Talented View : इंदिरा पर भड़की कंगना

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देश मे बलात्कार (Rape) क्यों नही रुकते ये एक ऐसा प्रश्न है (Cartoon On Indira Jaisingh Statement) जिसका जवाब हर बलात्कार (rape)की घटना के बाद तलाशने की कोशिशें की जाती है। लेकिन अगर जवाब ढूंढने की ईमानदारी से कोशिश की जाए तो जवाब बहुप्रचलित निर्भया केस (Nirbhaya Rape Case and Murder)में रोज़ ही सामने आ रहे है। लेकिन हम लोग इतने संवेदनहीन हो चुके हैं कि हमें ये जवाब न दिखाई देते हैं और न ही सुनाई।

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Cartoon On Indira Jaisingh Statement | Political Toon

निर्भया (Nirbhaya) को इस दुनिया से विदा हुए सालों बीतने के बाद भी उसके आरोपियों को हम फांसी नही दे पा रहे। (Cartoon On Indira Jaisingh Statement) लेकिन न्याय व्यवस्था की इस खामी के बाद भी जनता का गुस्सा इस बात से भड़कता है कि कुछ बेशर्म लोग इन हैवानों की पैरवी करने चले आतें हैं और इन्हें माफ करने की गुहार लगातें हैं। इंदिरा जयसिंग (Indira Jaising) जैसी वरिष्ठ वकील और महिला भी अगर इन दोषियों की माफी की वकालत करते दिखाई दें तो हमे रुककर सोचने की जरूरत है कि समाज़ किस दिशा में आगे बढ़ रहा है?

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इंदिरा जयसिंग (Cartoon On Indira Jaisingh Statement) ने निर्भया (Nirbhaya’s mother Asha Devi) की माँ से उनकी बेटी के गुनाहगारों को माफ करने को कहा। ये ख़बर सुनकर हर संवेदनशील हृदय क्रोध से भर उठा। समझ नही आया कि ये कैसी महिला है जो हैवानों का पक्ष ले रही है। जिस निर्भया की मां इंसाफ की आस में पिछले 7 सालों से अपनी जिंदगी का सबकुछ छोड़कर कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट रही है, उनसे इंदिरा जयसिंग ऐसी बेशर्म, ऐसी बात कहने की हिम्मत कैसे जुटा पायी? किसी भी आधार पर इन राक्षसों का पक्ष भला कैसे लिया जा सकता है?

फिल्म अभिनेत्री कंगना (Actress Kangana Ranaut) ने बिल्कुल ठीक कहा है कि अगर इंदिरा जयसिंग (Cartoon On Indira Jaisingh Statement) को इन शैतानो पर इतना ही प्यार आ रहा है तो इनके साथ कुछ दिन जेल में बिताये। ऐसी औरतों की कोख से ही बलात्कारी पैदा होतें हैं। कंगना का गुस्सा असल मे हर उस भारतीय का गुस्सा है जो इन घटनाओं से दुःखी है। बलात्कारियों को सज़ा दिलाना तो दूर लोग उल्टे उनके हमदर्द बने चले आतें हैं, इससे किसी का भी गुस्सा भड़केगा ही। समझ नही आता कि किस एजेंडे के तहत ये लोग काम करतें हैं और देश को किस राह पर ले जाना चाहतें हैं?

अगर निर्भया (Nirbhaya)  की जगह इंदिरा जयसिंग (Cartoon On Indira Jaisingh Statement) की खुद की बेटी के साथ हैवानियत होती तब भी क्या वे बलात्कारियों को माफी की बात कहती? इस किस्म के ये मानवाधिकार वाले सिर्फ बलात्कारियों (rapes) और आतंकवादियों (terrorists) के ही पक्ष में क्यों खड़े होतें है? क्या निर्भया  (Nirbhaya) का कोई मानव अधिकार नही था? क्यों हर बार ये लॉबी सिर्फ अपराधियों का ही बचाव करने उतर जाती है? कभी देश के सैनिकों या महिलाओं के लिए ये मानवाधिकार वाले क्यों सामने नही आते? इस गैंग के इस दोहरे रवैये को हमे समझना होगा।

प्रश्न ये था कि देश मे बलात्कार (Rape) क्यों नही रुकते? उसका जवाब यही है कि जब तक देश मे सुस्त न्याय व्यवस्था और इंदिरा जयसिंग (Cartoon On Indira Jaisingh Statement) जैसे वकील हैं तब तक ऐसे अपराध कभी नही रूकने वाले। बलात्कारियों (rapes) की मदद करने वाला हर शख्स देश की सभी महिलाओं का दोषी है। कंगना का बयान इस मामले में बिल्कुल सही है और उनका समर्थन किया जाना चाहिए। इंदिरा जयसिंग (Cartoon On Indira Jaisingh Statement) जैसी वरिष्ठ वकील किन्तु निर्लज्ज महिलाएं जब तक बलात्कारियों के पक्ष में खड़ी रहेंगी तब तक देश की मातृशक्ति सुरक्षित महसूस नही कर सकती।

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– Sachin Pauranik

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