Talented View  : मुश्किल में कांग्रेस का वजूद!

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सर्वप्रथम सुषमा स्वराजजी को श्रद्धांजलि। सुषमाजी के यूँ असमय अलविदा कह देने से भारतीय राजनीति को गहरा धक्का लगा है। उनके जाने के महज कुछ घंटों पूर्व किया गया ट्वीट ये बताने के लिए पर्याप्त है कि इहलोक की उनकी कोई इच्छा शेष नहीं रह गयी थी। कश्मीर से धारा 370 (Article 370 Remove) हटाने का ख्वाब हर सच्चे भारतीय का था। उनका ट्वीट पढ़ते समय किसी को ये नही पता था कि ये उनका आखिरी ट्वीट होगा। खैर, होनी को कौन टाल सकता है। सुषमाजी को एक बार फिर हृदय से आदरांजलि!

Talented View : अनुच्छेद 370 मुक्त कश्मीर

बीते 2 दिनों से संसद एक अलग ही रंगत में है। पक्ष-विपक्ष के बीच मजेदार बहस के गवाह संसद के दोनों सदन बन चुके हैं। कल लोकसभा में कारगिल के सांसद जमयांग सेरिंग नामग्याल ने जो उद्बोधन दिया वो सोशल मीडिया में छाया हुआ है। इस युवा सांसद ने दिल से लद्दाख की बात रखी और कश्मीर पर पार्टियों के दोहरे रवैये पर करारे प्रहार किये। इसके अलावा कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ( Adhir Ranjan Chowdhury) ने एक बार फिर अपने वाहियात बयान से कांग्रेस को बगलें झांकने पर मजबूर कर दिया।

आर्टिकल 370 मामले पर कांग्रेस के दिग्गज नेता जनार्दन द्विवेदी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मिलिंद देवड़ा, प्रमोद कृष्णन जैसे अनेक नेताओं ने पार्टी लाइन से हटकर सरकार के कदम का समर्थन किया। 370 पर इस फैसले का जहां सीधा प्रभाव पड़ने वाला है, मतलब जम्मू, लद्दाख और कश्मीर, अब वहां के हालात टटोलते हैं। जम्मू में जनता 370 हटने का जश्न मना रही है, लद्दाख को केंद्र शासित राज्य बनाने की मांग वहां की जनता लंबे समय से कर रही थी, इसलिए वहां भी उल्लास का माहौल है। कश्मीर में चूंकि अभी कर्फ्यू के हालात है इसलिए वहां की जनता इसे कैसे लेगी ये अभी तक तय नहीं है।

Talented View : क्या कश्मीर मे कुछ बड़ा होने वाला है ?

इन तीन हिस्सों के अलावा पूरे देश में धारा 370 हटने की खुशी आम जनता मना रही है। देश का सामान्य जनजीवन पूरी तरह सामान्य है, बल्कि उल्लासित है, लेकिन कांग्रेस के सर्वोच्च नेता राहुल गांधी 370 पर सरकार को खरी-खोटी सुना रहे हैं। गुलाम नबी आज़ाद वही बातें दोहरा रहे हैं, जो महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला जैसे नेता कहते आ रहे हैं। उसके बाद अधिरंजन चौधरी ने तो वो कह डाला जो पाकिस्तान भी कहने की हिम्मत नही कर पा रहा है।

चौधरी ने कश्मीर को भारत का आंतरिक मामला मानने से ही इनकार कर दिया और इसमें भी संयुक्त राष्ट्र का हस्तक्षेप बता दिया। उनकी ये बातें सुनकर सोनिया गांधी भी असहज हो गई और पीछे बैठे सांसदों से इस बारे में नाराजगी जताई। अमित शाह ने भी मामले पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए उनसे पूछ लिया कि क्या ये कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक बयान है? इसके बाद अधिरंजन ने बातों को घुमाते हुए परिस्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन तब वो कांग्रेस की मिट्टी पलीत कर चुके थे।

Talented View : श्री श्री के बस की नहीं इतिश्री!

कांग्रेस (Congress) अब ऐसी पार्टी बनने की तरफ अग्रसर होती जा रही है जो जनभावनाओं को समझने में पूरी तरह नाकाम है। जनता देश से जुड़े मुद्दों पर राजनीति नहीं चाहती, जबकि कांग्रेस राजनीति करने का कोई मौका छोड़ना नही चाह रही। 370 मामले पर विपक्षी दलों ने भी जहां सरकार के इस कदम का समर्थन किया वहीं कांग्रेस आज भी अपने पुराने घिसे-पिटे स्टैंड पर कायम है। इन्हें समझ नही आ रहा है कि कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है, इन्हें सिर्फ कश्मीर में नही अपितु पुरे देश मे चुनाव लड़ना है। इस तरह अलगाववादी ताकतों के साथ खड़े रहना राष्ट्रीय दल को शोभा नही देता है। कहना होगा कि कांग्रेस इसी तरह से चलती रही तो अगले चुनाव में पार्टी को दहाई के अंक तक पहुंचने के लिए भी एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ जायेगा।

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