Talented View : बाबा रामदेव से लाला रामदेव

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बहुत दिन बाद बाबा रामदेव (Cartoon On Baba Ramdev) फिर मीडिया से रूबरू हो रहे है। दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) से लेकर राष्ट्रवाद तक हर मुद्दे पर बाबा खुलकर अपनी बात रख रहे हैं। बाबा रामदेव (Baba Ramdev) की कंपनी इंदौर (Indore) की रुचि सोया का अधिग्रहण कर रही है और बाबा खुद दीपिका के सलाहकार बनने में ‘रुचि’ दिखला रहे है। लेकिन बाबा की बोली में 2014 से पहले और उसके बाद में काफी अंतर आ गया है। पहले बाबा बेबाक बात करते थे लेकिन अब उनकी बातें भी उनके उत्पादों की ही तरह ही संदिग्ध हो गयी है।

 

दो-तीन दिन पहले दांत में थोड़ा दर्द हुआ (Cartoon On Baba Ramdev) । तब अचानक एक मित्र की माताजी को हुए दांत दर्द की वो बात याद आ गयी जब डॉक्टर ने उन्हें बताया था कि माताजी पतंजलि को छोड़कर कोई भी टूथपेस्ट (toothpaste) इस्तेमाल कर लीजिए। मैने भी तत्काल यही उपाय आजमाया। मात्र पेस्ट बदलने से ही दाँत दर्द में अब इतना आराम है कि याद ही नही रहा कि दर्द था भी। जबकि जहां तक मुझे याद है पतंजलि (Patanjali)की शुरुवात में सबसे ज्यादा पसंद उनके टूथपेस्ट को ही किया गया था।

 

खेर, बाबाजी (Cartoon On Baba Ramdev) बदल गए हैं इसमें कोई शक नही। बाबा रामदेव को अब लोग ‘लाला रामदेव’ (Lala Ramdev) कहने लगे हैं तो इसके पीछे कई वजहें है। शून्य पर शून्य लगाकर विदेशों में जमा कालेधन के जिन आंकड़ों को समझाने का प्रयास बाबा किया करते थे अब भूले से भी उनका नाम नही लेते। बाबाजी बतलाते थे कि विदेशों में जमा कालाधन भारत आया तो पेट्रोल 30-40 रुपये लीटर हो जाएगा और डॉलर का दाम रुपयों के मुकाबले तकरीबन आधा रह जायेगा।

 

लेकिन अब बाबाजी (Cartoon On Baba Ramdev) कह रहे हैं कि अर्थव्यवस्था ख़राब है तो मोदीजी खुद जाकर तो खेतों में हल नही चला सकते। हम लोग हमेशा नकारात्मक चीज़ों का रोना रोते रहते है जबकि हमे सोचना चाहिए कि देश कैसे आगे बढ़ेगा। मोदी (Modi government) खुद तो खेतों में हल जोतेंगे नही या कोई कंपनी खोलेंगे। रामदेव जी के इस बयान पर मुझे कोई अचरज नही हुआ। क्योंकि समस्याएं उसे दिखाई देती हैं जो उनसे रूबरू होता है। बाबाजी का धंधा सही चल रहा है। हजारों एकड़ जमीन उन्हें मुफ्त मिलती है, बाबा भी स्कूल, कॉलेज खोलने में लगे हुए हैं और सरकार भी उनके समर्थन वाली ही है।

 

रुचि सोया को 5 हजार करोड़ लगाकर खरीदने वाले को आर्थिक समस्याएं हो भी कैसे सकती है। इसलिए रामदेव (Cartoon On Baba Ramdev) को सबकुछ सही लग रहा है तो ये बिल्कुल जायज़ हैं कि वो ऐसी ही बातें करें। काले धन और बाकी बड़ी बातें तभी तक थी जब खुद का साम्राज्य नही खड़ा हुआ था। व्यापारियों को वैसे ही तमाम मुसीबतें होती हैं ऐसे में विवादित मुद्दों से दूर रहने में ही भलाई है। लेकिन लगता है रामदेवजी समस्याओं से निपटना सीख गए हैं तभी वो दीपिका के भी सलाहकार बनने को तैयार है।

 

लेकिन व्यंग्य से इतर ये सोचना चाहिये कि मनमोहन के जादू की छड़ी वाले बयान और रामदेव के मोदी खुद हल नही चला सकते के बयान में भला क्या अंतर है? ऐसी टिप्पणियां क्या ये नही दर्शाती कि रामदेव (Cartoon On Baba Ramdev) ज़मीन से कट चुके हैं और सिर्फ हवाई किले बना रहे है? मोदी को डिफेंड करने की बजाय उन्हें अपने टूथपेस्ट की क्वालिटी पर ध्यान देना चाहिए। कोलगेट आज फिर से खड़ा हो गया है तो इसके पीछे सिर्फ मार्केटिंग नही पतंजलि की गिरती क्वालिटी भी वजह है। लेकिन बाबा का ध्यान लगता है अभी कहीं और है। जब तक वे वापस इस तरफ ध्यान देंगे तब तक कहीं देर न हो जाये..!

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