Talented View – दहशत का कोई धर्म नहीं

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कहतें है आतंकवाद (Cartoon On Bhagwa Aatankwad) का कोई धर्म या मजहब नही होता। लेकिन ऐसा कहने वाले भी मन में ये जरूर समझतें हैं कि असलियत में ऐसा नही है। आतंक की हर वारदात के पीछे किसी मजहब का कनेक्शन जरुर होता है। ISIS जैसे दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठन के नाम मे ही ‘इस्लामिक स्टेट’ स्पष्ट लिखा हुआ है। दुनिया में कहीं भी आतंक की वारदात होती है तो उसकी जड़ में कहीं न कहीं मजहबी कट्टरता की भावना छुपी होती है।

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लेकिन एक ऐसा धर्म जिसका आतंकवाद (Cartoon On Bhagwa Aatankwad) से कोई लेना-देना ही न हो उस पर आतंकवाद का ठप्पा लगाने के लिये कैसी-कैसी साजिशें रची जाती हैं इसका खुलासा मुम्बई के पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया ने किया है। अपनी किताब ‘लेट मी से इट नाउ’ में मारिया ने 26/11 के मुंबई हमले पर सनसनीखेज खुलासे किए हैं। मारिया के अनुसार पाकिस्तान की साजिश थी कि ताज़ होटल पर हमले में ‘हिन्दू आतंकवाद’ की थ्योरी गड़ी जाए और हिंदुत्व पर आतंकवाद का ठप्पा लगा दिया जाए।

इसके लिए आतंकी (Cartoon On Bhagwa Aatankwad)  अजमल कसाब (Ajmal Kasab) को बाकायदा एक हिन्दू के रूप में पहचान दी गयी थी। उसके हाथ मे कलावा बांधा गया था और उसका नाम समीर चौधरी रखा गया था। प्लानिंग ये थी कि इस हमले के जवाब में कसाब भी मारा जाएगा और उसकी लाश पर ‘हिन्दू आतंकवाद’ की एक काल्पनिक थ्योरी गढ़कर हिंदुत्व को दुनियाभर में बदनाम किया जाएगा। ये साजिश कितनी बड़ी थी उसका अंदाज़ इस बात से लगाइए की कांग्रेस नेता दिग्विजयसिंह ने मुंबई हमले पर हिंदूवादी शक्तियों का हाथ होने को लेकर एक किताब का विमोचन भी कर दिया था, कांग्रेस के युवराज विदेश में भारत को पाकिस्तान से ज्यादा खतरा हिंदुत्व से बता आये थे और तत्कालीन गृहमंत्री सुशील शिंदे भी ‘भगवा आतंकवाद’ पर लगातार बयान दे रहे थे।

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हिंदुत्व और भगवा पर ‘आतंक’ (Cartoon On Bhagwa Aatankwad)  का ठप्पा लगाने की प्लानिंग कामयाब हो भी जाती अगर भारत का एक वीर पुलिस सिपाही तुकाराम ओम्बले अपनी जान गंवाकर भी कसाब को ज़िंदा न पकड़ पाता। तुकाराम ने ड्यूटी निभाने के लिए अपनी जान की बाज़ी लगा दी और खुद गोलियां खाकर भी कसाब को ज़िंदा पकड़ लिया। कसाब के पकड़े जाने से ये बड़ी साजिश नाकामयाब हो गयी। लेकिन मारिया के अनुसार बात यहीं खत्म नही हुई। इसके बाद भी कसाब को मारने के लिए सुपारी दी गयी थी। लेकिन मारिया ने कसाब की सुरक्षा को सुनिश्चित किया और उससे सारे राज़ उगलवाये।

जब मुम्बई हमला हुआ था तब मारिया ही पुलिस कमिश्नर थे इसलिए उन्होंने इन घटनाओं को बेहद नजदीक से देखा था। उनकी इस किताब से ये स्पष्ट हो जाता है कि हिंदुत्व के खिलाफ कितनी बड़ी साजिशें रची जा रही है। अगर ये साजिश कामयाब हो जाती तो हिंदुत्व के साथ ही देश की कितनी बड़ी बदनामी होती इसकी कल्पना भी नही की जा सकती। जो हिंदुत्व दुनिया मे सबसे ज्यादा सहनशील है उसके खिलाफ हो रहे ऐसे षड्यंत्रों को समझना बहुत जरूरी है।

ऐसी ताकतें जो खुद आतंकवाद (Cartoon On Bhagwa Aatankwad)  में डूबी हुई है, वो अपनी हरकतें सुधारने के बजाय अब दूसरों पर झूठे आरोप लगाने के जुट गई है। हिंदुत्व पर हमला इस देश की आत्मा पर हमला है। इस बहुत बड़ी साजिश के खुलासे पर अब दिग्विजय सिंह, सुशील कुमार शिंदे और राहुल गांधी को जनता के सामने आकर माफी मांगना चाहिये। और केंद्र सरकार को मारिया के इन खुलासों पर हाई लेवल जांच करानी चाहिए जिससे दोबारा ऐसी साजिशें न हो सके।

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– Sachin Pauranik

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