Talented View :उम्मीद 2020

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2020 का आगमन हो चुका (Cartoon On New Year 2020)। नववर्ष, नव प्रभात के साथ अंग्रेजी नववर्ष का देशभर में स्वागत किया गया। शानदार आतिशबाजी और जश्न के साथ साल 2020 के आगमन पर खुशियां मनाई गई। अंग्रेजी नववर्ष के हिसाब से 2020 की शुरुवात हो गई है लेकिन विक्रम संवत में अभी साल 2076 चल रहा है। हिन्दू विक्रम संवत के हिसाब से अपने तीज त्योहार मनातें है। लेकिन आजकल अंग्रेजी कैलेंडर ही ज्यादा काम मे आता है।

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कैलेंडर से याद आया कि आज से नए कैलेंडर भी घरों में लग चूके है (Cartoon On New Year 2020)। घरों में लटकने वाले ये कैलेंडर रोज़ तारीख बदलते है लेकिन एक तारीख ऐसी आती है जो कैलेंडर बदल देती है, वही तारीख आज है। नए साल में सभी के पास नये प्लान है, नये सपने है, नये संकल्प भी है लेकिन साथ ही बीते साल में क्या खोया-पाया के हिसाब भी है। 2019 हर साल की तरह किसी को खुशियां तो किसी को गम दे गया।

राजनीति की बात करें तो 2019 राजनीतिक उथलपुथल से भरा साल रहा। देश धारा 370 हटने और राममंदिर निर्माण के लिए कोर्ट के आदेश जैसे ऐतिहासिक लम्हो का गवाह बना तो नागरिकता संसोधन कानून (Citizenship Amendment Bill 2019)  के आ जाने से शरणार्थियों को भी खुश होने का मौका मिल गया। भारत की नागरिकता लेने को लौग कितने बेकरार है ये भी हमने बीते साल ही जाना क्योंकि अब तक हम यही सोचते थे कि सारी मगजमारी अमेरिका की नागरिकता को लेकर ही होती है।

हर मोर्चे पर पटखनी खा रहे विपक्षी दलों को भी 2019 जाते जातें खुशियों की झलक दे गया। महाराष्ट्र के बाद झारखंड में भी सरकार बनने से विपक्ष के हौसले बुलंद हुए है। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए मजबूत विपक्ष भी जरूरी है। 2019 ने विपक्ष में एक नई जान फूंकी है जिसके नतीज़े आगे देखने को मिलेंगे। 2020 की शुरुआत में दिल्ली और फिर बिहार में विधानसभा चुनाव है। ये दोनों राज्य इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दिल्ली जहां देश की राजधानी है वहीं बिहार देश की राजनीतिक हवा का रुख बतलाता है।

राजनीति (Cartoon On New Year 2020) से इतर साल 2019 कारोबारियों, व्यवसायियों पर भारी रहा। तमाम तरह की परेशानियों से जूझते उनका ये साल बीता है। उम्मीद है कि इस बार सरकार इस वर्ग की समस्याओं को सुनेगी और उस पर ध्यान देगी। क्योंकि ये वर्ग रोजगार पैदा करने वाला होता है। इनके परेशानियों से घिरने पर लाखों लौग और युवाओं का भविष्य दांव पर लग जाता है। मध्य वर्ग के लिए भी ये साल कुछ विशेष नही रहा। सबसे ऊपर का तबका और सबसे नीचे के तबके के लिए ये साल ठीक रहा बाकी सभी जिसमें देश की ज्यादातर जनता आती है, के लिए 2019 में कुछ खास था नही।

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2019 में खुशियां ऐसी मिली जो थी (Cartoon On New Year 2020) तो यथार्थ लेकिन उन्हें कोई छू नहीं पाया,समझ नही पाया और ये जान नही पाया कि इनसे उसके आम जीवन में क्या फायदा हुआ।जबकि परेशानियाँ ऐसी मिली जो उसे सीधे सीधे प्रभावित कर रही थी, जेब हल्की कर रही थी। राष्ट्रवाद की आंधी के बीच आम जनता के छीनते रोजगार की फिक्र किसी को नही है। विपक्ष भी नागरिकता कानून के लिए तो सड़को पर उतरता है लेकिन जनता की बेरोजगारी, गरीबी पर खामोश हो जाता है।

खेर, परिस्थितियां चाहे जो रहे 2020 तो आ चुका है (Cartoon On New Year 2020)। पुरानी यादो और नए वादों के बीच संतुलन बनाने का वही दौर आज फिर से आया है। घोर परेशानियों के सागर में कोई चीज़ जो हमे जिंदा रखती है वो है-‘उम्मीद’। एक उम्मीद के सहारे ही ये देश और दुनिया धके जा रही है। हम भी उम्मीद करतें है कि साल 2020 सभी के लिए उपलब्धियों और संभावनाओं से भरा रहे। सभी के अधूरे सपने पूरे हो और सभी को भरपूर खुशियां मिले। नये साल की आप सभी को हृदय से शुभकामनाएं..!

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-सचिन पौराणिक

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