Talented View : ऑफ-ऑन के बीच फंसा बाज़ार

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धनतेरस के दिन बाजार खचाखच भरे हुए थे। सोने-चांदी से लेकर बर्तनों की दुकानों में पैर रखने की जगह नही बची थी। परंपरागत खरीदारी बाज़ार में भरपूर रही (Cartoon On Diwali 2019)। व्यापारी ऊपर से खुश भी नज़र आ रहे है। लेकिन बीते कुछ सालों के व्यापार से तुलना करने पर उनका दुख छलक पड़ता है। एकाध दिन की रौनक जो बाज़ारो में है पहले वो 15 दिनो तक छायी रहती थी। मंदी के साथ ही ऑनलाइन खरीदारी ने हक़ीक़त में बाजार की कमर तोड़ दी है।

Talented View : जोड़-तोड़ की कुर्सी

कपड़े, गिफ्ट, जूते, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक समान के व्यापार पर मंदी का सबसे ज्यादा कहर टूटा है। ग्रॉफर्स जैसी किराना समान घर तक पहुंचाने वाली कंपनियों का दायरा जैसे ही बढ़ेगा, किराना व्यापार इनकी चपेट में आ जाएगा। ऑनलाइन खरीदारी आज की सच्चाई है जिसे व्यापारियों को समझना चाहिए और स्वीकार भी करना चाहिये। खुदरा व्यापारी जहां किसी वस्तु के दाम 10 रुपये कम करने में भी नोकझोंक करता है वहीं ऑनलाइन कंपनियां भारी डिस्काउंट के साथ घर पहुंच सुविधा भी दे रही है।

इसके अलावा समान पसन्द न आने पर लौटाने की सुविधा भी आसानी से उपलब्ध है। जबकी ऑफलाइन मार्केट का व्यापारी अलबत्ता तो सामान बदलेगा नही, दूसरा बदलेगा भी तो पैसे कभी वापस नही करेगा (Cartoon On Diwali 2019)। उसी दाम का कुछ दूसरा समान आपको वहां से खरीदना पड़ेगा। ग्राहक इन्ही वजहों से आज ऑनलाइन को पसंद कर रहा है। और तटस्थ होकर सोचा जाए तो ग्राहक को जहां ज्यादा सुविधाएं मिलेंगी वहीं से वो खरीदारी करेगा।

भविष्य का मार्केट सिर्फ परम्परागत समान का रह जायेगा या फिर सर्विस देने का या फिर नाई और गाड़ी का पंचर बनाने वालों का। इनका धंधा ऑनलाइन वाले अभी नही छीन सकते। लेकिन इन्हें भी ज्यादा खुश होने की जरुरत नही है क्योंकि भविष्य में ऑनलाइन वाले इनका भी कोई तोड़ निकाल ही लेंगे। यहां समझने वाली बात ये है कि ग्राहक को ऑनलाइन से कोई विशेष लगाव या ऑफलाइन से कोई नफरत नही है। बात सिर्फ सुविधा और किफायत की है।

ऑफलाइन व्यापारी अगर ग्राहकों को कम कीमत पर समान, घरपहुँच सेवा और बिना किचकिच के समान लौटाने की सुविधा दें तो ग्राहक ऑनलाइन छोड़कर इनसे ही समान लेगा। लेकिन ये बात भी सच है कि व्यापारी वर्ग अपने काम का ढर्रा बदलने को तैयार नही है। न ये अपना मार्जिन कम करना चाहतें और न ही ग्राहक को सेवा देने के इच्छुक है। इसलिए ऑनलाइन मार्केट का भविष्य उज्ज्वल है। जल्दी ही ये ऑनलाइन समान डिलीवरी की पहुंच ग्रामीण इलाकों तक हो जायेगी। इसके बाद ऑनलाइन व्यापार नई बुलंदियों को छुयेगा।

Talented View : ऊंट किस करवट बैठेगा

लेकिन इन सबके बाद भी व्यापारियों को दुखी होने की जरूरत नही है। फ्लिपकार्ट, अमेज़न कोई हर समान खुद तो बनाती नही है। ये समान इन्हें कोई व्यापारी ही तो सप्लाय करता है (Cartoon On Diwali 2019)। व्यापारियों को अपने माल की क्वालिटी और दाम पर भरोसा है तो आपके लिए मोहल्ले, शहर से आगे पूरी दुनिया का बाज़ार खुला है। कई व्यापारी जिन्होंने अमेज़न पर समान बेचना शुरू किया है अब उनके पास इतना काम है कि उन्हें फुरसत नही मिल रही है।

काम के तरीके में बदलाव लाकर व्यापारी अपना बिज़नेस बढ़ा सकतें है। ऑनलाइन व्यापार कोई हमारा दुश्मन नही बल्कि मित्र है। अभी फ्लिपकार्ट की ‘बिग बिलियन’ और अमेज़न की ‘ग्रेट इंडियन फेस्टिवल’ में जनता ने इतना समान आर्डर किया है कि अब तक कुरियर वाले इन्हें ग्राहकों तक भिजवा रहे है। हजारों करोड़ की ऑनलाइन खरीदारी करने वाले आप और हम ही है। ग्राहक की आंखों से देखा जाए तो उसके लिए ये युग स्वर्णिम है। आज खरीदारी के जितने विकल्प उपलब्ध है उतने पहले कभी नही थे।

ये बात दीगर है कि आम आदमी की जेब मे पैसे नही है। खरीदने को सारा जहां है लेकिन खाली जेब आदमी भला क्या खरीदेगा? दीवाली पर भी सिर्फ आवश्यक वस्तुएं ही ज्यादा खरीदी जा रही है क्योंकि बाकी चीजों के लिए किसी के पास ‘बजट’ नही बचा है। ऐसा क्यों हुआ है इस पर चर्चा फिर कभी। बहरहाल, इस दीवाली (Cartoon On Diwali 2019) माँ लक्ष्मी से यही प्रार्थना है कि वो देश के जनसामान्य की जेबें पैसे और खुशियों से भर दे। दीपोत्सव की आप सभी को शुभकामनाएं। सभी स्वस्थ रहे, व्यस्त रहे और खुश रहें..!

Talented View : देश की दुश्मन दोहरी मानसिकता

          – सचिन पौराणिक

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