Talented View : यही है इंसाफ

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आज की सुबह वाक़ई में खुशियां लेकर आयी है। सुबह-सुबह खबर आ गयी कि हैदराबाद की पुलिस ने प्रियंका के चारो अपराधियों का एनकाउंटर कर दिया। इस खबर ने देश को एक अलग ही तरह के सुकून से भर दिया। पूरे देश की यही इच्छा थी कि इन हैवानों को ऐसी कड़ी सज़ा मिले जिसके वो हक़दार है। हैदराबाद की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। सभी ये सोचने पर मज़बूर हो गए थे कि ये सब आखिर कब तक चलेगा? कब तक हम ऐसे हैवानियत पर चुप्पी रखेंगे?

Talented View : हिंदुस्तान हिंदुओं का ?

लेकिन हैदराबाद पुलिस ने जो करके दिखाया है उससे इस तरह के अपराधियों से निपटने की एक नई राह दिखाई है। बेशक ये एनकाउंटर फ़र्ज़ी हो सकता है लेकिन उसकी किसी को परवाह नही है। “शठे शाथ्यम समाचरेत” की नीति हमारे पुराणों में बताई गई है। जिन हैवानों ने एक लड़की के साथ बर्बरता की सब हदे लांघ दी उनके साथ ये सलूक बिल्कुल जायज़ है। पुलिस वालों के यहां भी बहन-बेटियां होती है। समाज मे फैल रही इन घटनाओं से वो भी दुखी होते है।

Talented View : हिंदुस्तानी की पहचान

इस कृत्य के लिए पुलिस को साधुवाद, धन्यवाद, लख-लख अभिनंदन। लेकिन अब आगे के लिए भी कुछ सोचना होगा। पुलिस ने  समाज की पुकार सुन ली है लेकिन अब इंतज़ार है कि जज साहब भी अपनी बेटियों की तरफ एक बार देख ले। पुलिस की अंतरात्मा जाग गयी है लेकिन न्यायपालिका की अंतरात्मा कब जागेगी? इस एनकाउंटर की न्यायिक जांच होगी। कानून सम्मत जो भी प्रक्रिया हो वो पूरी हो। लेकिन अगर इस एनकाउंटर की सत्यता सवाल उठाए गए और पुलिस पर कोई कार्यवाही हो तो जनता को पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना होगा।

इस एनकाउंटर पर सवाल उठाने वाले हर शख्स को ये समझ जाना होगा कि वो ऐसा करके सिर्फ अपराधियों के हौसले बुलन्द करेगा। जनता को ये ध्यान रखना होगा कि कौन-कौन पुलिस की इस कार्यवाही पर सवाल उठाने आगे आता है। यकीन मानिए अपना एजेंडा चलाने वाले लौग आगे आएंगे और पुलिस की कार्यवाही पर सवालिया निशान भी लगाएंगे। इन लौगों से जनता को अपने स्तर पर निपटना होगा। इन्हें चिन्हित करके इनकी सच्चाई सबके सामने लाना होगी।

बहन-बेटियों की इज़्ज़त बचने की ये लड़ाई इतनी आसान भी नही रहने वाली। सबसे बड़ा रोल अब न्यायपालिका को निभाना है। पुलिस के इस कदम के खिलाफ कोई भी याचिका को न्यायालय को स्वीकार नही करना चाहिए। न्यायपालिका अगर अपना काम ईमानदारी से कर लेती तो पुलिस को इंसाफ करने की नौबत नही आती। दिल्ली की निर्भया के अपराधी आज भी जैल में मौज काट रहे है। ये हमारी न्यायप्रणाली पर बहुत बड़ा धब्बा है।

Talented View : सरकारी अधिकारी या अपराधी

हैदराबाद पुलिस से प्रेरणा लेकर हर राज्य की पुलिस को इसी प्रकार अपराधियों ने निपटना होगा। सभी बलात्कारियों का ऐसे ही एनकाउंटर होगा तभी परिस्थितियों में कुछ बदलाव आ सकेगा। पुलिस समाज का हिस्सा है और इसी वजह से वो समाज के दुख-दर्द को महसूस कर पाती है। न्यायपालिका भी है तो समाज का ही हिस्सा लेकिन ये जनता के दुख को आज तक नही समझ पाये। अब इन्हें कम से कम जनता के गुस्से को ही समझ जाना चाहिये। पुनः इस एनकाउंटर के लिए पुलिस का अभिनन्दन। हैदराबाद पुलिस के लिए अभी सिर्फ यही कहना है – ” शानदार, जबरदस्त, ज़िंदाबाद”

– सचिन पौराणिक

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