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Talented View : जीत की रणनीति

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गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि अगले आमचुनाव याने की 2024 से पहले देश से सभी घुसपैठियों को बाहर के दिया जाएगा। इसका मतलब साफ है कि ये भाजपा को चुनाव जिताने वाला दांव हो सकता है। इसके अलावा अमित शाह के तरकश में कई ऐसे तीर है जिसे चलाकर वो किसी भी चुनाव की दिशा बदल सकतें है (Cartoon On Rafale Shastra Puja)। जैसे राममंदिर, समान नागरिक संहिता, पाकिस्तान पर फिर स्ट्राइक, काले धन पर कोई बड़ा निर्णय, पीओके पर कब्ज़ा, चीन के सीपीईसी को रोकना, पाकिस्तान के टुकड़े करना, जन आरोग्य योजना के दायरे को बढ़ाना।

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ये तमाम तीर ऐसे है जिन्हें चलाने पर सफलता की ग्यारंटी है। अगर किसी तीर का निशाना चूक भी जाये तब भी दूसरा तीर अपना काम कर लेगा। 2024 का चुनाव जीतने के लिये कई प्लान भाजपा तैयार कर चुकी है (Cartoon On Rafale Shastra Puja)। इसके विपरीत मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर नज़र डाली जाए तो वो अंदरूनी कलह, आपसी खींचतान और कोर्ट-कचहरी के चक्करों से आगे बढ़ने का सोचने की स्थिति में भी नही है। रोज़ उनके किसी नेता के ऐसे बयान आते है जो ये इशारा करतें है कि पार्टी के हालात चिंताजनक हो चुके है।

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राहुल गांधी आज गुजरात में कोर्ट में पेश हुए। उनके ऊपर आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया गया था। 2019 के आमचुनाव में उन्होंने कहा था कि सभी ‘मोदी’ उपनाम वाले चोर होतें है। राहुल का इशारा नीरव मोदी, ललित मोदी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ था। लेकिन देश मे रहने वाले बाकी मोदी इस बयान से गुस्से में थे। गुजरात मे इसी बयान को लेकर उन पर मानहानि का केस दर्ज किया गया था। आज राहुल गांधी कोर्ट में पेश हुए और कहा कि उन्होंने कुछ गलत नही कहा है। इन मामले में कोर्ट ने अगली तारीख दे दी है।

चुनाव में ऐसे बयान हर दल के नेता द्वारा दिए जातें है। लेकिन भाजपा (BJP) ऐसे बयानों पर कांग्रेस को घेर लेती है जबकि कांग्रेस वाले सिर्फ मुह ताकते रह जातें है। भाजपा चुनावी प्रचार से अलग भी नेहरू, गांधी को हमेशा निशाने पर लेती है, उनके बारे में अपशब्द तक कहे जातें है लेकिन कांग्रेस वाले अपने नेताओं का बचाव तक नही कर पाते। कपिल सिब्बल, अभिषेक सिंघवी, सलमान खुर्शीद जैसे कानून के जानकार और वकीलों के होते भी कांग्रेस इतनी लाचार क्यों बन जाती है?

अपने शीर्ष नेताओं की इज़्ज़त तार-तार होती देख भी कांग्रेस (Congress) नेता चुप रह जातें है। एक केस भी इनसे दर्ज नही हो पाता। लेकिन भाजपा वाले राहुल गांधी को हर मुद्दें पर कोर्ट की चौखट तक घसीट लातें है। राहुल गांधी अपने साथ कांग्रेस की इज़्ज़त भी कोर्ट में गिरवी रख आतें है। माँ-बेटे की आपसी खींचतान में पार्टी का सत्यानाश हो रहा है लेकिन गुटबाज़ी है कि थमने का नाम नही ले रही है। कांग्रेस के बड़े-बड़े वकील न भाजपा पर केस दर्ज करवा पातें और न ही अपने नेता की इज़्ज़त बचा पातें है।

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सलमान खुर्शीद ने कल ही कांग्रेस की महाराष्ट्र और हरियाणा में हार की भविष्यवाणी की तो ज्योतिरादित्य ने भी कांग्रेस को आत्मावलोकन की सलाह दे डाली। सार्वजनिक मंचो से ऐसी बातें सुनने को मिल रही है इसका मतलब है कि पार्टी फोरम पर अब भी किसी को बात नही रखने दी जा रही है। ये हालात कांग्रेस के लिए आत्मघाती साबित होंगे। कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं के गिरते मनोबल को देखकर यही कहा जा सकता है कि अपने जन्म से लेकर अब तक कांग्रेस सबसे बुरे दौर में पहुंच चुकी हैं। ऐसा ही चलता रहा तो कांग्रेस धीरे-धीरे स्वतः खत्म हो जायेगी।

– सचिन पौराणिक

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