Talented View :  संसद में बिल संग्राम

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नागरिकता संसोधन बिल आखिर लोकसभा से पास हो ही गया। लोकसभा में सरकार के पास बहुमत था इसलिए भारी विरोध के बीच भी बिल को पारित करवाने में कोई अड़चन नही आयी। इस बिल का विरोध करने वाली पार्टियों ने भी इसके पक्ष में वोटिंग करके सभी को हैरान कर दिया। सबसे ज्यादा चौंकाया जनता दल यूनाइटेड ने। शुरुवात से ही इस बिल को धर्म पर आधारित बताने वाले नीतीश कुमार ने पलटी मारते हुए सदन में बिल के पक्ष में मतदान कर दिया।

Talented View : उन्नाव के जले का घाव

जदयू के साथ ही शिवसेना ने भी इस बिल का समर्थन करके हैरान किया। कांग्रेस, एनसीपी के साथ हुए कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित बताकर देशहित में शिवसेना ने लोकसभा में इसके पक्ष में वोट किया। इस बिल का विरोध करने वालो में मुख्यतः कांग्रेस, एनसीपी, टीएमसी, एआईएमआईएम जैसे दल शामिल रहे। कल इस बिल को राज्यसभा मे रखा जाना है। संसद के उच्च सदन में भी अगर भाजपा विपक्ष की किलेबंदी को तोड़ने में कामयाब रही तो ये बिल कानून बन जायेगा।

 Talented View : यही है इंसाफ

राज्यसभा में सरकार के पास बहुमत नहीं है। लेकिन विरोधी दलों के बिखराव के चलते लग रहा है कि सरकार इसे वहां भी पास करवा लेगी। अगर ऐसा नही होता है तो दोनों सदनों का जॉइंट सेशन बुलाकर या फिर अध्यादेश लाकर भी इस बिल को पास कराने का विकल्प सरकार के पास है। इससे पहले इस बिल को सदन के पटल पर रखते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर करारा हमला बोला। इस बिल को संविधान की भावना के खिलाफ बताने वालों का उन्होंने तथ्यों के साथ जवाब दिया।

लोकसभा में इस दौरान कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी समेत कई सांसद हंगामा करते रहे। लेकिन आधी रात को इस बिल को वोटिंग द्वारा आसानी से पास करवा लिया गया। बिल के पक्ष में 311 जबकि विपक्ष में मात्र 80 वोट गिरे। ईस बिल के राज्यसभा में पारित होने के बाद पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश जैसे देशों से भारत मे आने वाले हिन्दू, बौद्ध, पारसी और क्रिश्चियन शरणार्थियों को भारत की नागरिकता आसानी से मिल जाएगी। जबकि मुस्लिमो पर रोक लगा दी जाएगी क्योंकि सरकार ऐसा मानती है कि मुस्लिम देशों में मुस्लिमो का धार्मिक शोषण संभव नही है।

Talented View : हिंदुस्तानी की पहचान

इस बिल की भावना यही है कि भारत की सीमाओं को षड्यंत्रपूर्वक की जाने वाली घुसपैठ से सुरक्षित किया जाए। भारत में पहले से करोड़ो बांग्लादेशी और रोहिंग्या अवैध रूप से रह रहे है। इस बिल के बाद नए घुसपैठियों से देश को मुक्ति मिल जायेगी। तुष्टिकरण की रजनीति का चश्मा हटाकर देखें तो ये बिल जरूरी भी है और देशहित में भी है। क्योंकि हमारा देश कोई धर्मशाला तो है नही की कोई भी यहां आकर रहने लगे। कल उम्मीद है कि ये बिल राज्यसभा में भी पास हो जाये जिससे देश की सीमाओं को सुरक्षित किया जा सके और घुसपैठ पर मुकम्मल लगाम कसी जा सके।

           – सचिन पौराणिक

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