Talented View : दिखावा नहीं काम चाहिए

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माफिया पर कार्यवाही करने के मुख्यमंत्री कमलनाथ (CM Kamalnath)का आदेश छोटे शहरों तक आते-आते दम तोड़ने लगा है। इंदौर (Indore), भोपाल (Bhopal) जैसे बड़े शहरों में तो माफिया (Cartoon On Land Mafia) के खिलाफ कार्यवाही ताबड़तोड़ जारी है लेकिन बाकी जगहों पर पुलिस और प्रशासन सुस्ती का शिकार है। जीतू सोनी के साम्राज्य को जमींदोज करने के बाद बाकी माफियाओं पर भी पुलिस ने जिस तरह की कार्यवाही की थी उसे देखकर लगा था कि पूरा प्रदेश माफ़ियामुक्त हो जाएगा लेकिन ऐसा होता दिखाई नही दे रहा है।

Talented View : दिखावा नहीं काम चाहिए

छोटे शहरों में कार्यवाही माफिया (Cartoon On Land Mafia) की जगह पर चर्चित चेहरों पर होने लगी है। और जो निर्माण ढहाए जा रहे है वो भी अतिक्रमण या अवैध कब्जे की बजाय खुद की ज़मीन पर ‘एमओएस’ के नाम पर किये जा रहे है। एमओएस (MOS) अर्थात मिनिमम ओपन स्पेस के कानून के हिसाब से अगर ईमानदारी से कार्यवाही अंजाम दी जाए तो पूरे शहर में शायद ही कोई मकान बचे। क्योंकि जिस तरह के नक्शे सरकारी विभाग पास करतें है उस हिसाब से महंगी ज़मीन पर निर्माण किया ही नही जा सकता।

प्रशासन ये बात अच्छे से समझता है और इसीलिये जहां नियम, कानून उसके खिलाफ जातें है वो एमओएस के नाम पर तोड़फोड़ शुरू कर देतें है। मुख्यमंत्री कमलनाथ (CM Kamal Nath) को अधिकारियों को ये साफ करना चाहिए कि माफिया और गुंडों पर कार्यवाही करने की जगह प्रशासन एमओएस के नाम पर अराजकता न फैलाये। क्योंकि अंदर की बातें बाहर आ ही जाती है कि किस मैरिज गार्डन वाले ने कितने करोड़ देकर कार्यवाही रुकवाई है। या किस अधिकारी ने कितने रुपये में अतिक्रमण की कार्यवाही का तोड़बट्टा किया?

गुंडे, माफिया (Cartoon On Land Mafia) , बदमाशो पर कठोर कार्यवाही हो इसमें कोई विरोध नही है, ये होना चाहिए, ये स्वागत योग्य कदम है। लेकिन इस कार्यवाही में भेदभाव और भ्रष्टाचार से असल मकसद कभी हल नही होने वाले। अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लगना चाहिये और उनके द्वारा की जा रही लेनदेन की भी जांच होना चाहिये। प्रशासन की कार्यवाही बड़े से छोटों की तरफ होना चाहिए लेकिन धरातल पर इसका उल्टा हो रहा है।

Talented View :उम्मीद 2020

बड़े माफिया (Cartoon On Land Mafia) न सिर्फ फरार है बल्कि अपने रसूख से सुरक्षित भी है जबकि छोटे-मोटे अपराधी ही कार्यवाहि की ज़द में आ रहे है। छोटे अपराधियों से कोई सहानुभूति नही है लेकिन बड़े गुंडों पर कार्यवाही न होना जरूर जनता को खलता है। प्रदेश के छोटे शहरों में यही हो रहा है। शातिर अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस लाख कोशिशों कर बाद भी उन तक नही पहुंच पा रही है। अपराधियों की गिरफ्तारी मुश्किल नही है लेकिन पुलिस प्रशासन के ‘विभीषण’ अपना काम दिखा जातें है। ये लौग तनख्वाह सरकार से लेतें है लेकिन ड्यूटी माफिया की करतें है।

(Cartoon On Land Mafia) प्रदेश सरकार की एक बहुत अच्छी पहल ‘माफ़ियामुक्त’ मध्यप्रदेश पर अधिकारी बट्टा लगाने पर तुले हुए है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेश के बावजूद ये लौग अपराधियों से सांठगांठ करने से बाज़ नही आ रहे। सरकार को इन अधिकारियों को दुरुस्त करने की सख्त जरूरत है नही तो एक शानदार पहल का दम निकल जायेगा। माफिया यही चाहता है कि ये कार्यवाही थम जाये। लेकिन प्रदेश की जनता इस मामले में सरकार के साथ है। अपराधियो पर ठोस कार्यवाही का जनता हमेशा समर्थन करती आई है। सरकार को सिर्फ इस कार्यवाही में हो रही विसंगतियों पर लगाम लगाने की जरूरत है। प्रशासन में ईमानदारी जाग गयी तो तो एक भी अपराधी बचकर नही निकल सकता।

Talented View : पारिवारिक सरकार

– सचिन पौराणिक

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