Talented View : कांग्रेस के नेता – कांग्रेस के दुश्मन

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महज कुछ राज्यों में सिमट चुकी कांग्रेस लगता है अब भी कोई सबक सीखने के मूड में नही है। कांग्रेस नेताओं के उलजुलूल बयान पार्टी के लिये बड़ा खतरा बनते जा रहे है। गुलाम नबी आज़ाद, अधिरंजन चौधरी, मणिशंकर अय्यर के बाद अब आवाज़ उठी है मध्यप्रदेश से। यहां के एक वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार पाकिस्तान पर पुनः सर्जिकल स्ट्राइक कर सकती है।

Talented View : एक नई क्रांति- फिट इंडिया मूवमेंट

सज्जन सिंह का कहना है कि कश्मीर में स्कूल में फायरिंग हो रही है वहां का कोई ख़ुफ़िया इनपुट सरकार के पास क्यों नही आता? गुजरात के कच्छ और कांडला के रास्ते आतंकी हमले का इनपुट ये दिखाता है कि अबकी बार सर्जिकल स्ट्राइक समुद्र में हो सकती है। सज्जन सिंह जैसे नेता के मुह से ऐसी बात यही संदेश देती है कि कांग्रेस नेता हताशा में पूरी तरह डूब चुकें है। आतंकी हमले के इनपुट तक को भी ये लौग सियासी चश्में से देख रहे है।

हम पहले से कहतें आये है कि देश की सुरक्षा के मुद्दे पर कोई राजनीति नही होना चाहिये। किसी भी दल को ऐसा कोई बयान नही देना चाहिए जिससे दुश्मन का भला हो। सज्जन सिंह को समझना चाहिए कि पाकिस्तान को मारना अगर चुनाव जीतने की ग्यारंटी है तो कांग्रेस ये बात समझ क्यों नही पा रही है? जब कांग्रेस पर अक्सर “प्रो-पाकिस्तानी” होने का लगता है तो उसके बाद भी वो लगातार ऐसे बयान क्यों देतें है जिससे पाकिस्तान का फायदा हो। कल ही पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में राहुल गांधी के बयान का जिक्र कर दिया। क्या कांग्रेस को इस पर आत्ममंथन करने की जरूरत नही है?

Talented View : जो गरजते हैं वो बरसते नहीं

समुद्री रास्ते से मुम्बई पर आतंकी हमला देश देख चुका है। अगर सरकारे इस बार पहले से अलर्ट है तो इसमें किसी को क्या आपत्ति होना चाहिये? पाकिस्तान को मारकर देश की सुरक्षा होती है तो ये काम हर सरकार को करना चाहिये। इसमें विरोध कैसा? दिक्कत ये है कि सरकार का विरोध करते करते कांग्रेस के नेता लक्षमण रेखा लांघकर पाकिस्तान की भाषा बोलने लगतें है। जनता को ये बातें खलती है और कांग्रेस राज्य दर राज्य सत्ता से बाहर होती चली जाती है।

लेकिन आश्चर्य इस बात पर होता है कि अपना घर जलता देख भी कांग्रेस नेता पानी डालकर आग बुझाने की जगह पेट्रोल डालकर आग को भड़काने का ही काम कर रहे है। सज्जन सिंह को सोचना चाहिए कि उनकी ऐसी बेतुकी बातों से भला कौन देशप्रेमी खुश होगा? आपको वोट हिंदुस्तान की जनता से चाहिए या पाकिस्तान की जनता से? कांग्रेस हिंदुस्तान की पार्टी है या पाकिस्तान की? पाकिस्तान के सुर में कांग्रेस नेताओं के सुर क्यों मिलते दिखाई देतें है?

Talented View :  सद्भावना की मिसाल या दिखावा ?

अगर चुनाव के नज़रिए से ही सोचा जाए तब भी तुष्टिकरण की राजनीति करके चुनाव जीतने से पाकिस्तान को मारकर चुनाव जीतना एक बेहतर रास्ता है। 2014 तक आप सत्ता में थे, क्यों नही मारा आपने पाकिस्तान को? अब दूसरा दल मार रहा है तो आप क्यों बिलबिला रहे है। जनता तो बरसों से यही चाहती थी कि पाकिस्तान का मुकम्मल इलाज़ किया जाए। इस सरकार के दौरान जनता ये होते हुए देख रही है तो इसके बदले में जनता सरकार को आशीर्वाद भी दे रही है। कांग्रेस को वापसी करना है को अल्पसंख्यक तुष्टिकरण को भूलकर उग्र राष्ट्रवाद का दामन थामना ही पड़ेगा। ऐसा नही होता है तो कांग्रेस का पराभव और शीघ्रता से देखने को मिलेगा।

 

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