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Talented View : अयोध्या में बनेगा राम मंदिर

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अद्भुत, अविस्मरणीय, बहुप्रतीक्षित और भावुक कर देने वाला पल। जिस राम के नाम को कंठ में रखकर देश का बहुसंख्यक अपने जीवन की शुरुआत से लेकर अंत तक की यात्रा करता है, उन्हीं प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण की राह आज प्रशस्त हो गई है। अयोध्या (Ayodhya Ram Mandir Verdict) मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि विवादित जमीन पर सिर्फ और सिर्फ भगवान राम का हक है। उनके मंदिर निर्माण का कार्य अब शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा।

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सुप्रीम कोर्ट के विवेकपूर्ण नतीजे से एक बार साफ हो गया कि भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं। दुनियाभर में बसे कोटि-कोटि सनातनधर्मी आज अपने जीवन को धन्य महसूस कर रहे हैं। कल देव दीपावली थी, लेकिन आज उससे भी बड़ी दीपावली मनाई जाएगी। भगवान राम (Ayodhya Ram Mandir Verdict) के भव्य मंदिर के दर्शन करने के लिए तरस रहे करोड़ों श्रद्धालुओं को आज जो खुशी महसूस हो रही है, वो अकल्पनीय है।

आज बच्चे-बच्चे की ज़ुबान पर ‘जय श्री राम’ के नारे के साथ अप्रतिम आभा भी दिखलाई दे रही है। चौराहों, गलियों में वैसे तो पुलिस का पहरा है, लेकिन उसके बाद भी पटाखों की आवाज़ बयां कर रही है कि ये खुशियां छुपाना बड़ा मुश्किल है। आज घरों में फिर दिए जलाए जाएंगे और मंदिरों में भगवान की भव्य आरती होगी। धारा 144 लागू है, लेकिन शांतिपूर्ण ढंग से अपनी खुशी जाहिर की ही जा सकती है।

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धारा 370, तीन तलाक, सर्जिकल स्ट्राइक के बाद नरेंद्र मोदी के मुकुट में राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir Verdict) का जो हीरा जड़ा है, उससे भारतीय राजनीति के इतिहास में उनका नाम स्वर्णाक्षरों में सदा के लिए अंकित हो गया है। नरेंद्र मोदी के सामने आज विपक्ष इतना बौना दिखाई देता है कि लगता नहीं आने वाले दशक में भी कोई उनके एकाधिकार को चुनौती दे पाएगा। राममंदिर का निर्माण ऐसा भागीरथी कार्य है जो मोदी-योगी-शाह की तिकड़ी के रहते ही अंजाम दिया जा सकता था।

देश के अल्पसंख्यक समाज को भी आज बधाई देना होगी कि शांति के साथ उन्होंने इस आदेश को स्वीकार किया है। उन्होंने भी ये मान लिया था कि अयोध्या प्रभु राम का धाम है और मस्जिद अन्यत्र कहीं बनाई जा सकती है। इसी शांति के साथ अल्पसंख्यक मंदिर निर्माण के लिए खुशी जाहिर करेंगे तो इससे  देश की गंगा-जमुनी संस्कृति मजबूत होगी।अपने समाज मे फैले अराजक और हिंसा भड़काने वाले तत्वों को उन्हें पहचानना होगा और शांति-भाईचारे के किये प्रतिबद्ध रहना होगा।

आज के फैसले के लिए मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई जी का धन्यवाद। उन्होंने जिस समझदारी के साथ ये निर्णय सुनाया उससे उनके साथ ही देश की न्यायपालिका का सम्मान भी करोड़ों देशवासियों की नज़रों में बढ़ गया है। इस निर्णय में शामिल सभी लोगों चाहे वे आर्कियोलॉजिकल सर्वे वाले हों, वकील हों, जज हों, सरकार हो, पुलिस प्रशासन हो, सभी का देशवासियों की तरफ से आभार। सबसे ज्यादा धन्यवाद देश की सरकार का, क्योंकि दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के बिना ये कार्य असंभव था।

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– सचिन पौराणिक

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