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Talented View : सरकारी अधिकारी या अपराधी

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हर शहर में अय्याशी के कुछ अड्डे बने होतें है। ये अड्डे ज्यादातर असामाजिक तत्वों के होते हैं,जिनके राजनीतिक सम्बन्ध होते हैं। क्योंकि राजनीतिक सम्बन्धो और प्रशासनिक जुगाड़ के बिना ये अड्डे पनप ही नही सकते। पुलिस को सब पता होता है कि शहर में कहाँ क्या हो रहा है। लेकिन ‘बंदी’ समय पर आती रहती है तो पुलिस कभी भूले से भी उस तरफ नही जाती। बल्कि कई दफे तो प्रशासनिक अधिकारी खुद अपने उच्चाधिकारियों को ‘खुश’ करने के लिए इन तत्वों की मदद लेते रहते हैं।

Talented View : अपराधी कौन- पुलिस या बलात्कारी?

ऐसा ही एक कुख्यात अड्डा है इंदौर का ‘माय होम’ गीता भवन चौराहे के पास स्थित ये होटल अनैतिक गतिविधियों में लिप्त रहने वालों का पसंदीदा अड्डा है। इसके मालिक जीतू सोनी की धाक इतनी ज्यादा है कि प्रशासन की कभी हिम्मत नही हुई इस अड्डे की तरफ आंख उठाकर देखने की। सालों से इंदौर समेत आसपास के शहरों के धन्ना सेठ यहां आते हैं और वो सब करते है जो कानूनी नही होता। ‘माय होम’ इसलिए भी ज्यादा चर्चित रहा क्योंकि सब जानते थे कि ये अड्डा सबसे सुरक्षित है और पुलिस यहां आ ही नही सकती।

लेकिन सोनी के मीडिया चैनल लोकस्वामी द्वारा प्रदेश के हाईप्रोफाइल ‘हनीट्रेप’ मामले के ऑडियो-वीडियो वायरल करने के बाद अचानक प्रशासन सक्रिय हो गया। पुलिस ने माय होम के अलावा जीतू सोनी के सभी ठिकानों पर बड़ी कार्यवाही की। इस होटल से 67 लड़कियां बरामद की गई है। ये लड़कियां बंगाल, असम समेत देश के अलग-अलग शहरों से लाई गई थी। उन्हें होटल में बँकरनुमा कमरों में रखा गया था। पुलिस आशंका जता रही है इन लड़कियों से अनैतिक कार्य करवाये जाते थे।

ये बात दीगर है कि पूरा इंदौर इस बात को सालों से जानता है। जीतू सोनी के सम्बंध पुलिस से इतने अच्छे है कि इस गोपनीय कार्यवाही की खबर भी उसे पहले ही मिल गयी। पुलिस के होटल पहुंचने से आधा घंटा पहले वो कहीं फरार हो गया। पुलिस ने अब सोनी पर 10 हजार रुपये का इनाम रखा है। बताया जा रहा है कि निलंबित इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर इंदौर के एमआईजी थाने में सोनी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था।

पुलिस की इस कार्यवाही ने जीतू सोनी के पुत्र अमित सोनी को भी आरोपित बनाया गया है। पुलिस सोमवार को अमित को साथ लेकर ऑफिस पहुंची और कई तिजोरियां तुड़वाई। इनमे क्या मिला ये अभी तक पता नही चल पाया है। लेकिन पुलिस की इस बड़ी कार्यवाही से शहर हैरान नज़र आया। सब यही सोच रहे है कि अचानक से पुलिस को क्या हो गया? माय होम में जो हो रहा है वो कुछ नया तो है नही। लेकिन अचानक ऐसे कौन से हालात बने जिससे प्रशासन को इस कार्यवाही के लिए मजबूर होना पड़ा।

Talented View : राजनीति में नहीं चलती ईमानदारी

दरअसल प्रदेश का हनीट्रैप मामला इतना गहरा है कि इसमें कई बड़े अधिकारी और सफेदपोश शामिल है। जीतू सोनी के मीडिया हाउस द्वारा इस प्रकरण से जुड़े वीडियो वायरल करने से नामदारों में हड़कंप मच गया था। अपनी इज़्ज़त बचाने के लिए सभी विभागों ने एकसाथ मिलकर जीतू सोनी को घेर लिया। जब बात खुद को बचाने पर आ गयी तो प्रशासन ने पूरी ताकत के साथ धावा बोल दिया। अन्यथा माय होम में जो चल रहा था वो इंदौर का बच्चा-बच्चा जानता है। ऐसा लग रहा है कि जीतू सोनी द्वारा हनी ट्रेप मामले में बड़े खुलासों की संभावनाओं की आशंका के मद्देनजर उनकी आवाज़ बंद करने की कोई बड़ी साजिश रची गयी है।

इस मामले में कौन सही है कौन गलत, ये जनता तय करे क्योंकि जनता के सामने दोनो पक्ष रख दिये है। जनता को हक है ये जानने का की ये प्रशासनिक कार्यवाही इसी समय पर क्यों हुई है जब अधिकारी खुद ही कटघरे में है? जनता ये भी जानना चाहती है कि प्रशासनिक तंत्र क्या इतना कमज़ोर हो चुका है कि इस कार्यवाही को करने में उन्हें दशकों लग गए? जनता ये भी जानना चाहती है कि हुस्न के लालच में मंडराते भंवरे आखिर कौन अफसर और नेता है? उम्मीद है कि इन सवालों के जवाब जनता को मिलेंगे।

Talented View : शिव नहीं बनी सेना

– सचिन पौराणिक

 

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