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Talented View : ‘भारत माता की जय’ बोलिये और खुश रहिए

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कल एक बार फिर पाकिस्तान की कुटाई की गई। घुसपैठियों को भारत में घुसाने के लिए गोलीबारी कर रही पाकिस्तान की सेना की गोलियों से हमारे दो जवान शहीद हो गए थे। सीमावर्ती गांवों में भी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद पाकिस्तान की इस हरकत का जवाब भारत के जवानों ने भारी आर्टिलरी से देना शुरू किया। तोप-गोलों से आतंक के कई लॉन्चिंग पैड्स तबाह कर दिए गए। इस बदले की कार्रवाई में आतंकियों के अलावा कुछ पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए। भारत की इस सख्त कार्यवाही से पाक बौखला गया है।

पाकिस्तान की सेना अब नुकसान छुपाने और अपनी इज़्ज़त बचाने में लग गयी है। पाकिस्तान की समस्या ये है कि कश्मीर से कर्फ्यू हटाने के बाद भी वहां अमन है। इसलिए घाटी में खून बहाने के लिए वो इस बार अफ़ग़ान आतंकी भारत में भेजना चाह रहे थे। बर्फबारी से पहले वो चाहते थे कि आतंकी बॉर्डर पार कर ले। लेकिन भारत को इस साजिश की पहले ही खबर थी। पाक की इस नापाक चाल को भारत ने न सिर्फ विफल किया, बल्कि सीधी कार्यवाही से ये संदेश भी दे दिया है कि पाक में घुसकर हमला करने के अलावा हमे आर्टिलरी से प्रहार करने में भी कोई परहेज़ नही है।

इधर भारत मे आज महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। सीमा पर फ़ौज की कार्यवाही को कुछ नेताओं ने चुनाव से जोड़ दिया। उनका कहना था कि चुनाव को प्रभावित करने के लिये ये कार्यवाही की गई है। ये बात सच भी है की सेना की कार्यवाही का फायदा सत्तारूढ़ दल को मिलता है। लेकिन सवाल ये भी है कि क्या देश के दुश्मनो पर वार चुनाव की तारीखें देखकर किया जाएगा?

भारत मे 29 राज्य है। इनमें विधानसभा के चुनाव के अलावा, नागरिक निकायों के चुनाव, केंद्र के चुनाव, पंचायतों के चुनाव होते ही रहतें है। औसतन हर साल करीब 8 से 10 चुनाव देश मे होते है। इसका मतलब है कि तकरीबन हर माह देश मे कहीं न कहीं, किसी न किसी प्रकार के चुनाव होतें है। अर्थात पाकिस्तान पर प्रहार कभी करो कोई न कोई चुनाव तो इसके आसपास होगा ही। और अगर सेना की कार्यवाही से किसी दल को फायदा मिलता है तो इसमें भला क्या किया जा सकता है?

सेना के शौर्य से अगर वोट मिलतें भी है तो मुझे इसमें कोई बुराई नज़र नहीं आती। वोटों के लिए ही जब कश्मीर में सेना के हाथ से बंदूक हटाकर ‘गुलेल’ पकड़ाई जा सकती है तो पाकिस्तान को पीटकर वोट लेना इससे बेहतर ही है। लेकिन वोटिंग से एन पहले सीमापार कार्यवाही प्रश्न जरूर खड़े करती है। लेकिन ये प्रश्न अगर आपने उठाये तो उल्टे आप ही कटघरे में खड़े कर दिए जाओगे। आपको ‘देशद्रोही’ का सार्टिफिकेट भी जारी किया जा सकता है और पाकिस्तान जाने की मुफ्त सलाह भी दी जा सकती है।

अगर आपको सेना की कार्यवाही में राजनीति नज़र आ भी रही है तो बजाय इसका विरोध करने के चुपचाप आप भी ‘भारत माता की जय’ बोलिये और खुश रहिए। इसी में सबका भला है। जात-पात की राजनीति से सेना के शौर्य की राजनीति बेहतर ही है, ऐसा सोचकर अपने आप को तसल्ली दीजिये। और ये मानकर चलिए की इससे हम राजनीतिक तौर पर आगे ही बढ़ रहे है। देश आगे बढ़ रहा है और सेना के हाथ खोल दिये गए है, पाकिस्तान भीगी बिल्ली बना हुआ है। आप भी कहाँ बेरोज़गारी, जीडीपी जैसे बेकार के मुद्दों में उलझे पड़े है, देशहित मे जोर से बोलिये “भारत माता की जय..!!”

     – सचिन पौराणिक

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