Talented View : बुज़दिल इंकलाबी

0

जामिया (Jamia Protest Citizenship Amendment Act 2019) छात्रों के हिंसक प्रदर्शन के बीच एक वीडियो कल रात से सुर्खियां बटोर रहा है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि हिंसा फैला रहे एक छात्र को जब पुलिस ने पकड़ना चाहा तो 2-3 महिलाएं उसकी कवच बन गयी। महिलाएं पुलिस पर दबाव बनाते हुए हंगामा करने लगी। लेकिन पुलिस दबाव में नही आई और उस लड़के पर लाठियां बरसाई। इस गहमागहमी में एक लाठी महिला को भी लग गयी। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

(Jamia Protest Citizenship Amendment Act 2019)  उस वीडियो को दिखा-दिखाकर दिल्ली पुलिस को कोसा जा रहा है, लानत-मलानत भेजी जा रही है। प्रथम दृष्टया वीडियो देखकर लगता भी यही है कि पुलिस जुल्म कर रही है लेकिन सच्चाई इससे इतर है। पहली बात ये की आरोपियों को जब दंगा भड़काना होता है, गाड़ियां फुँकनी होती है, पत्थर फेंकने होतें है तब तक कोई समस्या नही होती है। लेकिन जब पुलिस जवाबी कार्यवाही करती है तो ये ये लौग महिलाओं के पीछे छुप जातें है। गाड़ियां जलाते वक्त ये मर्द बनते है लेकिन जब पुलिस के डंडे पड़ने लगतें है तो महिलाओं को आगे कर देतें है।

ये वीडियो देखकर अचानक बाहुबली फ़िल्म का वो दृश्य याद आ गया जब कालकेय ने बाहुबली के आक्रमण से बचने के लिए गांव के बच्चों-महिलाओं को सामने कर दिया था। मुग़ल भी यही करते थे। पहले गाय काटकर हिंदुओं की भावना भड़काते थे और उसके बाद युद्ध में अपनी जान बचाने के लिए गायों को सेना के आगे बांध देते थे। समझ नही आता ये कैसी बहादुरी है जो औरतों, गायों के पीछे छुपकर दिखाई जाती है। और हम जैसे लौग जो बिना तथ्यों को पहचाने दिल्ली पुलिस को कोसने लग जाते है, हम भी दरअसल इस दुष्प्रचार का हिस्सा बन रहे है, उन्हें मदद पहुंचा रहे है।

देशभर में जो सीएबी का विरोध (Jamia Protest Citizenship Amendment Act 2019) हो रहा है, गाड़ियां फूंकी जा रही है, हंगामा मचाया जा रहा है ये देश को अस्थिर करने की एक बड़ी साजिश है। जनता को पुलिस के खिलाफ भड़काना, प्रशासनिक तन्त्र के खिलाफ भड़काना नक्सली सोच का परिणाम है। दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी यही कर रही है। उनके विधायक अमानतुल्लाह खान पर बसें जलाने का आरोप लगा तो उल्टे इन्होंने दिल्ली पुलिस पर ही बसें जलाने का आरोप मड़ दिया। इस तरह की निम्नतम राजनीति देश पहली बार देख रहा है।

देश के किसी भी नागरिक, चाहे वो हिन्दू हो या मुसलमान, का नागरिकता संसोधन बिल से कोई सीधा वास्ता नही है। सिर्फ मजहबी और राजनीतिक वजहों से इस बिल का विरोध किया जा रहा है। 2 दिन लगातार प्रदर्शन के बाद आज सुबह दिल्ली के जामिया इलाके ने फिर प्रदर्शन शुरू हो गए है। दंगाई बसों को फूकेंगे, सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान करेंगे तो पुलिस क्या चुप बैठी रहेगी? ये सब दुष्प्रचार सिर्फ पुलिस को दबाव में लाने के लिए किया जा रहा है। लेकिन पुलिस को इन सबकी परवाह किये बिना लगातार कार्यवाही करना चाहिए।

महिलाओं, बच्चो, गायों को आगे करना और इनके पीछे छुपकर सहानुभूति बटोरना ये सब पुरानी चालें है। देश को सिर्फ ये समझना है कि इस दुष्प्रचार में न खुद उलझे और न दूसरों को उलझने दे। शांतिपूर्ण विरोध अपनी जगह सही है उसकी कोई मनाही नही है। लेकिन अगर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाए तो पुलिस को आगे आकर एक्शन लेना ही पड़ता है। दिल्ली पुलिस को दंगाइयों से सख्ती से निपटना चाहिए। जनता को ऐसे मुद्दों पर पुलिस के साथ खड़ा रहना चाहिए क्योंकी आज जलती बसों को नही रोका गया तो कल को ये आग आपके घरों तक भी पहुंच सकती है।

                               – सचिन पौराणिक

 

Share.