगा।

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